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दिल्ली: कृषि कानूनों के अधिनियमन के एक वर्ष पूरा होने पर शिअद 17 सितंबर को मनाएगा काला दिवस, संसद मार्च की भी योजना
Sat, 11 Sep 2021 11:02 PM IST
सुशील कुमार कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुशील कुमार कुमार
Updated Sat, 11 Sep 2021 11:02 PM IST
सार
शिरोमणि अकाली दल ने नाराज किसानों को मनाने की कवायद शुरू कर दी। शिअद नेताओं ने पंजाब के 32 किसान संगठनों से संपर्क किया है।
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शिरोमणि अकाली दल के कार्यकर्ता।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने तीन कृषि कानूनों के अधिनियमन के एक वर्ष पूरा होने पर 17 सितंबर को काला दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। दिल्ली में पार्टी कार्यकर्ता किसानों के साथ तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर संसद तक विरोध मार्च निकालेंगे।
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Shiromani Akali Dal (SAD) has decided to observe September 17th as Black Day on the completion of one year of enactment of three farm laws. Party workers in Delhi, alongside farmers, will hold a protest march to Parliament demanding repeal of the three Farm Laws.
— ANI (@ANI) September 11, 2021विज्ञापन
वहीं दूसरी तरफ शिरोमणि अकाली दल ने नाराज किसानों को मनाने की कवायद शुरू कर दी। शिअद नेताओं ने पंजाब के 32 किसान संगठनों से संपर्क किया है। वरिष्ठ नेता प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने शिअद नेतृत्व के साथ वार्ता के लिए किसान नेताओं से एक समिति बनाने का आग्रह किया।
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शिअद की 'गल पंजाब' मुहिम के दौरान मोगा में किसानों पर हुए लाठीचार्ज से किसान नेता नाराज चल रहे हैं। शिअद नेता प्रो. चंदूमाजरा ने किसान नेताओं को एक पत्र भी लिखा। जिसमें कहा गया कि अकाली दल हमेशा किसानों के मुद्दे पर खड़ा रहा और संयुक्त किसान मोर्चा के हर फैसले का समर्थन किया।
किसानों की सभी चिंताओं को दूर करने के साथ-साथ तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने के लिए एकजुट होकर शिअद किसानों के साथ काम करना चाहता है। यही कारण है कि शिअद ने अपने अभियान को एक सप्ताह के लिए टाल दिया। उन्होंने किसानों से अपील की कि किसान नेता अकाली दल की ओर से वार्ता के लिए बलविंदर भुंडूर और मनजिंदर सिंह सिरसा से पसंद के स्थान पर मिल सकते हैं।