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सीजेपी का प्रदर्शन: 200 से 500 रुपये में बन रहे फर्जी प्रेस कार्ड, रडार पर वेबसाइट; पत्रकारों के लिए एडवाइजरी
Sat, 10 Oct 2026 11:02 AM IST
Sharukh Khan
सचिन कुमार, अमर उजाला, नई दिल्ली
सचिन कुमार, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sharukh Khan
Updated Sat, 10 Oct 2026 11:02 AM IST
सार
जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन को लेकर एक और नई जानकारी भी सामने आई है। सामने आया है कि 200 से 500 रुपये में फर्जी प्रेस कार्ड बन रहे हैं। ऐसी वेबसाइट रडार पर हैं। दिल्ली पुलिस ने भी पत्रकारों के लिए एडवाइजरी जारी की है।
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CJP Delhi Protest
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सरकारी तंत्र की सख्ती और दिल्ली पुलिस की मुस्तैदी के बावजूद, इंटरनेट पर सक्रिय कई वेबसाइट 200 से 500 रुपये लेकर धड़ल्ले से प्रेस आईडी कार्ड तैयार कर रहे हैं।
चौंकाने वाली बात यह है कि 1 से 10 अक्तूबर के इस शुरुआती हफ्ते में इन वेबसाइट पर फर्जी कार्ड बनाने की बाढ़ सी आ गई है, जिसका कोई भी केंद्रीकृत सरकारी डेटाबेस उपलब्ध नहीं है। पड़ताल में सामने आया है कि ये वेबसाइटें खुद कोई मीडिया हाउस नहीं हैं, बल्कि ये केवल एक डिजिटल ढांचा प्रदान करती हैं।
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चौंकाने वाली बात यह है कि 1 से 10 अक्तूबर के इस शुरुआती हफ्ते में इन वेबसाइट पर फर्जी कार्ड बनाने की बाढ़ सी आ गई है, जिसका कोई भी केंद्रीकृत सरकारी डेटाबेस उपलब्ध नहीं है। पड़ताल में सामने आया है कि ये वेबसाइटें खुद कोई मीडिया हाउस नहीं हैं, बल्कि ये केवल एक डिजिटल ढांचा प्रदान करती हैं।
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पोर्टल बांट रहे प्रेस कार्ड
कानूनी प्रावधानों और प्रेस रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया (पीआरजीआई) के नियमों के मुताबिक, केवल किसी पंजीकृत (आरएनआई/पीआरजीआई रजिस्टर्ड) समाचार पत्र, पत्रिका या सरकार से मान्यता प्राप्त टीवी चैनल/न्यूज पोर्टल का संपादक ही आधिकारिक प्रेस आईडी कार्ड जारी कर सकता है। लेकिन ये निजी वेबसाइट बिना किसी वेरिफिकेशन के किसी के भी नाम पर आईडी कार्ड छाप रहे हैं।
कानूनी प्रावधानों और प्रेस रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया (पीआरजीआई) के नियमों के मुताबिक, केवल किसी पंजीकृत (आरएनआई/पीआरजीआई रजिस्टर्ड) समाचार पत्र, पत्रिका या सरकार से मान्यता प्राप्त टीवी चैनल/न्यूज पोर्टल का संपादक ही आधिकारिक प्रेस आईडी कार्ड जारी कर सकता है। लेकिन ये निजी वेबसाइट बिना किसी वेरिफिकेशन के किसी के भी नाम पर आईडी कार्ड छाप रहे हैं।
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रडार पर वेबसाइट
इस फर्जीवाड़े को लेकर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और साइबर पुलिस स्टेशन पूरी तरह अलर्ट पर हैं। अक्तूबर के इसी पहले हफ्ते में दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान के सहारे भ्रामक फुटेज फैलाने वाले एक युवक को भी गिरफ्तार किया है। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त मंजीत श्योराण ने बताया कि कुछ प्रदर्शनकारी पत्रकारों का भेष धरते हैं और विरोध-प्रदर्शनों में शामिल होते हैं। ऐसे तत्वों की पहचान की जा रही है।
इस फर्जीवाड़े को लेकर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और साइबर पुलिस स्टेशन पूरी तरह अलर्ट पर हैं। अक्तूबर के इसी पहले हफ्ते में दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान के सहारे भ्रामक फुटेज फैलाने वाले एक युवक को भी गिरफ्तार किया है। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त मंजीत श्योराण ने बताया कि कुछ प्रदर्शनकारी पत्रकारों का भेष धरते हैं और विरोध-प्रदर्शनों में शामिल होते हैं। ऐसे तत्वों की पहचान की जा रही है।
पत्रकारों के लिए एडवाइजरी
पुलिस ने पत्रकारों से अपने संस्थान की ओर से जारी वैध पहचान पत्र या पीआईबी/डीआईपी का वैध मान्यता कार्ड साथ रखने और उसे स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने की अपील की है।
पुलिस ने पत्रकारों से अपने संस्थान की ओर से जारी वैध पहचान पत्र या पीआईबी/डीआईपी का वैध मान्यता कार्ड साथ रखने और उसे स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने की अपील की है।
जंतर-मंतर पर अभेद्य चक्रव्यूह, 37 जगह नाकाबंदी
जंतर-मंतर पर आज (शनिवार) होने वाले सीजेपी के धरना-प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सुरक्षा का चक्रव्यूह तैयार किया गया है। तकरीबन पांच किमी के दायरे में किलेबंदी की गई है।
जंतर-मंतर पर आज (शनिवार) होने वाले सीजेपी के धरना-प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सुरक्षा का चक्रव्यूह तैयार किया गया है। तकरीबन पांच किमी के दायरे में किलेबंदी की गई है।
जानकारी के मुताबिक, 37 जगहों पर नाकाबंदी की गई है। 15 हिरासत केंद्र बनाए गए हैं। लगभग 45 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई। इसमें दिल्ली पुलिस के अलावा अर्धसैनिक बलों के जवानों शामिल हैं। जंतर-मंतर और संसद मार्ग की तरफ जाने वाले रास्ते को छावनी में तब्दील किया गया है। लुटियंस दिल्ली के चप्पे-चप्पे पर बैरिकेड लगाकर रास्तों को बंद कर दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, केंद्र की ओर से 221 कंपनियां मुहैया कराई गई हैं। इनकी तैनाती 8 से 12 अक्टूबर तक सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए की गई है। इनमें करीब 23 हजार जवान होने की बात कही गई है। महिला सुरक्षाकर्मियों की अतिरिक्त तैनाती की बात सामने आई है।
जंतर मंतर के आसपास शनिवार को संभावित विरोध-प्रदर्शन की वजह से कनॉट प्लेस (सीपी) में दुकानें, कार्यालय और रेस्तरां बंद रहेंगे। कारोबारियों ने बताया कि सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया है।
इसलिए नहीं मिली प्रदर्शन की इजाजत
सीजेपी ने दिल्ली पुलिस से 10 अक्तूबर को सुबह दस बजे से दिन खत्म होने तक जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की इजाजत मांगी थी। हालांकि दिल्ली पुलिस ने इसे अस्वीकार कर दिया था। केंद्रीय गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, जंतर-मंतर पर कार्यक्रम की अनुमति मांगने वाला विधिवत आवेदन नहीं माना जा सकता है।
सीजेपी ने दिल्ली पुलिस से 10 अक्तूबर को सुबह दस बजे से दिन खत्म होने तक जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की इजाजत मांगी थी। हालांकि दिल्ली पुलिस ने इसे अस्वीकार कर दिया था। केंद्रीय गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, जंतर-मंतर पर कार्यक्रम की अनुमति मांगने वाला विधिवत आवेदन नहीं माना जा सकता है।
यह सूचना बहुत कम समय पहले मिली है, जबकि मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार जंतर-मंतर पर कार्यक्रम के लिए आवेदन कम से कम 10 दिन पहले दिया जाना चाहिए। अधिकारी मानते हैं कि विरोध करने का मौलिक अधिकार है, लेकिन अनुमति इस पर निर्भर करती है कि अन्य नागरिकों और उस इलाके के निवासियों के मौलिक अधिकारों का भी ध्यान रखा जाए।
डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस ने लिखा, पिछले अनुभवों से पता चलता है कि आम नागरिकों को विरोध-प्रदर्शन, ट्रैफिक जाम और अपनी जान-माल की सुरक्षा को लेकर चिंताओं जैसी कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
पुलिस ने शुरू की धरपकड़, हर थाना क्षेत्र में डिटेंशन सेंटर
सीजेपी के शनिवार को प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार देर शाम से ही धरपकड़ शुरू कर दी। पुलिस ने प्रदर्शन में जाने के लिए लोगों को उकसाने या भ्रम फैलाने वाले नेताओं व लोगों को उनके घर में नजरबंद करना या फिर हिरासत में लेना शुरू कर दिया।
सीजेपी के शनिवार को प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार देर शाम से ही धरपकड़ शुरू कर दी। पुलिस ने प्रदर्शन में जाने के लिए लोगों को उकसाने या भ्रम फैलाने वाले नेताओं व लोगों को उनके घर में नजरबंद करना या फिर हिरासत में लेना शुरू कर दिया।
दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि हर पुलिस स्टेशन क्षेत्र में एक डिटेंशन सेंटर बनाया गया है। प्रदर्शन से पहले ही दिल्ली पुलिस की ओर से एहतियातन गिरफ्तारियां और धरपकड़ शुरू हो गई है। पुलिस सभी बॉर्डर पर ड्रोन कैमरों से भी निगरानी रखेगी।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि जुलाई में हुए सीजेपी के आंदोलन के दौरान दो गंभीर चूक हुई थीं, जिनसे सबक लेते हुए दिल्ली पुलिस ने 10 अक्तूबर को जंतर-मंतर पर होने वाले विरोध प्रदर्शन के लिए एक विफलता-रोधी योजना तैयार की है। इसी के तहत, प्रदर्शनकारियों को उनके जिलों तक सीमित रखने की योजना बनाई है।