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Hindi News ›   Delhi ›   10 lakh blown out of account by 'clickjacking' and blocking SIM cards

दिल्ली : ‘क्लिकजैकिंग’ और सिम कार्ड ब्लॉक कर खाते से उड़ाए दस लाख, चार गिरफ्तार

Tue, 30 Nov 2021 06:06 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Tue, 30 Nov 2021 06:06 AM IST
सार

इस गैंग का सरगना एक अफ्रीकी नागरिक है जो लोगों के बैंक खातों, यूजर आईडी और पासवर्ड की जानकारी हासिल करने के लिए उन्हें झांसा देने वाली ईमेल भेजता था।

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10 lakh blown out of account by 'clickjacking' and blocking SIM cards
demo pic - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली पुलिस ने ‘क्लिकजैकिंग’ और सिम कार्ड ब्लॉकिंग मामले में चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान ओखला निवासी कासिफ अख्तर, पटना निवासी गौरव कुमार, मुंबई निवासी मूस गौस शेख और थाणे महाराष्ट्र निवासी मोहम्मद अली के रूप में हुई है। 

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इस गैंग का सरगना एक अफ्रीकी नागरिक है जो लोगों के बैंक खातों, यूजर आईडी और पासवर्ड की जानकारी हासिल करने के लिए उन्हें झांसा देने वाली ईमेल भेजता था। गैंग उन लोगों को निशाना बनाता है जिनके पास करंट या बिजनेस अकाउंट होता है। 
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‘क्लिकजैकिंग’ट्रिक के जरिये यूजर को एक चीज पर क्लिक करने के लिए विवश किया जाता है जबकि असलियत में वह दूसरी चीज को क्लिक कर रहा होता है। 

दिल्ली पुलिस ने कहा कि बुधवार को हरीश चंदर ने अपनी शिकायत में कहा कि उसे मोबाइल फोन पर वैकल्पिक मोबाइल फोन नंबर देने का अनुरोध मिला था। उसे ये अनुरोध सामान्य लगा क्योंकि उसने एक दिन पहले ही नया सिम लिया था। उसका ये सिम बुधवार शाम को ब्लॉक हो गया। जब शिकायतकर्ता ने बृहस्पतिवार को अपना ईमेल चेक किया तो वहां पर नेट बैंकिंग पासवर्ड जनरेट करने का अनुरोध था। बैंक से संपर्क करने पर उसे पता चला कि उसके खाते से दस लाख रुपये बिहार और पश्चिम बंगाल के दो खातों में ट्रांसफर हो चुके हैं। 
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उसने कस्टमर केयर कार्यकर्ता से ये भी पता चला कि उसका सिम कार्ड लक्ष्मी नगर के किसी मॉल से किसी अनजान शख्स को जारी किया गया है। जांच के दौरान पुलिस ने कॉल सर्विस प्रदाता और बैंक से जानकारी जुटाई। इस तरह संदिग्धों के फोटो, शिकायतकर्ता का फर्जी वोटर कार्ड और दूसरी जानकारी हासिल कर ली। 

पुलिस को ये भी पता चला कि ठगी की रकम पटना के कुमार सम्राट और पश्चिम बंगाल के मनोज दास के खाते में ट्रांसफर की गई थी। इसके बाद ये राशि एटीएम के जरिये निकाली गई थी।

उत्तर दिल्ली जिला पुलिस उपायुक्त सागर सिंह कलसी ने बताया कि पुलिस ने कई बेटिंग वेबसाइट को खंगाला और पता चला कि कासिफ अख्तर वो शख्स है जिसे हरीश का सिम कार्ड जारी किया गया था। इसके बाद उसे 17 नवंबर को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से शिकायतकर्ता का फर्जी वोटर कार्ड भी बरामद किया गया। 

कासिफ ने बताया कि वह गौरव कुमार और एक अन्य शख्स के साथ लक्ष्मी नगर से सिम लेने गया था। पुलिस ने कासिफ की निशानदेही पर पटना से गौरव कुमार को गिरफ्तार कर लिया। 

गौरव कुमार ने बताया कि वह मूसा गौस शेख के लिए काम कर रहा था और उसे सिम कार्ड के बदले 20 हजार रुपये मिले थे। उसने बताया कि शेख मुंबई निवासी मोहम्मद अली के लिए काम करता है। 

कलसी ने बताया कि शेख और अली को इंटरनेट बैंकिंग आईडी और पासवर्ड अफ्रीकी नागरिक सन्नी से मिले थे। इसके बाद पुलिस ने मुंबई से बुधवार को शेख और बृहस्पतिवार को अली को गिरफ्तार लिया। 


जांच में पता चला कि अख्तर ने डुप्लीकेट सिम कार्ड जारी करवाने के लिए सन्नी का मोबाइल नंबर दिया था। उसी के मोबाइल नंबर पर ओटीपी आया था। अख्तर ने ये ओटीपी सर्विस प्रोवाइडर को दिया था। इसके बाद सिम लेकर गौरव कुमार को दे दिया था। इसके बाद बुधवार और बृहस्पतिवार की दरमियानी रात दस लाख रुपये हरीश के खाते से ट्रांसफर कर लिए गए थे।  

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