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Delhi News: विदेश में नौकरी लगवाने के नाम पर 80 लोगों को ठगने वाला दाउद गिरफ्तार
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स्पेशल सेल ने महाराष्ट्र से पकड़ा, गिरफ्तारी पर था 50 हजार का इनाम
गिरोह के कई लोगों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। विदेश में नौकरी लगवाने के नाम पर 80 लोगों से ठगी करने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड को स्पेशल सेल ने महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया है। आरोपी जाकिर दाउद खान महाराष्ट्र के ठाणे का निवासी है। गिरोह के कई लोगों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी हैै। पीड़ितों ने आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) में लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने की शिकायत की थी।
डीसीपी अमित कौशिक ने बताया कि आरोपी लगातार गिरफ्तारी से बच रहा था, इसलिए अदालत ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम रखा था। सितंबर 2022 में धर्मेंद्र कुमार नाम के व्यक्ति ने ईओडब्ल्यू में शिकायत देकर बताया था कि जनकपुरी स्थित मेसर्स फिजा प्लेसमेंट कंपनी ने दुबई में नौकरी की पेशकश कर उससे 90 हजार रुपये की धोखाधड़ी की। जाली यूएई वीजा, अमान्य एयर टिकट प्रदान कर उसका पासपोर्ट अपने पास रख लिया। ईओडब्ल्यू में दर्ज 80 समान शिकायतों के कारण 15 दिसंबर 2022 को ईओडब्ल्यू ने धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज कर लिया था। जांच में 16 दिसंबर 2022 को आरोपी अरशद, राम अनमोल ठाकुर, गुलबहार अली और श्रुति को गिरफ्तार कर लिया गया। इनकी निशानदेही पर 59 जाली वीजा और 364 पासपोर्ट, एक पिस्टल और 2.55 लाख रुपये बरामद किए गए। बाद में आरोपी मोहम्मद सद्दाम और मोहम्मद तसलीम को भी गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद मुख्य आरोपी जाकिर दाउद खान को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई। अब पुलिस टीम ने आरोपी को महाराष्ट्र से गिरफ्तार कर लिया है।
धोखा खाकर, धोखा देना सीखा
जांच में पता चला कि आराेपी जाकिर दाउद खान ने 2015 में विदेश में नौकरी पाने के लिए ठाणे में पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था। उसने मुंबई में एक एजेंट से संपर्क किया। पैसे देकर उसने एजेंट को दुबई के वीजा के लिए अपना पासपोर्ट उसे सौंप दिया। एजेंट उसे धोखा देकर फरार हो गया। इसके बाद जाकिर ने भी कमीशन आधारित एजेंट के रूप में काम करना शुरू कर दिया। 2021 में जाकिर ने फेसबुक पर एक विज्ञापन देखने के बाद फिजा प्लेसमेंट कंपनी से संपर्क किया और मालिक अरशद से मिला। उसने दिल्ली में उसे एजेंट के रूप में काम पर रख लिया। इसके बाद आरोपी ने लोगों से ठगी करना शुरू कर दिया।
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गिरोह के कई लोगों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। विदेश में नौकरी लगवाने के नाम पर 80 लोगों से ठगी करने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड को स्पेशल सेल ने महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया है। आरोपी जाकिर दाउद खान महाराष्ट्र के ठाणे का निवासी है। गिरोह के कई लोगों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी हैै। पीड़ितों ने आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) में लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने की शिकायत की थी।
डीसीपी अमित कौशिक ने बताया कि आरोपी लगातार गिरफ्तारी से बच रहा था, इसलिए अदालत ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम रखा था। सितंबर 2022 में धर्मेंद्र कुमार नाम के व्यक्ति ने ईओडब्ल्यू में शिकायत देकर बताया था कि जनकपुरी स्थित मेसर्स फिजा प्लेसमेंट कंपनी ने दुबई में नौकरी की पेशकश कर उससे 90 हजार रुपये की धोखाधड़ी की। जाली यूएई वीजा, अमान्य एयर टिकट प्रदान कर उसका पासपोर्ट अपने पास रख लिया। ईओडब्ल्यू में दर्ज 80 समान शिकायतों के कारण 15 दिसंबर 2022 को ईओडब्ल्यू ने धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज कर लिया था। जांच में 16 दिसंबर 2022 को आरोपी अरशद, राम अनमोल ठाकुर, गुलबहार अली और श्रुति को गिरफ्तार कर लिया गया। इनकी निशानदेही पर 59 जाली वीजा और 364 पासपोर्ट, एक पिस्टल और 2.55 लाख रुपये बरामद किए गए। बाद में आरोपी मोहम्मद सद्दाम और मोहम्मद तसलीम को भी गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद मुख्य आरोपी जाकिर दाउद खान को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई। अब पुलिस टीम ने आरोपी को महाराष्ट्र से गिरफ्तार कर लिया है।
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धोखा खाकर, धोखा देना सीखा
जांच में पता चला कि आराेपी जाकिर दाउद खान ने 2015 में विदेश में नौकरी पाने के लिए ठाणे में पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था। उसने मुंबई में एक एजेंट से संपर्क किया। पैसे देकर उसने एजेंट को दुबई के वीजा के लिए अपना पासपोर्ट उसे सौंप दिया। एजेंट उसे धोखा देकर फरार हो गया। इसके बाद जाकिर ने भी कमीशन आधारित एजेंट के रूप में काम करना शुरू कर दिया। 2021 में जाकिर ने फेसबुक पर एक विज्ञापन देखने के बाद फिजा प्लेसमेंट कंपनी से संपर्क किया और मालिक अरशद से मिला। उसने दिल्ली में उसे एजेंट के रूप में काम पर रख लिया। इसके बाद आरोपी ने लोगों से ठगी करना शुरू कर दिया।
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