केंद्र की योजना : दिल्ली एम्स बना मेंटर, करेगा डॉक्टरों की भर्ती, जारी हुआ विज्ञापन
पुराने और नवनिर्मित सभी एम्स के लिए दिल्ली को परामर्श संस्थान बनाया गया है। दिल्ली एम्स विभिन्न पदों पर नियुक्ति से लेकर संस्थान के विकास से जुड़े तमाम छोटे-बड़े फैसलों पर निगरानी रखेगा।
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केंद्र सरकार एक तरफ देश के हर राज्य में एम्स बनाने की योजना पर कार्य कर रही है वहीं दूसरी ओर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) को इन सभी एम्स का मेंटर घोषित कर दिया है। पुराने और नवनिर्मित सभी एम्स के लिए दिल्ली को परामर्श संस्थान बनाया गया है। दिल्ली एम्स विभिन्न पदों पर नियुक्ति से लेकर संस्थान के विकास से जुड़े तमाम छोटे-बड़े फैसलों पर निगरानी रखेगा।
हाल ही में दिल्ली एम्स ने विज्ञापन जारी कर मेंटरशिप का आगाज भी कर दिया है। दिल्ली एम्स ने जम्मू के विजयपुर में बन रहे एम्स में फैकल्टी नियुक्ति के लिए आवेदन मांगे हैं। एम्स प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार विजयपुर एम्स के लिए अलग-अलग पदों पर नियुक्तियां की जा रही हैं। इनमें फैकल्टी भी शामिल हैं जिसके लिए 24 फरवरी से ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।
जानकारी यह भी है कि आगामी दिनों में जम्मू के अलावा जल्द ही उत्तर प्रदेश के गोरखपुर व रायबरेली एम्स के लिए भी नियुक्तियां की जाएंगी। इनके अलावा आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र इत्यादि राज्यों पर जोर दिया जाएगा जहां एम्स का निर्माण कार्य 70 फीसदी से भी अधिक पूरा हो चुका है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि दिल्ली एम्स को मेंटर बनाया गया है। साथ ही आगामी दिनों में सभी एम्स को एक मंच पर लाने का विचार भी है।
सभी 22 एम्स को मिलाकर विश्वविद्यालय बनाने का प्लान
स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक सभी एम्स को मिलाकर स्वास्थ्य विश्वविद्यालय अलग से बनाने की भी योजना है। यह विश्वविद्यालय आईआईटी जैसे संस्थानों के साथ मिलकर चिकित्सीय तकनीकों को विकसित करने पर भी कार्य करेगा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाई) योजना के तहत देश के विभिन्न राज्यों में 22 एम्स शुरू किए जा रहे हैं जिनमें से छह एम्स साल 2014 से पहले ही चालू हैं।
डॉक्टरों ने चंडीगढ़ पीजीआई की घटना का किया विरोध
दिल्ली एम्स के डॉक्टरों ने चंडीगढ़ स्थित पीजीआई में ड्यूटी कर रहे चिकित्सक से हाथापाई की निंदा कर सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की है। बुधवार को एम्स के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) ने घटना का विरोध जताया है।
एम्स आरडीए के अध्यक्ष डॉ. अमित मालवीय ने बताया कि हाल ही में पीजीआई के आपातकालीन विभाग में ड्यूटी दे रहे जूनियर रेजिडेंट पर कुछ तीमारदारों ने हमला कर दिया था। यह घटना निंदनीय है। डॉक्टरों पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
रक्तदान को बढ़ावा देने के लिए डॉक्टर और नर्स ने लगाई दौड़
एम्स में रक्तदान को बढ़ावा देने के लिए रोजाना कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। बुधवार को रक्तदान अभियान में शामिल होने के लिए डॉक्टरों से लेकर नर्स और अन्य कर्मचारियों ने दौड़ भी लगाई। उन्होंने अलग-अलग विभागों में जाकर आगामी 25 फरवरी को होने वाले रक्तदान शिविर में भाग लेने की अपील की।
जानकारी के अनुसार एम्स में शुक्रवार को सुबह 8 बजे से रक्तदान शिविर का आयोजन होगा जिसमें सैन्य सुरक्षा जवान भी भाग लेंगे। एम्स नर्सिंग अधिकारी और शिविर समन्वयक कनिष्क यादव ने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान रक्तदान में कमी आई है। अस्पतालों में रोजाना सैकड़ों यूनिट रक्त की आवश्यकता पड़ रही है लेकिन दाताओं की कमी के चलते काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी परेशानी को देखते हुए उन्होंने लोगों से एम्स के रक्तदान शिविर में सहभागिता करने की अपील की है। एम्स के चिकित्सीय अधीक्षक डॉ. डीके शर्मा ने बुधवार दोपहर एक बजे वॉकथन को हरी झंडी दिखाकर शुरू कराया। ब्यूरो