दिल्ली पुलिस के एएसआई की संदिग्ध हालत में मौत, हत्या की आशंका
कल्याणपुरी थाने में तैनात एएसआई विरेंद्र सिंह ड्यूटी के दौरान चार लोगों के साथ गए थे यूपी के बुलंदशहर स्थित शिकारपुर, वहां क्या हुआ, इसकी पड़ताल जारी है।
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पूर्वी दिल्ली के कल्याणपुरी थाने में तैनात दिल्ली पुलिस के एएसआई की बुलंदशहर के शिकारपुर में संदिग्ध हालत में मौत हो गई। मृतक की शिनाख्त विरेंद्र सिंह (50) के रूप में हुई है। शनिवार रात को इमरजेंसी ड्यूटी के दौरान विरेंद्र बिना कुछ बताए अपनी कार से एक महिला समेत चार लोगों के साथ गए थे। इसके बाद रविवार सुबह बुलंदशहर के एक एंबुलेंस से जख्मी हालत में उनको यहां रेफर किया गया था।
एलबीएस अस्पताल लाने पर उनको मृत घोषित कर दिया गया। यूपी पुलिस ने सड़क हादसे में घायल होने की आशंका जताई थी। उनकी गाड़ी भी क्षतिग्रस्त मिली है। विरेंद्र के सिर, कूल्हें और टांग की हड्डी टूटी मिली है। सूत्रों का कहना है कि किसी भारी वस्तु से पिटाई की वजह से उनकी हड्डियां टूटी। फिलहाल दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मामले पर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। सोमवार को मेडिकल बोर्ड से उनके शव का पोस्टमार्टम कराया जा सकता है। सूत्रों का कहना है कि विरेंद्र के साथ गई महिला पुलिस हिरासत में है, बाकी लोग फरार बताए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार विरेंद्र अपने परिवार के साथ फरीदाबाद, हरियाणा में रहते थे। इनके परिवार में पत्नी के अलावा एक बेटा व बेटी हैं। वर्ष 2019 से विरेंद्र पूर्वी जिले के कल्याणपुरी थाने में एएसआई के पद पर तैनात थे। विरेंद्र ज्यादातर थाने में ही रहते थे। घर सप्ताह में एक या दो बार ही जाते थे। सूत्रों का कहना है कि विरेंद्र का इलाके के कुछ लोगों के साथ उठना बैठना था।
शनिवार दिन में ड्यूटी करने के बाद रात को भी उनकी इमरजेंसी ड्यूटी लगा दी गई थी। सूत्रों का कहना है कि देर रात को विरेंद्र बिना किसी को सूचना दिए इलाके के ही चार लोगों के साथ अपनी कार से निकले थे। इनमें एक महिला भी शामिल थे। इस बीच तड़के जख्मी हालत में विरेंद्र को बुलंदशहर के बाबू बनारसी दास अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसकी हालत को देखते हुए उन्हें एंबुलेंस से दिल्ली रेफर किया गया था। एलबीएस लाने पर उनको मृत घोषित कर दिया गया। यूपी पुलिस ने उनकी मौत पर हादसे की आशंका जताई। वहीं सूत्रों का दावा है कि किसी महिला की वजह से एएसआई को साजिश के तहत ले जाकर उनकी पीट-पीटकर हत्या की गई।
वारदात के बाद उसे हादसे की शक्ल देने के लिए कार को भी क्षतिग्रस्त किया गया। उधर कल्याणपुरी थाने की टीम ने जब विरेंद्र की हालत देखी तो उनको शक हुआ। फौरन एक टीम यूपी के बुलंदशहर, शिकारपुर रवाना कर दिया गया। पुलिस की टीम वहां से सक्ष्य जुटाने का प्रयास कर रही है। विरेंद्र के साथ गई महिला से पुलिस पूछताछ कर रही हैं। बाकी आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही है। वहीं मामले पर जिला पुलिस उपायुक्त प्रियंका कश्यप का कहना है कि शुरुआत में उनको सड़क हादसे की जानकारी मिली थी। एक टीम को बुलंदशहर भेजा गया है। जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रणहौला में एक शख्स की गला रेतकर हत्या
रणहौला इलाके में एक शख्स की गला रेतकर हत्या कर दी। उसका शव मकान की पहली मंजिल पर एक कमरे से मिला। जिसे मृतक ने किराए पर दिया था। घटना के बाद से सभी किराएदार फरार हैं। मृतक की बहन ने प्रॉपर्टी विवाद को लेकर कुछ लोगों पर हत्या करने का आरोप लगाया है। रणहौला थाना पुलिस हत्या का मामला दर्ज कर फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।
मृतक की शिनाख्त पवन(40) के रूप में हुई है। शुक्रवार देर रात पवन की बहन पीरागढ़ी गांव निवासी ममता ने पुलिस को फोन कर भाई की हत्या किए जाने की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस रणहौला स्थित उक्त मकान पर पहुंची। जहां पहली मंजिल पर एक कमरे में बिस्तर पर पवन का शव मिला। उसकी गला रेतकर हत्या की गई थी। पुलिस छानबीन करने के बाद हत्या का मामला दर्ज कर लिया।
ममता ने बताया कि 26 नवंबर को वह सुबह से अपने भाई को फोन कर रही थी। लेकिन उसका फोन बंद था। वह अपने मायके पहुंची। जहां घर बंद था। वह अपने भाई के रणहौला स्थित दूसरे मकान पर पहुंची। जिसे उसने कई परिवारों को किराए पर दे रखा था। उसने देखा कि सभी किराएदार के कमरे बंद हैं। वह पहली मंजिल पर पहुंची। वहां का कमरा भी बंद था।
लेकिन खिड़की से झांकने पर पता चला कि कमरे के बिस्तर पर कोई व्यक्ति सो रहा है। ममता ने तुरंत घटना की जानकारी पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा का लॉक तोड़कर अंदर गई। जहां बिस्तर पर पवन का शव पड़ा था। उसकी गला रेतकर हत्या की गई थी। ममता ने अजय, बबलू और उसके साथियों पर हत्या करने का आरोप लगाया है। आरोपियों का पवन से प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा था। पुलिस नामजद आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।