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पांच हजार रुपये में बन गया था जमानती, गिरफ्तार
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पांच हजार रुपये लेकर बन गया जमानती, गिरफ्तार
बदमाश के कोर्ट में पेश नहीं होने पर शुरू की गई थी तलाश
जांच में आरोपी की ओर से लगाए गए दस्तावेज फर्जी निकले
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एक शख्स पांच हजार रुपये लेकर बदमाश का जमानती बन गया। बदमाश कोर्ट में पेश नहीं हुआ तो जमानती की तलाश की गई तो वह भी गायब मिला। साकेत थाना पुलिस ने मामला दर्जकर जमानत देने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया।
दक्षिण जिला डीसीपी विजय कुमार के अनुसार वर्ष 2018 में लूटपाट के मामले में सरिता विहार थाना पुलिस ने हरकेश नगर, ओखला निवासी मो. सोहैल खान (42) को गिरफ्तार किया था। साकेत कोर्ट ने एमएस अपार्टमेंट, केजी मार्ग निवासी ओमप्रकाश गिरी के जमानती बनने पर उसे बेल प्रदान की। जेल से छूटने के बाद मो. सोहैल कोर्ट में पेश नहीं होने लगा। कोर्ट ने जमानती को ढूंढने के आदेश दिए तो वह भी गायब मिला। ओमप्रकाश गिरी ने कागजों के साथ पे स्लीप लगाई थी, वह भी फर्जी निकली। कोर्ट के आदेश के बाद साकेत थाना पुलिस ने मामला दर्जकर जांच शुरू की। पता लगा कि ओमप्रकाश गिरी पहले टेलीकॉम रेगुलेटरी अथारिटी में ड्राइवर की नौकरी करता था। साकेत थाने में तैनात एएसआई गिरीराज ने ओमप्रकाश गिरी को ढूंढ निकाला और उसे गिरफ्तार कर लिया। ओमप्रकाश गिरी ने पूछताछ में बताया कि उसका पाटियाला हाउस कोर्ट में पत्नी से कानूनी विवाद चल रहा था। कोर्ट में उसकी मुलाकात अनवर व मुंशी से हुई। इनके कहने पर वह मो. सोहैल खान का जमानती बन गया। कागजों का इंतजाम अनवर ने किया। जमानती बनने पर अनवर ने उसे पांच हजार रुपये दिए थे। साकेत थाना पुलिस इस मामले में जांच कर रही है।
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बदमाश के कोर्ट में पेश नहीं होने पर शुरू की गई थी तलाश
जांच में आरोपी की ओर से लगाए गए दस्तावेज फर्जी निकले
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एक शख्स पांच हजार रुपये लेकर बदमाश का जमानती बन गया। बदमाश कोर्ट में पेश नहीं हुआ तो जमानती की तलाश की गई तो वह भी गायब मिला। साकेत थाना पुलिस ने मामला दर्जकर जमानत देने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया।
दक्षिण जिला डीसीपी विजय कुमार के अनुसार वर्ष 2018 में लूटपाट के मामले में सरिता विहार थाना पुलिस ने हरकेश नगर, ओखला निवासी मो. सोहैल खान (42) को गिरफ्तार किया था। साकेत कोर्ट ने एमएस अपार्टमेंट, केजी मार्ग निवासी ओमप्रकाश गिरी के जमानती बनने पर उसे बेल प्रदान की। जेल से छूटने के बाद मो. सोहैल कोर्ट में पेश नहीं होने लगा। कोर्ट ने जमानती को ढूंढने के आदेश दिए तो वह भी गायब मिला। ओमप्रकाश गिरी ने कागजों के साथ पे स्लीप लगाई थी, वह भी फर्जी निकली। कोर्ट के आदेश के बाद साकेत थाना पुलिस ने मामला दर्जकर जांच शुरू की। पता लगा कि ओमप्रकाश गिरी पहले टेलीकॉम रेगुलेटरी अथारिटी में ड्राइवर की नौकरी करता था। साकेत थाने में तैनात एएसआई गिरीराज ने ओमप्रकाश गिरी को ढूंढ निकाला और उसे गिरफ्तार कर लिया। ओमप्रकाश गिरी ने पूछताछ में बताया कि उसका पाटियाला हाउस कोर्ट में पत्नी से कानूनी विवाद चल रहा था। कोर्ट में उसकी मुलाकात अनवर व मुंशी से हुई। इनके कहने पर वह मो. सोहैल खान का जमानती बन गया। कागजों का इंतजाम अनवर ने किया। जमानती बनने पर अनवर ने उसे पांच हजार रुपये दिए थे। साकेत थाना पुलिस इस मामले में जांच कर रही है।
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