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मौलाना अजहर के वीडियो से आत्मघाती हमला करने को तैयार था लातिफ
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मसूद अजहर के वीडियो से गुमराह हुआ था लातिफ
दिल्ली में जैश के पंफलेट छपवाए थे, आरोपियों के कब्जे से आधा दर्जन से ज्यादा सिम मिले
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आतंकी सरगना मौलाना मसूद अजहर के जहर उगलने वाले वीडियो देखकर अब्दुल लातिफ आतंकी बनने के लिए गुमराह हुआ था। वह जम्मू-कश्मीर में आत्मघाती हमला करने के लिए तैयार था। मुफ्ती के कोर्स के दौरान वह कुछ गुमराह युवकों के संपर्क में आया। उसके बाद इसने सोशल मीडियो पर पोस्ट डालनी शुरू कर दी थीं। इन पोस्ट से प्रभावित होकर पाकिस्तानी हैंडलर अबू माश इससे प्रभावित हो गया और इससे संपर्क किया। आतंकियों के कब्जे से आधा दर्जन से ज्यादा सिम मिले हैं।
अबू माश ने इसे टेलीग्राम पर वीडियो कॉल की थी। लातिफ ने पूछा कि वह कौन बोल रहा है तो अबू माश ने कहा कि वह अल्लाह का बंदा है। लातिफ ने उसका नाम पूछा तो अबू माश ने फोन काट दिया। इसके बाद ये टेलीग्राम पर चेटिंग करने लगे। अबू माश उसे मसूद अजहर के वीडियो भेजने लगा। इनसे गुमराह होकर वह आत्मघाती हमले के लिए तैयार हो गया। माश से उसने यह बात कही। उसके कहने पर वह टाटा सूमो किराए पर लेकर श्रीनगर के लाल चौक पर आकिब से मिला। आकिब ने उसे 50-60 हैँड ग्रेनेड दिए थे। अबू माश के भेजे ग्रेनेड चलाने के वीडियो से उसने ग्रेनेड चलाकर देखा। इसके बाद वह साथियों संग जम्मू-कश्मीर में ग्रेनेड से हमले करने लगा।
लातिफ को पता नहीं है कि आकिब कौन है। वह लातिफ के घर पर दो दिन रहा था, मगर अपने बारे में कुछ नहीं बताया। स्पेशल सेल के अधिकारियों ने बताया कि लातिफ ने तुर्कमान गेट पर जैश-ए-मोहम्मद के पंफलेट छपवाने को दिए। कुछ पंफलेट छपवा भी लिए थे, मगर ये ठीक नहीं छपे थे। इस कारण उसने दूसरे पंफलेट छपवाने को दिए। ये अभी नहीं छपे थे। दिल्ली में लातिफ शुरू में वजीराबाद और बाद में लक्ष्मी नगर में रहा था। किसी भी मकान मालिक ने उसका पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया।
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26 जनवरी से पहले दिल्ली में तबाही फैलानी थी-
लातिफ ने बताया कि उसने व्हाट्स ऐप ग्रुप बना रखा था। इससे 15 से ज्यादा आतंकी जुड़े थे। इनमें से चार-पांच गिरफ्तार हो चुके हैं और बाकी फरार हैं। ये चैटिंग के अलावा इंटरनेट कॉलिंग भी करते थे। आतंकियों ने खुलासा किया है कि हैंडलर अबू माश के आदेश पर 26 जनवरी से पहले दिल्ली में आतंकी हमले करने थे। हिलाल जम्मू-कश्मीर में था। वह लातिफ के कहने पर ग्रेनेड और तबाही का अन्य सामान जम्मू-कश्मीर से दिल्ली लेकर आता।
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दिल्ली में जैश के पंफलेट छपवाए थे, आरोपियों के कब्जे से आधा दर्जन से ज्यादा सिम मिले
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आतंकी सरगना मौलाना मसूद अजहर के जहर उगलने वाले वीडियो देखकर अब्दुल लातिफ आतंकी बनने के लिए गुमराह हुआ था। वह जम्मू-कश्मीर में आत्मघाती हमला करने के लिए तैयार था। मुफ्ती के कोर्स के दौरान वह कुछ गुमराह युवकों के संपर्क में आया। उसके बाद इसने सोशल मीडियो पर पोस्ट डालनी शुरू कर दी थीं। इन पोस्ट से प्रभावित होकर पाकिस्तानी हैंडलर अबू माश इससे प्रभावित हो गया और इससे संपर्क किया। आतंकियों के कब्जे से आधा दर्जन से ज्यादा सिम मिले हैं।
अबू माश ने इसे टेलीग्राम पर वीडियो कॉल की थी। लातिफ ने पूछा कि वह कौन बोल रहा है तो अबू माश ने कहा कि वह अल्लाह का बंदा है। लातिफ ने उसका नाम पूछा तो अबू माश ने फोन काट दिया। इसके बाद ये टेलीग्राम पर चेटिंग करने लगे। अबू माश उसे मसूद अजहर के वीडियो भेजने लगा। इनसे गुमराह होकर वह आत्मघाती हमले के लिए तैयार हो गया। माश से उसने यह बात कही। उसके कहने पर वह टाटा सूमो किराए पर लेकर श्रीनगर के लाल चौक पर आकिब से मिला। आकिब ने उसे 50-60 हैँड ग्रेनेड दिए थे। अबू माश के भेजे ग्रेनेड चलाने के वीडियो से उसने ग्रेनेड चलाकर देखा। इसके बाद वह साथियों संग जम्मू-कश्मीर में ग्रेनेड से हमले करने लगा।
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लातिफ को पता नहीं है कि आकिब कौन है। वह लातिफ के घर पर दो दिन रहा था, मगर अपने बारे में कुछ नहीं बताया। स्पेशल सेल के अधिकारियों ने बताया कि लातिफ ने तुर्कमान गेट पर जैश-ए-मोहम्मद के पंफलेट छपवाने को दिए। कुछ पंफलेट छपवा भी लिए थे, मगर ये ठीक नहीं छपे थे। इस कारण उसने दूसरे पंफलेट छपवाने को दिए। ये अभी नहीं छपे थे। दिल्ली में लातिफ शुरू में वजीराबाद और बाद में लक्ष्मी नगर में रहा था। किसी भी मकान मालिक ने उसका पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया।
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26 जनवरी से पहले दिल्ली में तबाही फैलानी थी-
लातिफ ने बताया कि उसने व्हाट्स ऐप ग्रुप बना रखा था। इससे 15 से ज्यादा आतंकी जुड़े थे। इनमें से चार-पांच गिरफ्तार हो चुके हैं और बाकी फरार हैं। ये चैटिंग के अलावा इंटरनेट कॉलिंग भी करते थे। आतंकियों ने खुलासा किया है कि हैंडलर अबू माश के आदेश पर 26 जनवरी से पहले दिल्ली में आतंकी हमले करने थे। हिलाल जम्मू-कश्मीर में था। वह लातिफ के कहने पर ग्रेनेड और तबाही का अन्य सामान जम्मू-कश्मीर से दिल्ली लेकर आता।