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शहरी गांवों और अनाधिकृत कालोनियों में सुधार पर डीडीए का फोकस
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आदित्य पाण्डेय
नई दिल्ली। राजधानी को अगले बीस सालों में किस तरह चमकाना है, इसकी तैयारी दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने कर ली है। मंगलवार को डीडीए ने दिल्ली के मास्टर प्लान- 2041 के प्रारंभिक मसौदे को मंजूरी भी दे दी। अब इस पर सुझावों के लिए इसे जनता के बीच भेज दिया है।
45 दिन के बाद जनता से मिले सुझावों के साथ इस मसौदे को केंद्रीय शहरी और आवास मंत्रालय के पास नोटिफिकेशन के लिए भेज दिया जाएगा। नए मसौदे से यह बात तय है कि अगले 20 साल दिल्ली के 79 गांवों और करीब 1800 अनाधिकृत कॉलोनियों में बुनियादी ढांचा विकसित करने पर डीडीए का फोकस रहेगा।
दिल्ली के बड़े सघन आबादी वाले अनाधिकृत कॉलोनी क्षेत्रों मेें अब तक मूलभूत सुविधाओं की दरकार है। लेकिन केंद्रीय शहरी और आवास मंत्रालय ने अनाधिकृत कॉलोनियों को अधिकृत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही दिल्ली देहात के 79 गांवों का शहरीकरण भी होना है। दिल्ली के मास्टर प्लान- 2041 में ही यह सभी कार्य पूरा होना है।
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इन क्षेत्रों में बिजली-पानी के अलावा बेहतर ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी, हरित क्षेत्र, पार्किंग, हॉस्टल की सुविधा प्रदान करने साथ-साथ बाहरी दिल्ली में खंडहर हो चुके तमाम ऐतिहासिक स्थलों को पुन: विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।
दिल्ली देहात को मिलेगी मेट्रो की सौगात
उत्तर पश्चिम दिल्ली के नजफगढ़, मुंडका, बवाना, नरेला, किराड़ी में सबसे बड़ा अनाधिकृत कॉलोनी क्षेत्र है। यहां अब तक लोगों को बड़ी मुश्किल से डीटीसी की ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी मिल पा रही है। लेकिन डीडीए की योजना अब उत्तर-पश्चिम दिल्ली के बड़े क्षेत्र बवाना-नरेला को भी दिल्ली मेट्रो से जोड़ने की है। आने वाले 20 सालों में बवाना-नरेला की कॉलोनियों का नियमितीकरण के साथ-साथ नरेला सब सिटी का विकास भी डीडीए की प्राथमिकता में शामिल है।
विकसित होंगे यमुना नदी के किनारे
डीडीए ने अगले 20 सालों में यमुना के किनारों को विकसित करने का मसौदा तैयार किया है। जिसका मकसद यमुना नदी के तटों के विकास के साथ दिल्ली में बायो डायवर्सिटी क्षेत्रों को विकसित करना और लोगों को वायु, जल, ध्वनि प्रदूषण रहित वातावरण देना है। डीडीए की आधिकारिक वेबसाइट www.dda.org.in पर दिल्लीवासी अपने सुझाव दे सकते हैं।
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नई दिल्ली। राजधानी को अगले बीस सालों में किस तरह चमकाना है, इसकी तैयारी दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने कर ली है। मंगलवार को डीडीए ने दिल्ली के मास्टर प्लान- 2041 के प्रारंभिक मसौदे को मंजूरी भी दे दी। अब इस पर सुझावों के लिए इसे जनता के बीच भेज दिया है।
45 दिन के बाद जनता से मिले सुझावों के साथ इस मसौदे को केंद्रीय शहरी और आवास मंत्रालय के पास नोटिफिकेशन के लिए भेज दिया जाएगा। नए मसौदे से यह बात तय है कि अगले 20 साल दिल्ली के 79 गांवों और करीब 1800 अनाधिकृत कॉलोनियों में बुनियादी ढांचा विकसित करने पर डीडीए का फोकस रहेगा।
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दिल्ली के बड़े सघन आबादी वाले अनाधिकृत कॉलोनी क्षेत्रों मेें अब तक मूलभूत सुविधाओं की दरकार है। लेकिन केंद्रीय शहरी और आवास मंत्रालय ने अनाधिकृत कॉलोनियों को अधिकृत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही दिल्ली देहात के 79 गांवों का शहरीकरण भी होना है। दिल्ली के मास्टर प्लान- 2041 में ही यह सभी कार्य पूरा होना है।
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इन क्षेत्रों में बिजली-पानी के अलावा बेहतर ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी, हरित क्षेत्र, पार्किंग, हॉस्टल की सुविधा प्रदान करने साथ-साथ बाहरी दिल्ली में खंडहर हो चुके तमाम ऐतिहासिक स्थलों को पुन: विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।
दिल्ली देहात को मिलेगी मेट्रो की सौगात
उत्तर पश्चिम दिल्ली के नजफगढ़, मुंडका, बवाना, नरेला, किराड़ी में सबसे बड़ा अनाधिकृत कॉलोनी क्षेत्र है। यहां अब तक लोगों को बड़ी मुश्किल से डीटीसी की ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी मिल पा रही है। लेकिन डीडीए की योजना अब उत्तर-पश्चिम दिल्ली के बड़े क्षेत्र बवाना-नरेला को भी दिल्ली मेट्रो से जोड़ने की है। आने वाले 20 सालों में बवाना-नरेला की कॉलोनियों का नियमितीकरण के साथ-साथ नरेला सब सिटी का विकास भी डीडीए की प्राथमिकता में शामिल है।
विकसित होंगे यमुना नदी के किनारे
डीडीए ने अगले 20 सालों में यमुना के किनारों को विकसित करने का मसौदा तैयार किया है। जिसका मकसद यमुना नदी के तटों के विकास के साथ दिल्ली में बायो डायवर्सिटी क्षेत्रों को विकसित करना और लोगों को वायु, जल, ध्वनि प्रदूषण रहित वातावरण देना है। डीडीए की आधिकारिक वेबसाइट www.dda.org.in पर दिल्लीवासी अपने सुझाव दे सकते हैं।