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दिल्ली में कोरोना: देशभर के 70 फीसदी नए मामले एनसीआर में, लोकनायक अस्पताल में 250 बेड आरक्षित

Sun, 17 Apr 2022 11:57 PM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: अनुराग सक्सेना Updated Sun, 17 Apr 2022 11:57 PM IST
सार

राजधानी में बीते दो सप्ताह में संक्रमण दर 0.5 फीसदी से बढ़कर 5.33 फीसदी हो गई है। शनिवार को 461 नए मामलों के साथ 5.33 फीसदी संक्रमण दर दर्ज की गई थी, जबकि दो मौतें भी हुईं थी। शुक्रवार को दिल्ली में 366 मामले दर्ज किए गए थे।

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Corona in Delhi 250 beds reserved in Loknayak Hospital
जम्मू में कोरोना जांच - फोटो : पीटीआई-फाइल फोटो

विस्तार

कोरोना संक्रमण के देश में रविवार को मिले 1,150 नए मरीजों में से 815 सिर्फ दिल्ली-एनसीआर के हैं। दिल्ली में ही 517 नए केस मिले हैं। एनसीआर में देश के 70 फीसदी से ज्यादा मरीज हैं।

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दिल्ली के बाद गुड़गांव में सबसे ज्यादा 157 केस मिले तो, नोएडा में 76, गाजियाबाद में 33 और फरीदाबाद में 32 नए मरीज मिले हैं। दिल्ली में मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी तो हुई है, लेकिन संक्रमण दर पांच फीसदी से घटकर 4.21 फीसदी पर आ गई।

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स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, बीते एक दिन में कोरोना के 12,270 टेस्ट किए गए हैं। वहीं, 261 मरीजों ने कोरोना को हराया है। होम आइसोलेशन में 964 मरीज, अस्पतालों में 66, आईसीयू में नौ, ऑक्सीजन सपोर्ट पर 10 मरीज हैं। नए मामलों के साथ सक्रिय मरीजों की संख्या 1518 रिकॉर्ड की गई है। वहीं, कंटेनमेंट जोन की संख्या 635 हो चुकी है। एक दिन पहले 461 नए मामले व 5.33 फीसदी संक्रमण दर रही थी

राजधानी में संक्रमण दर पांच फीसदी से अधिक होने पर डॉक्टरों ने चिंता व्यक्त की है। डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना के लक्षण होने पर खुद का टेस्ट करवाना चाहिए। संक्रमण रोकने के लिए मास्क का प्रयोग जरूरी है। उधर, लोकनायक अस्पताल में कोरोना रोगियों के लिए 250 बेड आरक्षित किए गए हैं।

राजधानी में बीते दो सप्ताह में संक्रमण दर 0.5 फीसदी से बढ़कर 5.33 फीसदी हो गई है। शनिवार को 461 नए मामलों के साथ 5.33 फीसदी संक्रमण दर दर्ज की गई थी, जबकि दो मौतें भी हुईं थी। शुक्रवार को दिल्ली में 366 मामले दर्ज किए गए थे। इससे पहले एक फरवरी को 5.09 फीसदी संक्रमण दर दर्ज की गई थी, जबकि 31 जनवरी को यह आंकड़ा 6.2 फीसदी था।

प्रमुख सरकारी और निजी अस्पतालों के डॉक्टरों ने जोर दिया है कि मामलों में बढ़ोतरी के मद्देनजर टेस्ट बढ़ाने की भी आवश्यकता है। लोक नायक अस्पताल के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने कहा कि  जिन लोगों में कोरोना के लक्षण विकसित हो रहे हैं, वे बड़े पैमाने पर टेस्ट के लिए नहीं  जा रहे हैं। यदि लोगों में लक्षण हैं तो वे परीक्षण के लिए जरूर जाएं। यहां तक कि होम आइसोलेशन के लिए जाने वालों को भी टेस्ट करवाना चाहिए।

अब बड़ी सभाओं से परहेज करें लोग

दिल्ली के सबसे बड़े कोविड अस्पताल लोक नायक अस्पताल की आपातकालीन विभाग की प्रमुख डॉ. ऋतु सक्सेना ने कहा कि संक्रमण बढ़ने के बीच अब लोगों को बड़ी सभाओं में शामिल होने से बचना चाहिए। साथ ही मास्क को अनिवार्य रूप से पहनना चाहिए। गौरतलब है कि  दिल्ली सरकार ने दो अप्रैल को मास्क नहीं पहनने पर जुर्माना लगाने पर रोक लगा दी थी। हालांकि, 20 अप्रैल को होने वाली डीडीएमए की बैठक में कुछ इस प्रकार के प्रतिबंधों की उम्मीद की जा सकती है।

ऋतु सक्सेना के मुताबिक, अस्पताल में कोरोना रोगियों के लिए 250 बेड आरक्षित हैं। स्थिति के आधार पर बढ़ी हुई सुविधाओं को फिर से आरक्षित किया जा सकता है। वर्तमान में पांच मरीज आईसीयू में हैं, लेकिन कोई भी मरीज वेंटिलेटर पर नहीं है।

थोड़ी पहले होनी चाहिए थी डीडीएमए की बैठक

अपोलो अस्पताल के डॉ. सुरनजीत चटर्जी ने कहा कि दिल्ली के हालात को देखते हुए डीडीएमए की बैठक थोड़ी पहले होनी चाहिए थी। साथ ही मास्क की अनिवार्यता को वापस लाने की जरूरत है। चटर्जी ने कहा कि  हमने हाल ही में अस्पताल में एक कोरोना रोगी को खो दिया, जिसकी उम्र 79 वर्ष थी। अच्छी बात यह है कि अस्पताल में भर्ती कोविड मरीजों की संख्या अभी भी कम है। डॉक्टर ने कहा कि बाजारों को बंद करने और कार्यालयों को बंद करने जैसे प्रमुख प्रतिबंधों को लागू नहीं किया जा सकता है, क्योंकि अर्थव्यवस्था पहले से ही महामारी की तीन लहरों के तहत कमजोर पड़ चुकी है।
 
बता दें कि संक्रमण दर में लगातार वृद्धि ने महामारी की संभावित नई लहर के बारे में चिंताओं को जन्म दिया है। पांच फरवरी को संक्रमण दर 2.87 फीसदी थी, जो 16 अप्रैल को बढ़कर 5.33 फीसदी हो गई थी।डॉक्टरों ने यह भी कहा है कि टीकाकरण और हर्ड इम्युनिटी ने निश्चित रूप से लोगों को भी एक स्तर की सुरक्षा प्रदान की है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को कहा था कि सरकार राजधानी में कोविड की स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए है और फिलहाल घबराने की कोई बड़ी वजह नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

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