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एजुकेशनल एप में नौकरी कर चुके काउंसलर ने लूटे थे 10 लाख, असम से गिरफ्तार
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नई दिल्ली। नामी एजुकेशनल एप में काउंसलर की नौकरी कर चुके एक शख्स ने अपने सहयोगी के साथ मिलकर कारोबारी के कर्मचारियों से 10 लाख रुपये लूट लिए। वारदात में आरोपियों ने कारोबारी के एक कर्मचारी को भी शामिल किया। पुलिस ने लूटपाट की इस गुत्थी को सुलझाते हुए कारोबारी के कर्मचारी व पूर्व एजुकेशनल काउंसलर को असम से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान लकी और कर्मचारी राहुल के रूप में हुई है। पुलिस को मामले में एक अन्य आरोपी मोनू की तलाश है। आरोपी लकी ने अपने व पत्नी के खाते में लूट के कई लाख रुपये जमा करा दिए थे। पुलिस ने इन रुपयों के अलावा लूटा गया बैग भी बरामद कर लिया है। आरोपी लकी पर अपनी ही मां की हत्या का आरोप लगा था, जिसमें यह साढ़े पांच साल सजा भी काटकर आया था। फिलहाल हाईकोर्ट ने इसे बरी कर दिया था।
उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त अंटो अल्फोंस ने बताया कि 27 फरवरी को रूप नगर में राकेश नामक युवक ने 10 लाख रुपये लूट की शिकायत पुलिस से की थी। राकेश ने पुलिस को बताया कि वह उत्तरी दिल्ली के हडसन लेन में एक कारोबारी के यहां काम करता है। घटना वाले दिन वह अपने सहकर्मी राहुल के साथ करोलबाग से पेमेंट लेकर वापस ऑफिस लौट रहा था। इस बीच शक्ति नगर इलाके में बाइक सवार दो बदमाशों ने उनसे रुपयों से भरा बैग लूट लिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। सीसीटीवी फुटेज की जांच की तो आरोपियों की बाइक का नंबर मिला। बाइक के नंबर से पुलिस कृष्णा नगर निवासी सुदेश के पास पहुंची तो उसने बताया कि बाइक वह लकी नामक शख्स को बेच चुका है। इस बीच पता चला कि घटना दिन ही लकी ने शकरपुर थाने में बाइक चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शक होने पर पुलिस ने लकी का कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाला तो पता चला कि लकी की लगातार कारोबारी के दूसरे कर्मचारी राहुल से बात हो रही थी।
उसी आधार पर पुलिस ने एक मार्च को राहुल को संत नगर से दबोच लिया। पूछताछ के दौरान उसने लूटपाट की बात कुबूल कर ली। उसने बताया कि लकी को उसने ही रकम की सूचना दी थी, लकी असम भाग चुका है। पुलिस की एक टीम को असम भेजा गया। असम में लकी की पत्नी रहती है। पुलिस की टीम ने छानबीन के बाद लकी को बुधवार को असम से दबोच लिया। जांच के दौरान लकी और उसकी पत्नी के खाते से कई लाख रुपये मिले। इसके अलावा लूट की रकम से खरीदे गए सोने के कंगन, अंगूठी व अन्य सामान बरामद हुआ।
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मेडिकल फील्ड में ग्रेजुएट है लकी
पूछताछ के दौरान लकी ने बताया कि वह मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी में ग्रेजुएट है। छावला इलाके में उसकी मां की हत्या हो गई थी, जिसमें उस पर आरोप लगा और साढ़े पांच साल जेल में रहा। हाईकोर्ट से वह बरी हो गया। जेल में उसकी मुलाकात मोनू नामक बदमाश से हुई थी। जेल से बाहर आने के बाद लकी ने एक नामी एजुकेशनल एप में काउंसलर की नौकरी की लेकिन लॉक डाउन की वजह से उसकी नौकरी छूट गई। रुपयों की किल्लत होने के बाद उसने राहुल व मोनू के साथ मिलकर लूट की साजिश रची। 27 फरवरी से पहले भी एक बार लूट की कोशिश की गई, लेकिन कामयाब नहीं हुए। 27 फरवरी को मोनू और लकी ने वारदात को अंजाम दिया। पुलिस अब मोनू की तलाश कर रही है।
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उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त अंटो अल्फोंस ने बताया कि 27 फरवरी को रूप नगर में राकेश नामक युवक ने 10 लाख रुपये लूट की शिकायत पुलिस से की थी। राकेश ने पुलिस को बताया कि वह उत्तरी दिल्ली के हडसन लेन में एक कारोबारी के यहां काम करता है। घटना वाले दिन वह अपने सहकर्मी राहुल के साथ करोलबाग से पेमेंट लेकर वापस ऑफिस लौट रहा था। इस बीच शक्ति नगर इलाके में बाइक सवार दो बदमाशों ने उनसे रुपयों से भरा बैग लूट लिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। सीसीटीवी फुटेज की जांच की तो आरोपियों की बाइक का नंबर मिला। बाइक के नंबर से पुलिस कृष्णा नगर निवासी सुदेश के पास पहुंची तो उसने बताया कि बाइक वह लकी नामक शख्स को बेच चुका है। इस बीच पता चला कि घटना दिन ही लकी ने शकरपुर थाने में बाइक चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शक होने पर पुलिस ने लकी का कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाला तो पता चला कि लकी की लगातार कारोबारी के दूसरे कर्मचारी राहुल से बात हो रही थी।
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उसी आधार पर पुलिस ने एक मार्च को राहुल को संत नगर से दबोच लिया। पूछताछ के दौरान उसने लूटपाट की बात कुबूल कर ली। उसने बताया कि लकी को उसने ही रकम की सूचना दी थी, लकी असम भाग चुका है। पुलिस की एक टीम को असम भेजा गया। असम में लकी की पत्नी रहती है। पुलिस की टीम ने छानबीन के बाद लकी को बुधवार को असम से दबोच लिया। जांच के दौरान लकी और उसकी पत्नी के खाते से कई लाख रुपये मिले। इसके अलावा लूट की रकम से खरीदे गए सोने के कंगन, अंगूठी व अन्य सामान बरामद हुआ।
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मेडिकल फील्ड में ग्रेजुएट है लकी
पूछताछ के दौरान लकी ने बताया कि वह मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी में ग्रेजुएट है। छावला इलाके में उसकी मां की हत्या हो गई थी, जिसमें उस पर आरोप लगा और साढ़े पांच साल जेल में रहा। हाईकोर्ट से वह बरी हो गया। जेल में उसकी मुलाकात मोनू नामक बदमाश से हुई थी। जेल से बाहर आने के बाद लकी ने एक नामी एजुकेशनल एप में काउंसलर की नौकरी की लेकिन लॉक डाउन की वजह से उसकी नौकरी छूट गई। रुपयों की किल्लत होने के बाद उसने राहुल व मोनू के साथ मिलकर लूट की साजिश रची। 27 फरवरी से पहले भी एक बार लूट की कोशिश की गई, लेकिन कामयाब नहीं हुए। 27 फरवरी को मोनू और लकी ने वारदात को अंजाम दिया। पुलिस अब मोनू की तलाश कर रही है।