फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Corona in Delhi: Different school principals gave feedback

दिल्ली में कोरोना: अलग-अलग स्कूल प्रिंसिपलों ने दी प्रतिक्रिया, संक्रमण बढ़ने पर स्कूलों को बंद करना समाधान नहीं

Sun, 17 Apr 2022 11:45 PM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: अनुराग सक्सेना Updated Sun, 17 Apr 2022 11:45 PM IST
सार

दिल्ली में कोरोना के मामले दिनों-दिन बढ़ते जा रहे हैं। रविवार को दिल्ली में कोरोना के 517 नए मामले मिले हैं। इसे देखते हुए स्कूलों को बंद करने की बात फिर उठने लगी है। इस पर विभिन्न स्कूलों के संचालकों, प्रिंसिपल ने प्रतिक्रिया दी है।

विज्ञापन
Corona in Delhi: Different school principals gave feedback
कोरोना के बढ़ते मामलों पर स्कूल संचालकों ने दी प्रतिक्रिया - फोटो : Social Media

विस्तार

राजधानी में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच स्कूलों को बंद करना समाधान नहीं बताया गया है। इसे लेकर दिल्ली के अलग-अलग स्कूल प्रिंसिपलों की ओर प्रतिक्रिया मिली है। प्रिंसिपलों का कहना है कि स्कूलों में बच्चों व स्टाफ की सुरक्षा के लिए सुरक्षा मानकों को अपनाया जा रहा है। ऐसे में स्कूल बंद होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी।

विज्ञापन


रोहिणी स्थित द श्री राम वंडर इयर्स की प्रमुख शुभी सोनी के मुताबिक, कोरोना वायरस कभी नहीं जाएगा, लेकिन यह कम हो जाएगा। आने वाले वर्षों में यह एक स्थानिक, इन्फ्लूएंजा और मौसमी फ्लू के रूप में कम हो सकता है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनने को वैकल्पिक बनाने का सरकार का निर्णय कोविड के मामलों में मौजूदा बढ़ोतरी का कारण है।
विज्ञापन


सोनी ने कहा हमें स्थिति के खराब होने का इंतजार नहीं करना चाहिए और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बिना किसी देरी के सख्त प्रोटोकॉल पूरे जोरों से लागू किए जाने चाहिए। स्कूल बंद करना किसी भी तरह से समाधान नहीं है, क्योंकि छात्र सीखने में पीछे रह गए हैं और इसने उनके सामाजिक और भावनात्मक कल्याण पर भारी असर डाला है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रोहिणी स्थित एमआरजी स्कूल की प्रिंसिपल अंशु मित्तल ने कहा कि वह कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए सभी आवश्यक उपाय कर रही हैं। इसके तहत कक्षाओं की निरंतर सफाई और कीटाणुरहित करना, शारीरिक दूरी व गतिविधियों के लिए खुले स्थानों का उपयोग करना जैसे उपाय किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों और स्टाफ प्रशासन के अच्छे स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के लिए कड़ी निगरानी रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। माता-पिता की चिंताओं को दूर करने और शिक्षार्थियों के मानसिक, भावनात्मक और शारीरिक कल्याण की देखभाल करने के लिए परामर्शदाता की अध्यक्षता में वेलनेस स्टाफ हमेशा उपलब्ध रहता है।

शालीमार बाग स्थित मॉडर्न पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल अलका कपूर के मुताबिक, पूरे स्कूल को बंद करना अब कोई विकल्प नहीं है। अब तक स्थिति बहुत चिंताजनक नहीं है। हम बंद से बचने के लिए हर संभव सावधानी बरत रहे हैं। लेकिन, अगर सरकार ऐसा कोई फैसला लेती है तो हमें उसका सकारात्मक जवाब देना होगा। सभी छात्रों और कर्मचारियों को मास्क पहनना चाहिए। स्कूलों और सरकार द्वारा दिए गए नियमों का पालन करना चाहिए। हमें उन्हें नियमित रूप से हाथ धोने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए और प्रत्येक छात्र के बैग में कम से कम एक बोतल सैनिटाइजर जरूर होनी चाहिए। इन सभी सावधानियों से हम संभावित खतरों से बच सकते हैं।

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शनिवार को कहा था कि राजधानी में कोरोना के मामले भले ही बढ़ रहे हों, लेकिन चिंता की कोई बात नहीं है, क्योंकि अस्पताल में भर्ती होने की संख्या कम है। महामारी के कारण दो साल के अंतराल के बाद स्कूल पूरी तरह से ऑफलाइन चल रहे हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed