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चिंता: दिल्ली के अस्पतालों में पोस्ट कोविड के मरीज ज्यादा, कोरोना के कम, रोगियों को फेफड़े और सांस संबंधी परेशानियां

Mon, 21 Jun 2021 06:16 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Mon, 21 Jun 2021 06:16 PM IST
सार

दिल्ली के अस्पतालों में मिलाकर अब केवल 1258 कोरोना मरीज ही भर्ती हैं। इनमें से कई  ऐसे भी है, जहां केवल दो या तीन ही रोगी भर्ती हैं, लेकिन संक्रमण के मरीजों की संख्या कम होने के बाद अब पोस्ट कोविड मरीजों की तादाद तेजी से बढ़ रही है।  

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Coronavirus in delhi Post Kovid patients are more in Delhi hospitals, less than Corona
फाइल फोटो - फोटो : पीटीआई

विस्तार

राजधानी में कोरोना से हालात सुधर चुके हैं। संक्रमण के मामलों में कमी आने के बाद  नई परेशानी खड़ी हो गई है। अधिकतर निजी अस्पतालों में अब कोरोना के नहीं बल्कि पोस्ट कोविड समस्याओं से पीड़ित मरीज भर्ती हो रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अस्पतालों में भर्ती 75 फीसदी मरीज पोस्ट कोविड समस्याओं वाले हैं। इनमें से कुछ की हालत गंभीर है। 
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दिल्ली के अस्पतालों में मिलाकर अब केवल 1258 कोरोना मरीज ही भर्ती हैं। इनमें से कई  ऐसे भी है, जहां केवल दो या तीन ही रोगी भर्ती हैं, लेकिन संक्रमण के मरीजों की संख्या कम होने के बाद अब पोस्ट कोविड मरीजों की तादाद तेजी से बढ़ रही है।
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इन रोगियों को संक्रमण से स्वस्थ होने के बाद सांस लेने में तकलीफ, थकान, न्यूरो, ह्रदय संबंधी विकार, फेफड़ों में परेशानी और मानसिक समस्याएं हो रही है। डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना से स्वस्थ होने के बाद भी पूरी सावधानी बरतने की जरूरत है। ऐसा न करना घातक साबित हो सकता है।
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फोर्टिस अस्पताल के न्यूरोलॉजी विभाग के निदेशक डॉक्टर प्रवीन गुप्ता बताते हैं कि पिछले 15 दिन से पोस्ट कोविड मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इनमें से कुछ सिर, ह्रदय और फेफड़ों की गंभीर समस्या से पीड़ित हैं। ऐसे रोगियों को एक सप्ताह तक आईसीयू में रखने की जरूरत होती है। 

डॉ. प्रवीन ने कहा कि अस्पताल में इस समय कोरोना के सक्रिय मरीजों की तुलना में अधिक पोस्ट कोविड मरीज भर्ती हैं। इस समय अस्पताल के कोविड वार्डों में  75 फीसदी मरीज कोरोना के बाद होने वाली समस्याओं वाले भर्ती हैं।

इंडियन स्पाइनल इंजरीज सेंटर के डॉक्टर राजकुमार ने बताया कि अस्पताल में आने वाले पोस्ट कोविड मरीजों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। इनमें से कुछ को फिर से भर्ती करने की जरूरत पड़ रही है। कुछ मरीज ऐसे भी आ रहे हैं, जिनमें थकान की समस्या 10 से 12 सप्ताह से बनी हुई है। साथ ही बुखार भी कम नहीं हो रहा है। 

आईसीयू में हो रहे भर्ती
आकाश अस्पताल के डॉक्टर राकेश पंडित ने बताया कि पोस्ट कोविड समस्याओं से पीड़ित कुछ मरीजों को सांस लेने में काफी परेशानी हो रही है। इन रोगियों को आईसीयू में भर्ती किया गया है। उन्होंने कहा कि कोरोना से स्वस्थ होने के बाद भी पूरी सावधानी बरतने की जरूरत है। अगर शरीर में किसी भी प्रकार की समस्या महसूस हो रही है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाने की जरूरत है। 

खान-पान से फिट रखें फेफड़े
विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना से स्वस्थ होने के बाद भी खाने-पीने में सावधानी बरतनी चाहिए। मरीजों को कम से कम छह महीने बाद भी फेफड़ों और ह्रदय से संबंधित समस्या हो सकती है। इसलिए खुद को स्वस्थ बनाए रखना बहुत जरूरी है। संक्रमण से स्वस्थ होने के बाद मिर्च-मसाले वाला खाना खाने से बचें। खाने में तुलसी, हल्दी, अंजीर, लहसुन और शहद जैसी चीजों का उपयोग कर सकते हैं। नियमित तौर पर फेफड़ों को मजबूत करने वाले प्रणायाम करें। 
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