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कोर्ट ने मंजूर की एनआईए की अर्जी: जेल में बंद अमेरिकी-यूक्रेनी सैनिकों से होगी पूछताछ, घुसपैठ और साजिश के आरोप
Mon, 31 Aug 2026 07:14 PM IST
Digvijay Singh
एंजेसी
एंजेसी
Published by: Digvijay Singh
Updated Mon, 31 Aug 2026 07:14 PM IST
सार
दिल्ली की एक अदालत ने नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी की अर्ज़ी को सोमवार को मंज़ूरी दी। इस अर्ज़ी में तिहाड़ जेल के अंदर पूछताछ करने की इजाज़त मांगी गई थी। यह पूछताछ अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैन डाइक और यूक्रेनी नागरिक कामिन्स्की विक्टर से होनी है।
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NIA
- फोटो : सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
दिल्ली की एक अदालत ने नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी की अर्ज़ी को सोमवार को मंज़ूरी दी। इस अर्ज़ी में तिहाड़ जेल के अंदर पूछताछ करने की इजाज़त मांगी गई थी। यह पूछताछ अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैन डाइक और यूक्रेनी नागरिक कामिन्स्की विक्टर से होनी है।
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ये दोनों कथित भाड़े के सैनिक न्यायिक हिरासत में हैं। एजेंसी ने इन पर आतंकी साज़िश में शामिल होने का आरोप लगाया है। यह साज़िश भारत में जातीय सशस्त्र समूहों से जुड़ी है। स्पेशल जज प्रशांत शर्मा ने एनआईए को 2 और 3 सितंबर को जेल में डाइक और विक्टर से पूछताछ करने की अनुमति दी। एनआईए ने 13 मार्च को डाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों को गिरफ़्तार किया था। इन यूक्रेनी नागरिकों में विक्टर, हर्बा पेट्रो, स्लीवियाक तारास, इवान सुकमानोव्स्की, स्टेफनकिव मारियन और होंचारुक मक्सिम शामिल थे। इन सभी को देश भर के अलग-अलग घरेलू हवाई अड्डों पर पकड़ा गया था।
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घुसपैठ और साजिश के आरोप
इन लोगों ने कथित तौर पर म्यांमार से मिज़ोरम सीमा के ज़रिए भारत में घुसपैठ की थी। भाड़े के सैनिकों के तौर पर काम करने के शक वाले इस समूह की एक बड़ी आतंकी साज़िश के लिए जांच की जा रही है। इस साज़िश में भारत और म्यांमार में जातीय सशस्त्र समूहों की मदद करना शामिल है। उन्हें ड्रोन का प्रशिक्षण देना भी इस साज़िश का हिस्सा बताया गया है।
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गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत
अदालत ने 16 मार्च को एनआईए को आरोपियों की 11 दिन की हिरासत दी थी। हिरासत अवधि पूरी होने के बाद, इन सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अब एनआईए को जेल में उनसे दोबारा पूछताछ का अवसर मिला है। यह पूछताछ मामले के महत्वपूर्ण पहलुओं को उजागर कर सकती है।