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राजनीति की पिच : जहांगीरपुरी में बैरिकेडिंग पर ही ‘क्लीन बोल्ड’ हुए सियासी बल्लेबाज, पुलिस ने किया 'आउट'

Sat, 23 Apr 2022 05:31 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 23 Apr 2022 05:31 AM IST
सार

जहांगीरपुरी में पीड़ितों से नहीं मिल पाए राजनीतिक पार्टियों और संगठनों के प्रतिनिधिमंडल, पुलिस ने पहले ही रोका। 

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Delegations of political parties and organizations could not meet the victims in Jahangirpur
ये हैं वामपंथी नेता... - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जहांगीरपुरी में हुए बवाल और अतिक्रमण के खिलाफ हुई कार्रवाई के पीड़ितों से मुलाकात का राजनीतिक पार्टियों और संगठनों का मंसूबा अधूरा ही रह गया। प्रभावित इलाके में सुरक्षा के लिए की गई बैरिकेडिंग से राजनीतिक दलों समेत तमाम संगठनों की सियासी बल्लेबाज ‘क्लीन बोल्ड’ हो गए।

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शुक्रवार को ऐसे पांच-छह प्रतिनिधिमंडल ने जहांगीरपुरी का दौरा किया। इस दौरान लोगों से प्रभावितों से मुलाकात नहीं होने की वजह से मीडिया से अपनी बातें कहकर लौट गए। शाम के वक्त अखिल भारतीय तृृणमूल कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, समाजवादी पार्टी, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, तृणमूल कांग्रेस, विश्व हिंदू परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने इलाके का दौरा किया। 
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आईआईटीसी की तरफ से एक महिला प्रतिनिधिमंडल ने भी हिंसा प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें भी रोक दिया। एआईटीसी सांसद और वरिष्ठ नेता अपरूपा पोद्दार ने ट्वीट कर कहा कि केंद्र सच को सामने आने से डरता है, इसलिए जहांगीरपुरी में लोगों से मिलने से रोक दिया गया।
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पुलिस अधिकारियों से नोकझोंक
हिंसा प्रभावित जहांगीरपुरी में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान के बाद राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों का वहां जमावड़ा लगने लगा है। शुक्रवार को पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर घटना के प्रति संवेदना व्यक्त करने के लिए राजनीतिक दलों और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों के पहुंचने का सिलसिला शाम तक चलता रहा। इनमें भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), सपा, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, विश्व हिंदू परिषद के प्रतिनिधिमंडल को पीड़ित परिवारों से मुुलाकात करने से पहले ही पुलिस ने रोक लिया। 

बैरिकेड पार करने के लिए भाकपा सदस्यों की पुलिस के आला अधिकारियों से नोंकझोंक भी हुई, लेकिन सुरक्षा कारणों से प्रभावित क्षेत्र में किसी को प्रवेश की इजाजत नहीं दी गई। विरोध जताते हुए भाकपा सदस्य बैरिकेड के पास ही धरने पर बैठ गए। इसके बाद समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल भी करीब 4 बजे पहुंचा। भाकपा प्रतिनिधिमंडल पार्टी का नेतृत्व कर रहे राज्यसभा सांसद डी. राजा समेत सभी सदस्य कुशल चौक पर ही बैरिकेड के पास पास धरने पर बैठ गए। उन्होंने पुलिस और सरकार के खिलाफ नारे भी लगाए। प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्यों में भाकपा नेता एनी राजा, ए. खान, पल्लव सेन गुप्ता और बिनॉय बिस्वान शामिल थे।

नफरत की राजनीति को रोकना जरूरी : हसन
सपा के सांसद एस. टी. हसन ने कहा कि बुलडोजर से हुई कार्रवाई में गरीबों से आंसू पोंछने नहीं आ सकते हैं। ठेली के अंदर कितने अवैध कब्जे हो सकते हैं।  चार दिन पहले वहां बवाल हुआ और कार्रवाई की गई। देश में नफरत की राजनीति चल रही है, इसे रोका जाना चाहिए।


विहिप और मुस्लिम लीग के सदस्यों से भी मिली मायूसी : विहिप के सुरेंद्र गुप्ता और इंडियन मुस्लिम लीग के सदस्य भी पीड़ितों से मुलाकात के लिए पहुंचे। सुरक्षा कारणों से पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। सदस्यों ने कहा कि उन्हें प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने दिया चाहिए। मुस्लिम लीग के सांसद ईटी मोहम्मद बशीर ने भी कहा कि पीड़ितों से हालचाल पूछने आए थे, लेकिन मुुलाकात नहीं करने दिया गया।

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