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Delhi News: जेएनयू हॉस्टल मेस में वेज-नॉन वेज नोटिस लगाने पर विवाद

Wed, 30 Jul 2025 10:44 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 30 Jul 2025 10:44 PM IST
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Controversy over putting up veg-non veg notice in JNU hostel mess
छात्रसंघ के विरोध प्रदर्शन के बाद नोटिस हटा लिया गया
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वार्डन ने जांच के लिए समिति बनाने का दिया आश्वासन






अमर उजाला ब्यूरो



नई दिल्ली। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के माही-मांडवी हॉस्टल की मेस में छात्रों के खाने को लेकर वेज-नॉन वेज का नोटिस लगाने को लेकर विवाद हो गया है। छात्रसंघ के विरोध प्रदर्शन के बाद नोटिस हटा लिया गया।



हालांकि इस नोटिस में किसी के कोई हस्ताक्षर नहीं थे। जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष नीतीश कुमार और मनीषा ने आरोप लगाते हुए कहा कि हॉस्टल के एबीवीपी से अध्यक्ष और मेस के एक अधिकारी ने यह नोटिस लगाया था। जेएनयू में इस तरह की बांटने वाली सोच को बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जाएगा। जेएनयू में एक साथ बैठकर खाने की व्यवस्था को अलग-अलग होने नहीं दिया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि छात्र समुदाय के बीच के सौहार्द को तोड़ने की यह चिंताजनक कोशिश है। यह हॉस्टल के नियमों का पूर्ण उल्लंघन है। फूट डालने के इस प्रयास का विरोध और एबीवीपी की घृणा और अलगाव की राजनीति की निंदा करते हैं। छात्रसंघ के हस्तक्षेप के बाद इस नोटिस को हटा लिया गया। इसको लेकर वार्डन से बात की गई। वार्डन ने ऐसे किसी प्रकार के निर्णय को लेकर जानकारी न होने की सूचना दी।
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सांविधानिक मूल्यों को बनाए रखेंगे



छात्रसंघ अध्यक्ष नीतीश कुमार ने कहा कि वार्डन ने इस मामले की जांच के लिए समिति गठन करने का आश्वासन दिया है। जेएनयू में भोजन की निगरानी का कोई इतिहास नहीं रहा है। जेएनयू बहुलता, विविधता और लोकतांत्रिक सह-अस्तित्व का उत्सव मनाता है। जेएनयू छात्रसंघ समानता और स्वतंत्रता के सांविधानिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही यह सुनिश्चित करता है कि सांप्रदायिक और भेदभावपूर्ण प्रथाओं को परिसर में जगह न मिले।


एकसाथ बैठकर खाने को थी शिकायत



इस संबंध में एबीवीपी जेएनयू के अध्यक्ष राजेश्वर कांत दुबे ने कहा कि खाने के नाम पर लोगों को बांटने का आरोप गलत है। खाने की आदतों को लेकर स्वतंत्रता दी गई है। कई दिनों से छात्रों की तरफ से शिकायत मिल रही थी कि एक साथ बैठकर खाने में असहज और असुविधा महसूस हो रही है। इसको लेकर एक विकल्प की व्यवस्था की गई थी।





सावन का चल रहा है महीना

एबीवीपी से जेएनयू के संयुक्त सचिव वैभव मीणा ने कहा कि यह बेवजह का विरोध किया जा रहा है। सावन का महीना चल रहा है उसी को लेकर छात्रों ने अपनी बात रखी थी। छात्रों ने आपसी सहमति से नोटिस लगाया था। जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है। वह विभाजित करने का मुद्दा केवल अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए जबरदस्ती कर रहे हैं। हमारी प्रशासन से मांग है कि वेज खाने की व्यवस्था उसी मेस में हो और अलग से बने। एक साथ खाना बनाने से कई सारे वेज खाने वाले छात्र खाना छोड़ देते हैं जिसमें नॉन वेज बनता है। वेज खाने वाले छात्रों के खाने की पवित्रता का ध्यान रखा जाएं।
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