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रोहिणी कोर्ट शूटआउट : छह साल पहले कड़कड़डूमा कोर्ट रूम में भी चली थीं गोलियां 

Sat, 25 Sep 2021 05:48 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 25 Sep 2021 05:48 AM IST
सार

उस वारदात में जज साहब बाल-बाल बचे थे, लेकिन दिल्ली पुलिस के सिपाही रामकुमार की गोली लगने से मौत हो गई थी।

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Rohini Court Shootout: Six years ago bullets were fired in Karkardooma Court Room too
karkardooma court

विस्तार

रोहिणी जिला अदालत में शुक्रवार को हुई वारदात की ही तरह ही छह साल पहले कड़कड़डूमा अदालत के कोर्ट रूम में भी गोलियां चली थीं। ये गोलीबारी भी गैंगवार का ही नतीजा थी लेकिन इसे चार नाबालिगों ने अंजाम दिया था।

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उस वारदात में जज साहब बाल-बाल बचे थे, लेकिन दिल्ली पुलिस के सिपाही रामकुमार की गोली लगने से मौत हो गई थी। वहीं इस वारदात में पेशी पर आया बदमाश इरफान उर्फ छेनू पहलवान भी गोली लगने से घायल हो गया था।
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23 दिसंबर 2015 को कोर्ट रूम संख्या 73 में हुई वारदात में तत्कालीन कोर्ट रूम में सुनवाई कर रहे थे। उस दौरान हथियार लेकर वहां पहुंचे नाबालिगों ने पेशी पर आए बदमाश पर गोलियां चला दी थीं। ये इस तरह का पहला मामला था।
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इस तरह कोर्ट रूम में गोली चलने से चारों तरह अफरा तफरी मच गई थी। एक गोली जज साहब के नजदीक से निकल गई थी और उन्होंने नीचे झुककर अपने आप को बचाया था।

इसके बाद कोर्ट रूम में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। यहां आने वालों के लिए पास जारी करने की व्यवस्था शुरू की गई थी। मीडियाकर्मियों को भी पास जारी करने की व्यवस्था शुरू हुई थी।

उस समय पुलिस ने कहा था कि जेल में बंद इरफान उर्फ छेनू पहलवान और अब्दुल नासिर उर्फ खैबर हैयार के बीच चल रही गैंगवार के कारण ही कोर्ट रूम में ये गोलीबारी हुई। दोनों के बीच लंबे समय से विवादित प्रॉपर्टी, सट्टे और वर्चस्व की लड़ाई को लेकर गैंगवार चल रही थी।

ये बात निकलकर सामने आई थी कि नासिर ने ही योजना बनाकर नाबालिगों से इरफान उर्फ छेनू की हत्या करवाने की साजिश कथित रूप से रची थी। दोनों के बीच 2011 में आतिफ की हत्या के बाद गैंगवार शुरू हुई थी।

पेश मामले से वकील रहे एसएन खान ने बताया कि चारों नाबालिगों को मौके से ही पकड़ लिया गया था। इस बाबत पुलिस ने थाना फर्श बाजार में एफआईआर संख्या 1009/2015 दर्ज की थी।

पुलिस ने इस मामले में नासिर को साजिशकर्ता बताया था। इस मामले में पुलिस ने नासिर, शिव शक्ति नायडू, शाहरुख, आजीम, जमाल उर्फ रांझा के अलावा चार नाबालिगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।

एसएन खान ने बताया कि मामले की सुनवाई के दौरान तीन साल की अवधि के अदालत ने चारों नाबालिगों को जमानत पर रिहा कर दिया था। हालांकि अन्य आरोपियों पर मुकदमा अभी भी कोर्ट में विचाराधीन है। इनमें शिव शक्ति नायडू की पुलिस एनकाउंटर में मौत हो चुकी है।


 दिल्ली के कोर्ट में पहले हुई गोलीबारी की घटनाएं 

  • 23 दिसंबर, 2015 को कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर में गोलियां चली थी, इसमें एक पुलिस कांस्टेबल की हुई थी मौत
  • 13 जुलाई, 2021 को द्वारका कोर्ट परिसर में रात के वक्त चली गोली से एक की मौत
  • रोहिणी कोर्ट में 25 दिसंबर, 2019 में चली गोली से एक एआईएस घायल हो गए थे. 13 नवंबर, 2017 में दिल्ली के रोहिणी कोर्ट परिसर में चली गोली में एक की मौत हो गई थी। 
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