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रेलवे ट्रैक पर मिले मां व दो मासूम बेटियों के शव
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नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के मंडावली इलाके में बृहस्पतिवार तड़के रेलवे ट्रैक पर एक महिला व उसकी दो मासूम बच्चियों के शव बरामद हुए। शवों के पास ही दूसरे रेलवे ट्रैक पर एक साल का मासूम घायल पड़ा हुआ था। सूचना मिलने के बाद आरपीएफ के जवान मौके पर पहुंचे। घायल मासूम को एलबीएस अस्पताल में भर्ती कराने के बाद मामले की सूचना आनंद विहार जीआरपीएफ को दी गई। मृतकों की शिनाख्त किरण (30), अमृता (6) और पूजा (5) के रूप में हुई है। किरण के घायल बेटे राजन उर्फ राजा (1) का अस्पताल में इलाज चल रहा है। रेलवे पुलिस उपायुक्त हरेंद्र सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का लग रहा है। परिजनों से पूछताछ कर मामले की छानबीन की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक तड़के 3.40 बजे एक ट्रेन चालक ने तिलक ब्रिज आरपीएफ को सूचना दी कि मंडावली रेलवे स्टेशन के पास कुछ शव पड़े हैं। सूचना मिलते ही तुरंत आरपीएफ मौके पर पहुंची। मौके पर किरण, अमृता और पूजा की मौत हो चुकी थी। दूसरे ट्रैक पर मासूम राजन उल्टा पड़ा हुआ था। उसके हाथ में चोट थी। मामले की सूचना आनंद विहार रेलवे पुलिस को दी गई। बाद में मृतका के फोन से ही उसके परिजनों को सूचना दी गई। कुछ ही देर बाद किरण का पति राकेश मौके पर पहुंच गया। उसने पुलिस को बताया कि वह परिवार के साथ मकान नंबर-237, गली नंबर-3, रेलवे कॉलोनी मंडावली में रहता है। राकेश ई-रिक्शा चालक है। बुधवार रात को वह दस बजे घर पहुंचा तो घर पर पत्नी और बच्चे नहीं थे। राकेश अपनी पत्नी को कॉल करता रहा, लेकिन उसका फोन नहीं उठा। इस बीच उसे परिवार की मौत की सूचना मिली। राकेश ने पुलिस को बताया कि बुधवार दिन में वह ई-रिक्शा लेकर निकल गया था। उसका पत्नी से किसी तरह का कोई झगड़ा नही हुआ। उसकी पत्नी छोटी-छोटी बातों पर नाराज हो जाती थी।
राकेश के मुताबिक कोरोना की वजह से घर में आर्थिक तंगी चल रही थी। उसकी पहले जितनी कमाई नहीं हो रही थी। पुलिस आशंका जता रही है कि शायद आर्थिक तंगी और राकेश से किसी बात पर नाराज होकर किरण ने बच्चों संग ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। पुलिस राकेश व अन्य लोगों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है। फिलहाल सभी के शवों को कब्जे में लेकर जीटीबी अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया गया है। कोविड टेस्ट और पोस्टमार्टम के बाद शवों को परिवार के हवाले कर दिया जाएगा।
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जाको राखे साइयां, मार सके न कोए...
आशंका व्यक्त की जा रही है कि किरण मासूम राजन को गोद में लेकर दोनों बच्चियों संग किसी ट्रेन के आगे छलांग लगा दी है। हादसे में किरण व दोनों बच्चियों की तो मौत हो गई, लेकिन मासूम राजन रेलवे ट्रैक के बीचोंबीच गिरने के बाद भी जिंदा रहा। तड़के मंडावली रेलवे स्टेशन से जब दूसरी ट्रेन गुजरी तो चालक ने ट्रैक पर शवों को पड़े देखा। उसने तिलक ब्रिज पर स्टेशन मास्टर को इसकी खबर की। नाइट ऑफिसर तुरंत मंडावली रेलवे स्टेशन पहुंचे। वहां चार लोग पड़े हुए थे। तीन की मौत हो चुकी थी जबकि छोटा बच्चा राजन उल्टा रेलवे ट्रैक पर पड़ा था। इससे पहले की कोई दूसरी ट्रेन आती आरपीएफ के जवानों ने उसे उठा लिया। बच्चा उठने की कोशिश कर रहा था। घटना का किसी ने वीडियो बनाकर वायरल भी कर दिया। वहीं किरण का फोन बज रहा था। जवानों ने कॉल उठाकर उसके पति को तीनों की मौत की खबर दी। बच्चे की हालत अब बेहतर बताई जा रही है।
रात आठ से नौ बजे बच्चों संग घर से निकली होगी किरण
मूलरूप से बिहार का रहने वाला राकेश ने पुलिस को बताया कि दिल्ली आने के बाद उसने कभी मजदूरी तो कभी रिक्शा चलाया। मार्च में वह राजू नामक शख्स के मकान में तीसरी मंजिल पर रहने लगा था। राकेश का कहना है कि लॉकडाउन और कोरोना की वजह से उसकी कमाई बहुत कम थी, लेकिन फिर भी वह परिवार का गुजारा कर रहा था। उसकी पत्नी छोटी-छोटी बातों पर नाराज हो जाती थी। उसे मनाने में कई-कई दिन लग जाते थे। बुधवार को उसका पत्नी से कोई झगड़ा नहीं हुआ। दोपहर के समय वह ई-रिक्शा लेकर निकल गया। रात को जब लौटा तो पत्नी व बच्चे गायब थे। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि रात आठ से नौ बजे के बीच किरन बच्चों लेकर घर से निकली थी।
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पुलिस के मुताबिक तड़के 3.40 बजे एक ट्रेन चालक ने तिलक ब्रिज आरपीएफ को सूचना दी कि मंडावली रेलवे स्टेशन के पास कुछ शव पड़े हैं। सूचना मिलते ही तुरंत आरपीएफ मौके पर पहुंची। मौके पर किरण, अमृता और पूजा की मौत हो चुकी थी। दूसरे ट्रैक पर मासूम राजन उल्टा पड़ा हुआ था। उसके हाथ में चोट थी। मामले की सूचना आनंद विहार रेलवे पुलिस को दी गई। बाद में मृतका के फोन से ही उसके परिजनों को सूचना दी गई। कुछ ही देर बाद किरण का पति राकेश मौके पर पहुंच गया। उसने पुलिस को बताया कि वह परिवार के साथ मकान नंबर-237, गली नंबर-3, रेलवे कॉलोनी मंडावली में रहता है। राकेश ई-रिक्शा चालक है। बुधवार रात को वह दस बजे घर पहुंचा तो घर पर पत्नी और बच्चे नहीं थे। राकेश अपनी पत्नी को कॉल करता रहा, लेकिन उसका फोन नहीं उठा। इस बीच उसे परिवार की मौत की सूचना मिली। राकेश ने पुलिस को बताया कि बुधवार दिन में वह ई-रिक्शा लेकर निकल गया था। उसका पत्नी से किसी तरह का कोई झगड़ा नही हुआ। उसकी पत्नी छोटी-छोटी बातों पर नाराज हो जाती थी।
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राकेश के मुताबिक कोरोना की वजह से घर में आर्थिक तंगी चल रही थी। उसकी पहले जितनी कमाई नहीं हो रही थी। पुलिस आशंका जता रही है कि शायद आर्थिक तंगी और राकेश से किसी बात पर नाराज होकर किरण ने बच्चों संग ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। पुलिस राकेश व अन्य लोगों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है। फिलहाल सभी के शवों को कब्जे में लेकर जीटीबी अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया गया है। कोविड टेस्ट और पोस्टमार्टम के बाद शवों को परिवार के हवाले कर दिया जाएगा।
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आशंका व्यक्त की जा रही है कि किरण मासूम राजन को गोद में लेकर दोनों बच्चियों संग किसी ट्रेन के आगे छलांग लगा दी है। हादसे में किरण व दोनों बच्चियों की तो मौत हो गई, लेकिन मासूम राजन रेलवे ट्रैक के बीचोंबीच गिरने के बाद भी जिंदा रहा। तड़के मंडावली रेलवे स्टेशन से जब दूसरी ट्रेन गुजरी तो चालक ने ट्रैक पर शवों को पड़े देखा। उसने तिलक ब्रिज पर स्टेशन मास्टर को इसकी खबर की। नाइट ऑफिसर तुरंत मंडावली रेलवे स्टेशन पहुंचे। वहां चार लोग पड़े हुए थे। तीन की मौत हो चुकी थी जबकि छोटा बच्चा राजन उल्टा रेलवे ट्रैक पर पड़ा था। इससे पहले की कोई दूसरी ट्रेन आती आरपीएफ के जवानों ने उसे उठा लिया। बच्चा उठने की कोशिश कर रहा था। घटना का किसी ने वीडियो बनाकर वायरल भी कर दिया। वहीं किरण का फोन बज रहा था। जवानों ने कॉल उठाकर उसके पति को तीनों की मौत की खबर दी। बच्चे की हालत अब बेहतर बताई जा रही है।
रात आठ से नौ बजे बच्चों संग घर से निकली होगी किरण
मूलरूप से बिहार का रहने वाला राकेश ने पुलिस को बताया कि दिल्ली आने के बाद उसने कभी मजदूरी तो कभी रिक्शा चलाया। मार्च में वह राजू नामक शख्स के मकान में तीसरी मंजिल पर रहने लगा था। राकेश का कहना है कि लॉकडाउन और कोरोना की वजह से उसकी कमाई बहुत कम थी, लेकिन फिर भी वह परिवार का गुजारा कर रहा था। उसकी पत्नी छोटी-छोटी बातों पर नाराज हो जाती थी। उसे मनाने में कई-कई दिन लग जाते थे। बुधवार को उसका पत्नी से कोई झगड़ा नहीं हुआ। दोपहर के समय वह ई-रिक्शा लेकर निकल गया। रात को जब लौटा तो पत्नी व बच्चे गायब थे। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि रात आठ से नौ बजे के बीच किरन बच्चों लेकर घर से निकली थी।