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धन शोधन मामले में टीएमसी के पूर्व सांसद केडी सिंह को जमानत
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नई दिल्ली। अदालत ने धन शोधन के मामले में गिरफ्तार तृणमूल कांग्रेस पार्टी (टीएमसी) के पूर्व राज्यसभा सांसद केडी सिंह उर्फ कंवर दीप सिंह को जमानत प्रदान कर दी। राऊज एवेन्यू कोर्ट की विशेष न्यायाधीश गीतांजलि गोयल ने आरोपी पूर्व सांसद को पांच लाख रुपये के जमानती एवं उतनी ही राशि के दो मुचलके पर जमानत दी है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उन्हें 13 जनवरी को गिरफ्तार किया था। केडी सिंह वर्ष 2014 में टीएमसी के राज्यसभा सदस्य थे। हाल ही में अदालत ने उनके खिलाफ दाखिल आरोप पत्र का संज्ञान लिया था। ईडी के अधिवक्ता अमित महाजन, नवीन कुमार माटा ने जमानत पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इस मामले में बड़ी संख्या में रिकॉर्ड हैं और केडी सिंह से अन्य लोगों के साथ पूछताछ करने की जरूरत है।
ईडी ने कहा आरोपी ने जांच में सहयोग नहीं किया और जमानत के बाद वे गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। वहीं, केडी सिंह की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता विक्रम सिंह दलील दी कि उनका मुवक्किल उन दो कंपनियों के साथ कभी नहीं जुड़ा था जिन्हें ईडी ने मामले में नामित किया था। उन्होंने इस मामले में केडी सिंह की गिरफ्तारी पर भी सवाल उठाया।
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ईडी ने जून 2019 में केडी सिंह की 239 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की थी। ईडी ने आरोप लगाया था कि पोंजी मामले में सिंह की फर्म की जांच की जा रही है। सितंबर 2019 में ईडी ने अल्केमिस्ट इन्फ्रा रियल्टी एलएलसी से संबंधित मनी लॉड्रिंग जांच में केडी सिंह के परिसरों की तलाशी ली थी।
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उन्हें 13 जनवरी को गिरफ्तार किया था। केडी सिंह वर्ष 2014 में टीएमसी के राज्यसभा सदस्य थे। हाल ही में अदालत ने उनके खिलाफ दाखिल आरोप पत्र का संज्ञान लिया था। ईडी के अधिवक्ता अमित महाजन, नवीन कुमार माटा ने जमानत पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इस मामले में बड़ी संख्या में रिकॉर्ड हैं और केडी सिंह से अन्य लोगों के साथ पूछताछ करने की जरूरत है।
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ईडी ने कहा आरोपी ने जांच में सहयोग नहीं किया और जमानत के बाद वे गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। वहीं, केडी सिंह की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता विक्रम सिंह दलील दी कि उनका मुवक्किल उन दो कंपनियों के साथ कभी नहीं जुड़ा था जिन्हें ईडी ने मामले में नामित किया था। उन्होंने इस मामले में केडी सिंह की गिरफ्तारी पर भी सवाल उठाया।
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ईडी ने जून 2019 में केडी सिंह की 239 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की थी। ईडी ने आरोप लगाया था कि पोंजी मामले में सिंह की फर्म की जांच की जा रही है। सितंबर 2019 में ईडी ने अल्केमिस्ट इन्फ्रा रियल्टी एलएलसी से संबंधित मनी लॉड्रिंग जांच में केडी सिंह के परिसरों की तलाशी ली थी।