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लालकिला हिंसा: अभियोग चलाने की मंजूरी न मिलने से आरोपपत्र के संज्ञान पर सुनवाई टली
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नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस हिंसा मामले में अभिनेता-कार्यकर्ता दीप सिद्धू और 15 अन्य के खिलाफ अभी तक महामारी रोग अधिनियम, आपदा प्रबंधन अधिनियम इत्यादि आरोप में अभियोग चलाने की मंजूरी नहीं मिल पाई। अदालत ने सभी आरोपियों के खिलाफ दायर आरोपपत्र पर संज्ञान संबंधी सुनवाई 17 जून तक स्थगित कर दी।
मुख्य मैट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट गजेंद्र सिंह नागर के समक्ष पेश सरकारी वकील ने बताया कि महामारी रोग अधिनियम, आपदा प्रबंधन अधिनियम और शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमा चलाने के लिए संबंधित विभाग की मंजूरी अभी विचाराधीन है।
अदालत ने अभियोजन पक्ष को मंजूरी प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश देते हुए आरोपी के वकीलों को आरोपपत्र की कॉपी देने से भी इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि संज्ञान से पहले कॉपी नहीं दी जा सकती। हालांकि उन्हें कोर्ट आने पर आरोपपत्र का निरीक्षण करने की अनुमति प्रदान कर दी।
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सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि उनके द्वारा मंजूरी प्राप्त करने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि हम जल्द ही पूरक आरोपपत्र दाखिल करेंगे।
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने इस मामले में अभिनेता दीप सिद्धू, इकबाल सिंह, मनिंदर मोनी और खेमप्रीत सहित 16 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। पुलिस ने सभी पर देशद्रोह, दंगा करना, हत्या की कोशिश और डकैती जैसी गंभीर धाराएं लगाई हैं। उसने इस मामले में दीप सिद्धू और लक्खा सिधाना को लाल किले की हिंसा के मुख्य साजिशकर्ता बताया हैं। इसमें कई बड़े किसान नेताओं के नाम भी शामिल हैं।
आरोपपत्र में पुलिस ने लाल किले पर हुई हिंसा को पूर्व नियोजित बताया है। पुलिस ने कहा कि जांच में पाया गया कि इस हिंसा की पहले से ही तैयारी थी। इसे अचानक हुई हिंसा कहना गलत है, क्योंकि दंगाई हथियारों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे थे। इन्होंने वहां जमकर उपद्रव मचाया। पुलिस के मुताबिक, ट्रैक्टर रैली की आड़ में इस हिंसा को अंजाम दिया गया।
पुलिस ने किसानों को शांतिपूर्ण तरीके से ट्रैक्टर रैली करने की अनुमति दी थी, लेकिन ट्रैक्टर के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर करीब तीन सौ उपद्रवी वहां पहुंचे थे। वहां उन्होंने लाल किले के अंदर बलपूर्वक प्रवेश कर जमकर उत्पात मचाया। एक समय तो ऐसा आया कि उपद्रवियों ने लाल किले पर कब्जा कर लिया था। आरोपपत्र में पुलिस ने कहा कि यह सुनियोजित घटना थी। यह इससे भी पता चलता है कि दंगाइयों ने सुरक्षा कर्मियों पर जानलेवा हमला किया। इस बाबत दिल्ली पुलिस ने विभिन्न स्तर पर जांच कर 43 एफआईआर दर्ज की हैं। अब तक 150 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
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मुख्य मैट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट गजेंद्र सिंह नागर के समक्ष पेश सरकारी वकील ने बताया कि महामारी रोग अधिनियम, आपदा प्रबंधन अधिनियम और शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमा चलाने के लिए संबंधित विभाग की मंजूरी अभी विचाराधीन है।
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अदालत ने अभियोजन पक्ष को मंजूरी प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश देते हुए आरोपी के वकीलों को आरोपपत्र की कॉपी देने से भी इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि संज्ञान से पहले कॉपी नहीं दी जा सकती। हालांकि उन्हें कोर्ट आने पर आरोपपत्र का निरीक्षण करने की अनुमति प्रदान कर दी।
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सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि उनके द्वारा मंजूरी प्राप्त करने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि हम जल्द ही पूरक आरोपपत्र दाखिल करेंगे।
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने इस मामले में अभिनेता दीप सिद्धू, इकबाल सिंह, मनिंदर मोनी और खेमप्रीत सहित 16 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। पुलिस ने सभी पर देशद्रोह, दंगा करना, हत्या की कोशिश और डकैती जैसी गंभीर धाराएं लगाई हैं। उसने इस मामले में दीप सिद्धू और लक्खा सिधाना को लाल किले की हिंसा के मुख्य साजिशकर्ता बताया हैं। इसमें कई बड़े किसान नेताओं के नाम भी शामिल हैं।
आरोपपत्र में पुलिस ने लाल किले पर हुई हिंसा को पूर्व नियोजित बताया है। पुलिस ने कहा कि जांच में पाया गया कि इस हिंसा की पहले से ही तैयारी थी। इसे अचानक हुई हिंसा कहना गलत है, क्योंकि दंगाई हथियारों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे थे। इन्होंने वहां जमकर उपद्रव मचाया। पुलिस के मुताबिक, ट्रैक्टर रैली की आड़ में इस हिंसा को अंजाम दिया गया।
पुलिस ने किसानों को शांतिपूर्ण तरीके से ट्रैक्टर रैली करने की अनुमति दी थी, लेकिन ट्रैक्टर के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर करीब तीन सौ उपद्रवी वहां पहुंचे थे। वहां उन्होंने लाल किले के अंदर बलपूर्वक प्रवेश कर जमकर उत्पात मचाया। एक समय तो ऐसा आया कि उपद्रवियों ने लाल किले पर कब्जा कर लिया था। आरोपपत्र में पुलिस ने कहा कि यह सुनियोजित घटना थी। यह इससे भी पता चलता है कि दंगाइयों ने सुरक्षा कर्मियों पर जानलेवा हमला किया। इस बाबत दिल्ली पुलिस ने विभिन्न स्तर पर जांच कर 43 एफआईआर दर्ज की हैं। अब तक 150 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।