फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   90 percent trade stalled in Azadpur mandi due to Corona

कोरोनाः आजादपुर मंडी में 90 प्रतिशत व्यापार ठप, 14 व्यापारी संक्रमित होने से डर का माहौल

Thu, 30 Apr 2020 05:15 AM IST
नोएडा ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: नोएडा ब्यूरो Updated Thu, 30 Apr 2020 05:15 AM IST
विज्ञापन
90 percent trade stalled in Azadpur mandi due to Corona
Azadpur Sabzi Mandi - फोटो : Social Media

आजादपुर मंडी में कोरोना वायरस के संक्रमण का खौफ बढ़ता ही जा रहा है। जब से एक कारोबारी की मौत और 14 व्यापारियों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है तब से व्यापारियों ने मंडी से दूरी बना ली है। रोजाना जहां 20 शेड पर सब्जियों की बिक्री होती थी वहीं, बुधवार को आधे से अधिक शेड खाली रहे। जहां सब्जी की बिक्री हुई, वहां भी आवक काफी कम रही।

विज्ञापन


दिल्ली सरकार ने भले ही 24 घंटे मंडी खोलने का निर्देश दिया है, लेकिन कोरोना वायरस के खौफ के कारण मंडी में 90 प्रतिशत व्यापार कम हो गया है। इस मौसम में पिछले साल जहां 100 से 150 ट्रक आलू व इतनी ही प्याज आती थी, अब महज 20-20 ट्रक तक सिमट गई है। इस वजह से आलू का थोक भाव 18-20 रुपये प्रति किग्रा. रहा और प्याज के हालात भी लगभग यही रहे। हरियाणा बार्डर के कुछ इलाके सील होने के कारण हरी
विज्ञापन


सब्जियों की आवक काफी कम रही
मंडी से जुड़े व्यापारी कोरोना पॉजिटिव मिलने पर उत्तरी दिल्ली के डीएम दीपक शिंदे का कहना है कि वे किस-किस के संपर्क में आए, फिलहाल उनकी खोज की जा रही है। डीएम के मुताबिक, ये लोग सीधे तौर पर मंडी से नहीं जुड़े थे। मंडी में बड़े स्तर पर कोरोना वायरस को ध्यान में रखकर लोगों की जांच की गई है। आजादपुर मंडी एपीएमसी सदस्य अनिल मल्होत्रा का कहना है कि 95 प्रतिशत मंडी बुधवार को लॉकडाउन रही। मंडी में बहुत से ऐसे लोग हैं, जो कोरोना संक्रमित हैं, लेकिन उनकी रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों के पास नहीं है। इसकी वजह से यह आंकड़ा सिर्फ 11 है। वास्तविक जांच हो तो यह आंकड़ा एक हजार से भी अधिक हो सकता है। मंडी नियमित रूप से चल सके इसके लिए कोई खास पहल नहीं की जा रही है। व्यापारियों में डर का माहौल है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बाहर नहीं हो रही आवक
आलू व्यापारी संदीप खंडेलवाल ने बताया कि आलू की आवक 20 प्रतिशत रह गई है। ना तो बाहर से माल आ रहा है और ना ही मंडी में खरीदार पहुंच रहे हैं। टमाटर के आढ़ती राजीव कुमार ने बताया कि मंडी के शेड नंबर 19 पर सन्नाटा रहा। हालांकि, तीन छोटे टेंपो से स्थानीय लोग टमाटर लेकर आए। आढ़ती की अनुपस्थिति में मासाखोरो (रिटेलरों ) ने ही टमाटर की बिक्री की। थोक भाव में 25 रुपया प्रति किग्रा. भाव रहा। आजादपुर फ्रूट एंड वैजिटेबल वर्कर्स यूनियन के महासचिव हरवीर सिंह ने बताया कि फ्रूट मंडी में पिछले दिनों की तरह ही सन्नाटा रहा। आम, अंगूर, अनार, संतरे की मार्केट बंद रही। हालांकि, मंगलवार रात खरबूज की आवक रही।

हरी सब्जियों का रहा टोटा
हरियाणा से हरी सब्जियों की आवक बुधवार को ना के बराबर रही। जिरका मेवात से थोड़ी बहुत हरी सब्जी दिल्ली आई। छोटी पिकअप से टमाटर की आवक रही। अदरख और नींबू बिल्कुल ही नहीं आया। हरियाणा और पंजाब समेत अन्य राज्यों में आलू-प्याज और फल भी आजादपुर मंडी से नहीं गया। मंडी में हरियाणा से तुरई, लौकी, पालक, गोभी समेत अन्य हरी सब्जियां आती हैं। हालांकि, गुजरात और कोलकाता से पांच ट्रक सब्जी आई, जिससे ज्यादा कमी नहीं रही।

सब्जियों के भाव छूने लगे आसमान

सब्जियों की आवक कम होने और व्यापारियों के मंडी से दूरी बनाने की वजह से सब्जियों के भाव आसमान छूने लगे हैं। आलू-प्याज जहां पिछले दिनों खुदरा बाजार में 20-20 रुपये प्रति किग्रा. बिक रहे थे वहीं, बुधवार को 30-35 रुपये प्रति किग्रा. तक पहुंच गया। भिंडी 40 रुपये की जगह 80 रुपये, करेला 30 से बढ़कर 60 रुपये प्रति किग्रा. बिका। लौकी 30 रुपये तो तुरई 60-70 रुपये प्रति किग्रा. बिकी। वहीं, घास मंडी का शेड खाली रहा। इस वजह से सरसों, पालक, धनिया समेत अन्य पत्त्ते वाली हरी सब्जियां नदारद रही। खुदरा बाजार में बिकी भी तो मनमाने कीमत में।

सब्जी खरीदने जाएं तो ये बरतें सावधानी
-उस सब्जी विक्रेता के पास जाए जो बार-बार हाथ सैनिटाइज कर रहा हो।
-जहां सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा हो।
-सब्जी विक्रेता मास्क व दास्ताना नहीं पहना हो तो उससे सब्जी नहीं खरीदें।
-यह जरूर पता कर लें कि विक्रेता को बुखार या सर्दी-खांसी तो नहीं है।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव को लिखा पत्र
एग्रीकल्चरल प्रोडक्ट्स मार्केटिंग कमेटी आजादपुर ने केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव को पत्र लिखकर बताया कि आजादपुर मंडी में अभी तक 14 लोगों के संक्रमण की पुष्टि हुई है। इस वजह से मंडी के व्यापारियों में भय का माहौल है। एपीएमसी के सेक्रेटरी तनवीर अहमद की तरफ से स्वास्थ्य सचिव को लिखे गए पत्र में यह भी कहा गया है कि मंडी में कम से कम दो डाक्टरों की टीम को तैनात किया जाए। क्योंकि, मंडी में कोरोना वायरस की वजह से व्यापारियों, पल्लेदारों, मजदूरों में काफी भय है। अगर ऐसी ही स्थिति रही तो अति आवश्यक खाद्य पदार्थ सब्जी व फल की आपूर्ति में समस्या उत्पन्न हो सकती है। मंडी 24 अप्रैल से सातों दिन 24 घंटे खुली हुई है।

मंडी की जा रही है सैनिटाइज : सतेंद्र जैन
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा है कि आजादपुर मंडी को संक्रमण मुक्त किया जा रहा है। जहां संक्रमित व्यापारी काम पर आता था उस दुकान के आसपास की सभी दुकानें सील कर दी गई हैं और सभी एहतियाती उपाय किए जा रहे हैं। एपीएमसी के चेयरमैन आदिल अहमद ने कहा है कि आजादपुर मंडी में सब्जी और फल मिलाकर करीब 5000 टन आवक रही। लॉकडाउन के बाद से मंडी में आवक करीब 7-8 हजार टन तक दर्ज की जा रही थी। मांग के अनुपात में सब्जियां और फल उपलब्ध रहे। इनके भाव भी सामान्य रहे। किसी तरह की कोई बढ़ोतरी नहीं दर्ज की गई है। मंडी के बाहर सड़क पर लगने वाला जाम भी नहीं लगा। मंडी को लगातार सैनिटाइज किया जा रहा है। सोनीपत से जो हरी सब्जियां नहीं आई। राजस्थान की सब्जी मंडी में जरूर पहुंची।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed