कोरोना: दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन बोले- सीरोपॉजिटिविटी दर 97 फीसदी, छठे सीरो सर्वे में खुलासा
दिल्ली में दूसरी लहर से पहले पांच बार सीरो सर्वे हुआ था। छठा सर्वे पिछले महीने तीन एनजीओ की सहायता लेकर शुरू किया था। दूसरी लहर के बाद यह पहला सीरो सर्वे है। इसके तहत बीते 24 सितंबर से 280 वार्डों से कुल 28 हजार लोगों के रैंडम सैंपल लिए गए और उनकी जांच की गई।
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10 में से सात दिल्ली वाले कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। राजधानी के 11 में से तीन जिले ऐसे हैं जहां हर व्यक्ति संक्रमण की चपेट में आ चुका है। जबकि दो जिलों में एक या फिर दो फीसदी ही आबादी संक्रमण से बची आई है। गुरुवार को दिल्ली सरकार ने छठे सीरो सर्वे के परिणाम सार्वजनिक करते हुए बताया कि 28 हजार लोगों की जांच में 97 फीसदी संक्रमित मिल चुके हैं। इन लोगों में कोरोना होने के बाद शरीर में बनने वाली एंटीबॉडी पाई गई हैं जिनकी पहचान करने के बाद यह कहा जा सकता है कि लगभग संबंधित क्षेत्र की पूरी आबादी का भी यही परिणाम हो सकता है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर आने के बाद राजधानी में हर्ड इम्युनिटी विकसित हो चुकी है। करीब तीन फीसदी आबादी ही अब तक संक्रमण से बची आई है। विभाग के अनुसार पूर्वी दिल्ली जिले में सीरो सकारात्मकता दर (एंटीबॉडी का स्तर) सबसे अधिक 99.80 फीसदी दर्ज किया है। जबकि उत्तर पूर्वी में 99.70 और मध्य जिले में 99.50 फीसदी आबादी संक्रमण की चपेट में आ चुकी है।
इनके अलावा दक्षिणी दिल्ली और उत्तर पश्चिम जिले में एक से दो फीसदी आबादी ही संक्रमण से बची हुई है। दक्षिणी दिल्ली में 99 और उत्तर पश्चिम में 98.50 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी पाई गई हैं। इनके अलावा नई दिल्ली में 95.70, शाहदरा में 94.3, उत्तर में 95.1, दक्षिण पूर्व में 95.9, दक्षिण पश्चिम में 93.3 और पश्चिम दिल्ली जिले में 95.2 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी मिली हैं। दिल्ली में सबसे कम शाहदरा जिले की आबादी कोरोना की चपेट में आई है।
इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि पुरुषों की तुलना में महिलाएं ज्यादा कोरोना की चपेट में आई हैं। वहीं 18 वर्ष से कम आयु वालों में 88 फीसदी तक एंटीबॉडी मिली हैं। इनसे अधिक आयु में यह दर 97 से 98 फीसदी तक है। उन्होंने बताया कि जिन लोगों को वैक्सीन नहीं लगी है उनमें 90 फीसदी तक एंटीबॉडी मिली हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि इस साल अप्रैल और मई में दिल्ली में महामारी की दूसरी भयंकर लहर की चपेट में आने के बाद यह पहला सर्वेक्षण है। जनवरी में किए गए पांचवें दौर के सीरो सर्वेक्षण से पता चला था कि दिल्ली में 56.13 फीसदी लोगों ने कोविड के खिलाफ एंटीबॉडी विकसित कर ली थी।
यह कुल मिलाकर छठा और दूसरी लहर आने के बाद पहला सीरो सर्वे था। पांचवां सीरो सर्वे जनवरी में हुआ था, जिसके अनुसार दिल्ली में 56.13 प्रतिशत लोगों में कोरोना वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी विकसित हुई थी।