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लाल किला हिंसा: तलवार भांजने के आरोपी प्रीतपाल सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज
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नई दिल्ली। अदालत ने गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड में लाल किले पर दोनों हाथों से तलवार भांजने के आरोपी प्रीतपाल सिंह को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि राष्ट्रीय उत्सव सभी को अच्छे तरीके से मनाने का अधिकार है, लेकिन जिस तरह आरोपी ने मनाया, उसकी कानून इजाजत नहीं देता है।
तीस हजारी कोर्ट की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश चारु अग्रवाल ने अभियोजन पक्ष के उस तर्क को स्वीकार कर लिया कि आरोपी से हिरासत में पूछताछ जरूरी है। अदालत ने माना कि जांच आरंभिक स्थिति में है और आरोपी से पूछताछ में कुछ नए तथ्य भी सामने आ सकते हैं। ऐसे में आरोपी को जमानत देने का कोई आधार नहीं है।
आरोपी के वकील ने कहा था कि गणतंत्र दिवस के दिन आरोपी लाल किले पर मार्शल आर्ट का प्रदर्शन कर राष्ट्रीय उत्सव मना रहा था। राष्ट्रीय उत्सव बनाने का सभी को अधिकार है। उस पर बैरिकेड तोड़ने का आरोप है जो जमानती है। वह किसी भी प्रकार के दंगे में लिप्त नहीं था। ऐसे में उसकी अग्रिम जमानत स्वीकार की जाए।
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सरकारी वकील ने याचिका पर आपत्ति जताते हुए कहा कि आरोपी तलवारबाजी कर पुलिस पर हमला कर रहा था। उसके व्यवहार से कई लोगों की जान को खतरा बन गया था। इसके अलावा उसे हिरासत में लेकर पूछताछ करनी है कि उसके साथ अन्य कौन लोग शामिल थे। जांच के हित में आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की जाए।
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तीस हजारी कोर्ट की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश चारु अग्रवाल ने अभियोजन पक्ष के उस तर्क को स्वीकार कर लिया कि आरोपी से हिरासत में पूछताछ जरूरी है। अदालत ने माना कि जांच आरंभिक स्थिति में है और आरोपी से पूछताछ में कुछ नए तथ्य भी सामने आ सकते हैं। ऐसे में आरोपी को जमानत देने का कोई आधार नहीं है।
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आरोपी के वकील ने कहा था कि गणतंत्र दिवस के दिन आरोपी लाल किले पर मार्शल आर्ट का प्रदर्शन कर राष्ट्रीय उत्सव मना रहा था। राष्ट्रीय उत्सव बनाने का सभी को अधिकार है। उस पर बैरिकेड तोड़ने का आरोप है जो जमानती है। वह किसी भी प्रकार के दंगे में लिप्त नहीं था। ऐसे में उसकी अग्रिम जमानत स्वीकार की जाए।
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सरकारी वकील ने याचिका पर आपत्ति जताते हुए कहा कि आरोपी तलवारबाजी कर पुलिस पर हमला कर रहा था। उसके व्यवहार से कई लोगों की जान को खतरा बन गया था। इसके अलावा उसे हिरासत में लेकर पूछताछ करनी है कि उसके साथ अन्य कौन लोग शामिल थे। जांच के हित में आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की जाए।