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2397 करोड़ के फर्जीवाड़े में कंपनी का निदेशक गिरफ्तार
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आरोपी राजेन्द्र प्रसाद अग्रवाल।
- फोटो : Ashram
2397 करोड़ के फर्जीवाड़े में कंपनी का निदेशक गिरफ्तार
नई दिल्ली। आर्थिक अपराध शाखा ने 2397 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े में गुरुदेव फाइनेंशियल सर्विसेज के निदेशक राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर फर्जी रियल एस्टेट कंपनी तारा अलॉय लिमिटेड बनाकर 676 करोड़ रुपये का ऋण लेने का आरोप है। इस मामले में पुलिस अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल को बीते सोमवार को उसके पंजाबी बाग स्थित घर से गिरफ्तार किया गया है।
शाखा के संयुक्त आयुक्त ओपी मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2019 में वित्तीय कंपनी रेलिगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड के प्रतिनिधि मनप्रीत सिंह सूरी ने प्रबंधकीय पदों पर तैनात मालविंदर मोहन सिंह, शिवेंद्र मोहन सिंह, सुनील गोधवानी सहित अन्य पर कंपनी के रुपयों का गलत इस्तेमाल कर दूसरों को देने की शिकायत की थी। इससे कंपनी को करीब 2397 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। शिकायत में उन्होंने कहा कि रेलिगेयर ग्रुप के प्रमोटर शिवेंद्र मोहन व उसके अन्य सहयोगियों ने स्टॉक ब्रोकर नरेंद्र कुमार घोषाल के साथ मिलकर साजिश के तहत राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल को ऋण दिया। आरोपियों ने राजेेंद्र को वर्ष 2016-17 में 676 करोड़ रुपये दिए। जांच में यह बात सामने आई कि राजेंद्र प्रसाद ने फर्जी रियल एस्टेट कंपनी बनाकर वित्तीय कंपनी को करोड़ों का नुकसान पहुंचाया। पुलिस ने कंपनी के पदाधिकारियों सहित ब्रोकर नरेंद्र कुमार घोषाल को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था । उसके बाद से पुलिस राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल को तलाश रही थी।
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नई दिल्ली। आर्थिक अपराध शाखा ने 2397 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े में गुरुदेव फाइनेंशियल सर्विसेज के निदेशक राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर फर्जी रियल एस्टेट कंपनी तारा अलॉय लिमिटेड बनाकर 676 करोड़ रुपये का ऋण लेने का आरोप है। इस मामले में पुलिस अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल को बीते सोमवार को उसके पंजाबी बाग स्थित घर से गिरफ्तार किया गया है।
शाखा के संयुक्त आयुक्त ओपी मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2019 में वित्तीय कंपनी रेलिगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड के प्रतिनिधि मनप्रीत सिंह सूरी ने प्रबंधकीय पदों पर तैनात मालविंदर मोहन सिंह, शिवेंद्र मोहन सिंह, सुनील गोधवानी सहित अन्य पर कंपनी के रुपयों का गलत इस्तेमाल कर दूसरों को देने की शिकायत की थी। इससे कंपनी को करीब 2397 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। शिकायत में उन्होंने कहा कि रेलिगेयर ग्रुप के प्रमोटर शिवेंद्र मोहन व उसके अन्य सहयोगियों ने स्टॉक ब्रोकर नरेंद्र कुमार घोषाल के साथ मिलकर साजिश के तहत राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल को ऋण दिया। आरोपियों ने राजेेंद्र को वर्ष 2016-17 में 676 करोड़ रुपये दिए। जांच में यह बात सामने आई कि राजेंद्र प्रसाद ने फर्जी रियल एस्टेट कंपनी बनाकर वित्तीय कंपनी को करोड़ों का नुकसान पहुंचाया। पुलिस ने कंपनी के पदाधिकारियों सहित ब्रोकर नरेंद्र कुमार घोषाल को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था । उसके बाद से पुलिस राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल को तलाश रही थी।
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