दिल्ली बजट 2022 : खपत बढ़ेगी तभी पैदा होंगी नौकरियां, सिसोदिया ने बताया हर साल चार लाख लोगों को रोजगार का फॉर्मूला
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दिल्ली सरकार ने अपने रोजगार बजट में अगले पांच साल में 20 लाख प्राइवेट नौकरी देने की बात कही है। इसकी कार्ययोजना भी सरकार ने तैयार की है। अनुमान है कि पांच साल में इस पर 4,500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वित्त वर्ष 2022-23 के लिए 800 करोड़ रुपये का प्रावधान बजट में वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने किया है।
दिल्ली सरकार ने अगले पांच वर्षों में दिल्ली की कामकाजी आबादी के प्रतिशत को 33 प्रतिशत से बढ़ाकर 45 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है। नए रोजगार सृजित करने के लिए खुदरा क्षेत्र, खाद्य और पेय पदार्थ, रसद और आपूर्ति शृंखला, यात्रा और पर्यटन, मनोरंजन, निर्माण, रियल एस्टेट और हरित ऊर्जा की पहचान की गई है।
वित्त मंत्री ने बताया कि दिल्ली की 1.68 करोड़ की आबादी में से केवल 55.87 लाख लोगों के पास ही रोजगार है। इसी एक तिहाई कामकाजी आबादी के कंधों पर बाकी की दो-तिहाई आबादी की जिंदगी चलाने की जिम्मेदारी है, जबकि दुनिया के विकसित महानगरों में कामकाजी आबादी 50 फीसदी से ऊपर है। सिंगापुर में तो यह आंकड़ा 67 फीसदी के करीब है।
दिल्ली में रोजगार सृजन की कार्ययोजना पेश करते हुए सिसोदिया ने कहा कि बाजार में मांग पैदा करके ही नई नौकरियों का सृजन किया जा सकता है। भारत की जीडीपी का 60 फीसदी हिस्सा आम लोगों के खर्च पर आधारित है। वैश्विक अनुभव भी इसी तरफ इशारा करता है। 1945-1968 के बीच अमेरिका में मांग पैदा करने के लिए मजदूरी चार गुना बढ़ा दी गई थी।
आठ सेक्टर की पहचान
- खुदरा क्षेत्र
- खाद्य और पेय पदार्थ
- रसद और आपूर्ति शृंखला
- यात्रा और पर्यटन
- मनोरंजन
- निर्माण
- रियल एस्टेट
- हरित ऊर्जा
गांधीनगर मार्केट से 40 हजार रोजगार
गांधीनगर रेडीमेट गारमेंट को सरकार ग्रैंड गारमेंट हब के रूप में विकसित करेगी। री-ब्रैंडिंग, मार्केटिंग और री-पोजिशनिंग कर इस बाजार से अगले पांच साल में रोजगार के 40 हजार से अधिक नए अवसर प्राप्त होंगे। इस बाजार से फिलहाल रोजगार के 1 लाख प्रत्यक्ष और 2-3 लाख अप्रत्यक्ष अवसर पैदा होते हैं। इस बाजार का प्रतिदिन का टर्न ओवर 100 करोड़ रुपये से अधिक है।
रोजगार सृजित करने की कार्ययोजना
- दिल्ली के मशहूर रिटेल मार्केट्स के लिए रिनोवेशन और इनोवेशन।
- देश-विदेश के ग्राहकों के लिए दिल्ली शॉपिंग फेस्टिवल।
- होलसेल व्यापार केंद्र के लिए दिल्ली होलसेल शॉपिंग फेस्टिवल।
- दिल्ली बाजार पोर्टल की शुरुआत।
- गांधी नगर वस्त्र व्यापार केंद्र को गारमेंट हब के रूप में विकसित करना।
- नई स्टार्टअप नीति, युवा नौकरी देने वाले बनेंगे।
- नॉन कन्फर्मिंग औद्योगिक क्षेत्रों का पुनर्निर्माण।
- फूड हब का पुनर्विकास करना।
- दिल्ली में क्लाउड किचन क्लस्टर्स की स्थापना।
- बक्करवाला में इलेक्ट्रॉनिक सिटी की स्थापना।
- ग्रीन टेक्नोलॉजी से ग्रीन जॉब्स लेकर आना।
- दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय फिल्मोत्सव का आयोजन।
- एंप्लॉयमेंट ऑडिट की परंपरा शुरू करना।
- रोजगार बाजार पोर्टल 2.0 शुरू करना।
- प्राइवेट स्कूलों में उद्यमिता का विकास कार्यक्रम।
- उद्यमिता विकास कार्यक्रम प्रचार गतिविधियों को शुरू करना।
शॉपिंग फेस्टिवल पर 250 करोड़ खर्च कर तीन लाख रोजगार
दिल्ली में शॉपिंग फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा। बजट में इसके लिए 250 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। ‘गो लोकल’ को प्रोत्साहित करने वाले इस फेस्टिवल से अगले पांच वर्षों में रोजगार के तीन लाख और अगले एक वर्ष में एक लाख 20 हजार अवसर पैदा होने की उम्मीद सरकार को है।
5 बाजारों पर 100 करोड़ का खर्च
दिल्ली सरकार पांच बाजारों की पहचान की है। इनके पुनर्विकास पर 100 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया गया है। इन बाजारों में लोगों को आकर्षक और भरोसे की शॉपिंग का अनुभव मिलेगा। आधुनिक शॉपिंग मॉल के युग में दिल्ली के प्रतिष्ठित मार्केट का क्रेज अभी भी है, जहां साढ़े तीन लाख दुकानें हैं। अकेले दिल्ली के खुदरा बाजार में इससे पांच साल में डेढ़ लाख नौकरियों के अवसर पैदा होंगे।