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चिंताजनक: दिल्ली की भीड़ से केंद्र 'नाराज', स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी चेताया, कहा-हो सकता है विस्फोटक
Thu, 08 Jul 2021 12:18 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 08 Jul 2021 12:18 AM IST
सार
मंत्रालय ने दिल्ली की भीड़ पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जमीनी स्तर पर लगातार सख्त कदम उठाने के लिए कहा है। मंत्रालय के अनुसार दिल्ली के अलग अलग बाजारों से अक्सर भयावह तस्वीरें सामने आ रही हैं। यह आगामी दिनों के लिए किसी विस्फोटक स्थिति से कम नहीं है। राज्य सरकार और सभी जिला प्रशासन को मिलकर कोविड सतर्कता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
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बाजार में भीड़, कोविड नियमों का उल्लंघन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना की संक्रमण दर आधा फीसदी से भी नीचे है लेकिन यह उन राज्यों में सबसे आगे है जहां नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। कोविड सतर्कता नियमों का पालन नहीं होने की वजह से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने दिल्ली सरकार को सतर्क किया है।
मंत्रालय ने दिल्ली की भीड़ पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जमीनी स्तर पर लगातार सख्त कदम उठाने के लिए कहा है। मंत्रालय के अनुसार दिल्ली के अलग अलग बाजारों से अक्सर भयावह तस्वीरें सामने आ रही हैं। यह आगामी दिनों के लिए किसी विस्फोटक स्थिति से कम नहीं है। राज्य सरकार और सभी जिला प्रशासन को मिलकर कोविड सतर्कता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
दरअसल दूसरी लहर के दौरान जहां देश भर में कोरोना वायरस की वजह से लाखों लोगों की मौत और तबाही देखने को मिली। ठीक वैसी ही स्थिति दिल्ली की सड़कों पर भी दिखाई दे रही थी। हालांकि 10 मई को राष्ट्रीय स्तर पर दूसरी लहर का पीक गुजरने के बाद नए मामले कम होते चले गए।
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दिल्ली में भी तेजी से कोरोना संक्रमण दर में कमी आई लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह कमी ज्यादा दिन तक सरकार बरकरार नहीं रख सकती। जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. राजीव जयदेवन का यहां तक कहना है कि दिल्ली से बाहर आ रहीं तस्वीरों को देख ऐसा बिलकुल नहीं लगता है कि सरकार कोरोना संक्रमण की कमी को अधिक दिन तक रोक कर रख सकती है। लोगों का लापरवाह रवैया एक नई मुसीबत को बुलावा दे रहा है।
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मंत्रालय ने दिल्ली की भीड़ पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जमीनी स्तर पर लगातार सख्त कदम उठाने के लिए कहा है। मंत्रालय के अनुसार दिल्ली के अलग अलग बाजारों से अक्सर भयावह तस्वीरें सामने आ रही हैं। यह आगामी दिनों के लिए किसी विस्फोटक स्थिति से कम नहीं है। राज्य सरकार और सभी जिला प्रशासन को मिलकर कोविड सतर्कता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
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दरअसल दूसरी लहर के दौरान जहां देश भर में कोरोना वायरस की वजह से लाखों लोगों की मौत और तबाही देखने को मिली। ठीक वैसी ही स्थिति दिल्ली की सड़कों पर भी दिखाई दे रही थी। हालांकि 10 मई को राष्ट्रीय स्तर पर दूसरी लहर का पीक गुजरने के बाद नए मामले कम होते चले गए।
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दिल्ली में भी तेजी से कोरोना संक्रमण दर में कमी आई लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह कमी ज्यादा दिन तक सरकार बरकरार नहीं रख सकती। जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. राजीव जयदेवन का यहां तक कहना है कि दिल्ली से बाहर आ रहीं तस्वीरों को देख ऐसा बिलकुल नहीं लगता है कि सरकार कोरोना संक्रमण की कमी को अधिक दिन तक रोक कर रख सकती है। लोगों का लापरवाह रवैया एक नई मुसीबत को बुलावा दे रहा है।
वहीं, दिल्ली एम्स के जूनियर रेजीडेंट डॉ. अमित गुप्ता ने सोशल मीडिया पर अलग अलग इलाकों की तस्वीर साझा करते हुए यहां तक लिखा कि कोरोना महामारी ने उनके पिता को छीन लिया। जो लोग नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं वे सभी बीमारी को फैलाने के लिए जिम्मेदार हैं।
ऐसे लोगों के खिलाफ सख्ती होनी चाहिए। अगर लोगों ने इस तरह का रवैया न अपनाया होता तो उनके पिता जीवित होते और कोरोना संक्रमण इतना नहीं फैलता। बहरहाल केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की चेतावनी को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक कोई जानकारी नहीं दी गई।
ऐसे लोगों के खिलाफ सख्ती होनी चाहिए। अगर लोगों ने इस तरह का रवैया न अपनाया होता तो उनके पिता जीवित होते और कोरोना संक्रमण इतना नहीं फैलता। बहरहाल केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की चेतावनी को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक कोई जानकारी नहीं दी गई।