दिल्ली में अपराध : ठगी, धोखाधड़ी और धोखेबाजी में कई गिरफ्तार, एक नटवरलाल भी लगा हाथ
नौकरी का झांसा देकर सैंकड़ों युवाओं से ठगी, शाहदरा में फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा। जनकपुरी में ठग पकड़े और बैंकों को चूना लगाने वाला भी किया गिरफ्तार।
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नामी जॉब पोर्टल और वेबसाइट से बेरोजगार युवाओं का डाटा खरीदकर उनको नौकरी दिलवाने का झांसा देकर ठगी करने वाले गैंग का शाहदरा जिला साइबर थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस संबंध में गैंग सरगना समेत कुल सात आरोपियों को दबोचा है। इन लोगों ने तिलक नगर इलाके में फर्जी कॉल सेंटर खोला हुआ था।
शुरुआती जांच के बाद पुलिस को पता चला है कि चंद ही दिनों में आरोपियों ने करीब 150 लोगों से 20 लाख से अधिक की रकम ठग ली। आरोपियों के पास आठ कॉलिंग डिवाइस, दो लैपटॉप, चार बैंक डेबिट कार्ड और अन्य सामान बरामद किया है। माना जा रहा है कि इन लोगों ने देशभर के कई सौ लोगों को ठगी का शिकार बनाया। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है। पकड़े गए आरोपियों में गैंग सरगना के अलावा छह टेलीकॉलर हैं, इनमें पांच युवतियां भी शामिल हैं।
शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त आर. सत्यसुंदरम ने बताया कि सरकार के साइबर क्राइम पोर्टल पर प्रतिज्ञा चड्डा नामक युवती ने ठगी की शिकायत दी थी। पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि उसने एक वेबसाइट पर अध्यापक की नौकरी के लिए अपना बायोडेटा भेजा था। कुछ ही दिनों बाद उसके मोबाइल पर कॉल आई और कॉलर ने खुद को डीपीएस स्कूल से बताकर उसका बायोडेटा नौकरी के लिए शार्टलिस्ट होने की बात की। कॉलर ने पीड़िता को एक लिंक भेजकर उस पर 100 रुपये ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन के लिए भेजने की बात की।
पीड़िता ने लिंक खोलकर उस पर रुपये डालने का प्रयास किया, लेकिन उसके खाते से 30 हजार रुपये कट गए। इसके बाद आरोपी का मोबाइल बंद हो गया। शिकायत मिलने के बाद शाहदरा जिला साइबर सेल थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने सबसे पहले उस नंबर की जांच की जिससे कॉल आई थी। उसके बाद जिन खातों में रुपये गए थे, उनकी जांच करते हुए पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई।
जानकारी जुटाने के बाद पुलिस की टीम ने पश्चिम दिल्ली के तिलक नगर इलाके में छापेमार कर फर्जी कॉल सेंटर से गैंग सरगना हेमंत कोहली (29) और टेलीकॉलर विनय कुमार (31), दीपाली (21), प्रियंका (20), श्वेता (20), शिवकांति (22) और समृति (19) को से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने ठगी की बात कबूल कर ली। आरोपी ने बताया कि उसने फर्जी आईडी पर बैंक अकाउंट खोले हुए हैं। उसमें ठगी की रकम ट्रांसफर कर निकाली जाती है। गैंग सरगना हेमंत कोहली पहले भी हिमाचल प्रदेश में इसी तरह के अपराध के लिए गिरफ्तार हो चुका है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
ऐसे दिया जाता था ठगी की वारदात को अंजाम...
आरोपी हेमंत ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि उसने तिलक नगर इलाके में एक फर्जी कॉल सेंटर खोला हुआ था। यहां पर पांच लड़कियों के अलावा विनय को टेलीकॉलर रखा हुआ था। हेमंत ने बैंक अकाउंट का इंतजाम करने के लिए फर्जी आईडी पर सिमकार्ड का इंतजाम किया हुआ था। आरोपी जॉब दिलाने वाली वेबसाइट से बेरोजगार युवाओं का पांच दिन का डाटा 10 हजार में खरीदता था। इसके बाद उन नंबरों पर कॉल कर लोगों को लिंक शेयर कर उसमें रजिस्ट्रेशन फीस के रुपये डालने के लिए कहा जाता था। लिंक के जरिये आरोपी पीड़ितों का मोबाइल कॉस्ट कर लेते थे। इसके बाद आरोपी बड़े आराम से उनके फोन में होने वाली गतिविधि को देखकर खाते से रकम निकाल लेते थे।
बीस हजार का फोन साढ़े सात हजार में देने का झांसा देकर ठगी
जनकपुरी थाना पुलिस ने 20 हजार के मोबाइल फोन को साढ़े सात हजार रुपये में देने का झांसा देकर ठगी करने वाले एक कॉल सेंटर का खुलासा किया है। पुलिस ने कॉल सेंटर चलाने वाले तीन जालसाजों को गिरफ्तार किया है। आरोपी फोन देने की बात कहकर ग्राहकों से पैसे लेते थे और फिर बॉक्स में पैकिंग कर कचरा, कपड़ा धोने का ब्रश और बेल्ट भेज देते थे। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर छानबीन में जुटी है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक राजस्थान के सीकर के रहने वाले हरेंद्र स्वामी समेत अन्य लोगों की ओर से पुलिस को ठगी की शिकायत मिली। शिकायतकर्ताओं से बताया कि उनके पास एक नंबर से फोन आया था। फोन करने वाले ने बताया कि 20 हजार का फोन साढ़े सात हजार में मिल रहा है। पीड़ित ने फोन का आर्डर कर दिया। एक दिन बाद उसके पास अमेजन कंपनी के पैक में एक बॉक्स आया। बॉक्स खोलने पर उसमें से कचरा निकला। इसी तरह अन्य शिकायतकर्ताओं ने बताया कि उनके बॉक्स से कपड़ा धोने का ब्रश और बेल्ट मिला। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
14 दिसंबर को जनकपुरी थाने में तैनात हवलदार दिनेश को मुखबिर से सूचना मिली कि जनकपुरी डिस्ट्रिक्ट सेंटर स्थित विशाल टॉवर में एक कॉल सेंटर के जरिए लोगों से ठगी की जाती है। इस सूचना पर थाना प्रभारी अंतरिक्ष आलोक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने उक्त कॉल सेंटर पर दबिश दी। वहां तीन लोग मौजूद थे। तीनों फोन पर लोगों को सस्ते मोबाइल का झांसा दे रहे थे।
पुलिस टीम को देखते ही तीनों सहम गए। पूछताछ में तीनों ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। छानबीन के दौरान पुलिस को मौके से तीन लैपटॉप, 14 मोबाइल फोन, 20 कपड़ा धोने का ब्रश, 20 बेल्ट और अमेजन कंपनी के खाली डब्बे मिले। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान द्वारका निवासी वीरराज, उत्तम नगर निवासी कार्तिक और द्वारका सेक्टर 14 निवासी तरुण के रूप में हुई।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि फोन से ग्राहकों से संपर्क करता था। सौदा तय होने के बाद बॉक्स में खचरा, ब्रश और बेल्ट को पोस्टमैन के जरिए उन्हें भेजते थे। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है।
महज 12वीं पास मिस्टर नटवरलाल ने कई बैंक को लगा दिया लाखों का चूना...
टेक्नोलॉजी के जमाने में महज 12वीं कक्षा पास एक युवक एटीएम मशीन को चकमा देकर कई बैंकों को चूना लगा रहा है। आरोपी ने कई अलग-अलग राष्ट्रीय बैंक को लाखों रुपये का चूना लगा दिया। दरअसल आरोपी एटीएम मशीन से इस तरह कैश निकालता था कि रुपये भी निकल जाते थे और मशीन में एरर (खराबी) आ जाती थी।
इसके बाद आरोपी अपनी बैंक शाखा को शिकायत कर बैंक से रुपये वापस ले लेते था। आरोपी के पास से 17 एटीएम व डेबिट कार्ड बरामद किए गए हैं। कोतवाली थाना पुलिस ने आरोपी की पहचान नूंह, मेवात, हरियाणा निवासी अजहरुद्दीन (26) के रूप में हुई है। पुलिस पकड़े गए आरोपी से पूछताछ कर इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी ने कितने बैंक से अब तक कितनी रकम की ठगी की है। कोतवाली थाना पुलिस आरोपी को रिमांड पर लेकर उससे पूछताछ कर रही है।
उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त सागर सिंह कलसी ने बताया कि चांदनी चौक के एक राष्ट्रीय बैंक ने एटीएम में हेराफेरी कर करीब 4.30 लाख ठगी की शिकायत दी थी। बैंक अधिकारियों ने बताया कि एटीएम में टेक्नीकल एरर पैदा कर रुपये निकाल रहा है। इसके बाद बैंक से शिकायत कर दोबारा रुपये भी ले रहा है। जांच के दौरान ताजा मामले में पुलिस को छह दिसंबर को एक वारदात को पता चला। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी ने मशीन में दिक्कत पैदा करने के बाद दोबारा रुपये लेने के लिए ब्रांच में शिकायत की है।
सीसीटीवी के के आधार पर कोतवाली थाना पुलिस ने एटीएम बूथ के गार्ड के साथ बैठक की और उनको आरोपी की तस्वीर दे दी। 11 दिसंबर को आरोपी वही कपड़े पहनकर दोबारा उसी एटीएम में पहुंचा, जहां छह दिसंबर को उसने रकम निकाली थी। गार्ड ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से 17 एटीएम कार्ड व निकाले गए 8000 रुपये बरामद कर लिये।
10 से 15 सेकंड एटीएम की कैश ट्रे में हाथ डालकर होल्ड करता था कैश...
पुलिस की पूछताछ में आरोपी अजहरुद्दीन ने बताया कि उसके गांव में एटीएम से कैश निकालने के दौरान ठगी करना बहुत साधारण बात है। आरोपी ने बताया कि जिस बैंक में उनका खाता होता था। उस बैंक के अलावा दूसरे एटीएम मशीन से कैश निकालने जाता था। रुपये निकालने के दौरान आरोपी कैश ट्रे हाथ डालकर कैश को 10 से 15 सेकंड तक अंदर ही होल्ड कर लेता था। इसकी वजह से मशीन एरर दिखा देती थी। आरोपी कैश मशीन से निकाल लेता था। इस तरह मशीन को चकमा देकर कैश लेकर चला जाता था। इसके बाद जिस बैंक में उसका खाता होता था वहां बैंक को शिकायत लिखकर कहता था कि उसके खाते से रकम कट तो गई, लेकिन एटीएम से कैश नहीं निकला। शिकायत पर बैंक ग्राहक को रुपये दे देता था। ऐसे में आरोपी एटीएम से रुपये लेने के अलावा बैंक से अलग ले लेता था।