आज से दिल्ली एयरपोर्ट पर शुरू हुई यात्रियों की जीनोम सिक्वेंसिंग, नए कोरोना का चलेगा पता
- पहली बार देश के किसी एयरपोर्ट पर जीनोम तकनीक का होगा इस्तेमाल
- कोरोना पॉजिटिव लोगों की ही होगी जीनोम सिक्वेंसिंग
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विदेशों से भारत लौटने वाले यात्रियों की जांच के लिए पहली बार देश में एयरपोर्ट पर ही जीनोम सिक्वेंसिंग की सुविधा शुरू हो गई है। गुरुवार को नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल जीनोम सिक्वेंसिंग जांच की सेवा को शुरू किया।
दरअसल दुनिया के कई देशों में कोरोना वायरस के अलग-अलग रूप दिखाई दे रहे हैं। इन नए रूप की पहचान के लिए एक मरीज की न सिर्फ जांच जरूरी होती है बल्कि उसके सैंपल में नए स्ट्रेन का पता लगाने के लिए जीनोम सिक्वेंसिंग भी होती है।
अभी तक यह जांच देश के उच्च स्तरीय लैब में हो रही थी लेकिन पहली बार इसे लैब से बाहर निकालकर एयरपोर्ट तक लाया गया है। ऐसा इसलिए भी ताकि एयरपोर्ट पर आने वाले यात्री की उसी परिसर में जांच और जीनोम सिक्वेंसिंग हो सके।
स्पाइस हेल्थ की ओर से यह सेवा शुरू की जा रही है। अंतरराष्ट्रीय यात्रा से भारत लौटने वाले यात्रियों की पहले आरटी पीसीआर जांच कराई जाएगी। अगर इस जांच में सैंपल पॉजिटिव मिलता है तो ही उसकी जीनोम सिक्वेंसिंग कराई जाएगी।
सैंपल के निगेटिव मिलने पर व्यक्ति को संदिग्ध मानते हुए उसे 14 दिन के क्वारंटीन के लिए भेजा जाएगा। जानकारी मिली है कि नई दिल्ली स्थित सीएसआईआर की आईजीआईबी संस्थान के वैज्ञानिकों ने भी इस तकनीक को एयरपोर्ट पर विकसित करने में मदद की है।
Delhi: CSIR-Institute of Genomics and Integrative Biology (CSIR-IGIB) & SpiceHealth launched genome sequencing at Delhi’s Indira Gandhi International airport today to identify & contain the new mutant variant of #COVID19. pic.twitter.com/1DhMA3gRNR
— ANI (@ANI) January 14, 2021