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उत्तरी दिल्ली नगर निगम के बजट में चुनाव की झलक
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नई दिल्ली। उत्तरी दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति के अध्यक्ष एवं भाजपा पार्षद जोगीराम जैन ने बुधवार को चालू वर्ष का संशोधित और अगले साल का प्रस्तावित बजट पेश किया। पेश किए गए बजट के अनुसार उत्तरी दिल्ली नगर निगम क्षेत्र में आने वाले अस्पतालों में 500 से अधिक एलएमओ आधारित ऑक्सीजन बेड उपलब्ध कराए जाएंगे। हिंदुराव एवं कस्तूरबा अस्पताल के लिए एडवांस लाइफ स्पोर्ट एंबुलेंस खरीदने के साथ पेशेंट ट्रांसपोर्ट एंबुलेंस उपलब्ध कराई जाएगी। ई-वाहनों के लिए चार्जिंग और बैटरी स्वैप स्टेशन बनाए जाएंगे।
बजट पेश करने के दौरान स्थाई समिति अध्यक्ष ने कहा कि नगर निगम महामारी का सामना करने के साथ-साथ वित्तीय संकट से जूझ रहा है। दिल्ली सरकार ने बीटीए व अन्य अनुदानों में लगभग 20 प्रतिशत की कटौती की है। पांचवें वित्त आयोग के प्रावधानों के तहत वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 के लिए किए गए 1782.61 करोड़ रुपये के बजट प्रावधानों में से अभी तक 328.60 करोड़ रुपये कम दिए गए हैं। दिल्ली सरकार ने चौथे वित्त आयोग की सिफारिश स्वीकृत करने के बाद निरस्त कर दी। इस कारण उत्तरी दिल्ली नगर निगम को 68.97 करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा। नगर निगम के विभाजन के समय उत्तरी दिल्ली नगर निगम के हिस्से में बकाया ऋण एवं ब्याज 1823 करोड़ रुपये का भुगतान शेष था। तत्कालीन सरकार के अनुसार ऋण की माफी योजना के लिए 1100 करोड़ रुपये निगमों को देना है, लेकिन यह राशि अभी तक नहीं मिली है।
उत्तरी दिल्ली नगर निगम के बजट में चुनाव की झलक
उत्तरी दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति के अध्यक्ष एवं भाजपा पार्षद जोगीराम जैन की ओर से पेश किए गए बजट में नगर निगम के आगामी चुनाव की झलक साफ दिखाई दी। बजट में उन्होंने भाजपा शासन की उपलब्धियों का बखान करने के साथ ही दिल्ली सरकार पर नगर निगम का हर मामले में शोषण करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री दूसरे राज्यों में जनता के उत्थान की घोषणा कर रहे हैं, लेकिन उन्हें दिल्ली में नगर निगम कर्मियों की परेशानी दिखाई नहीं दे रही है। उनके कारण निगम कर्मियों का वेतन समय पर उपलब्ध नहीं हो रहा।
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नगर निगम की देनदारी बढ़ी
भाजपा पार्षद जोगीराम जैन नेे बताया कि उत्तरी दिल्ली नगर निगम की देनदारी पहले से बढ़कर 8803 करोड़ रुपये पहुंच गई है, जो अभी बढ़ती जा रही है। ऐसी स्थिति में वित्तीय संकट से उबरने के लिए यदि निगम की संपत्तियों को देखभाल, अतिक्रमण से बचाने के लिए किराए या लीज पर देने की पहल की गई, लेकिन उन पर भ्रष्टाचार के झूठे आरोप लगाए जा रहे है।
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बजट पेश करने के दौरान स्थाई समिति अध्यक्ष ने कहा कि नगर निगम महामारी का सामना करने के साथ-साथ वित्तीय संकट से जूझ रहा है। दिल्ली सरकार ने बीटीए व अन्य अनुदानों में लगभग 20 प्रतिशत की कटौती की है। पांचवें वित्त आयोग के प्रावधानों के तहत वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 के लिए किए गए 1782.61 करोड़ रुपये के बजट प्रावधानों में से अभी तक 328.60 करोड़ रुपये कम दिए गए हैं। दिल्ली सरकार ने चौथे वित्त आयोग की सिफारिश स्वीकृत करने के बाद निरस्त कर दी। इस कारण उत्तरी दिल्ली नगर निगम को 68.97 करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा। नगर निगम के विभाजन के समय उत्तरी दिल्ली नगर निगम के हिस्से में बकाया ऋण एवं ब्याज 1823 करोड़ रुपये का भुगतान शेष था। तत्कालीन सरकार के अनुसार ऋण की माफी योजना के लिए 1100 करोड़ रुपये निगमों को देना है, लेकिन यह राशि अभी तक नहीं मिली है।
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उत्तरी दिल्ली नगर निगम के बजट में चुनाव की झलक
उत्तरी दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति के अध्यक्ष एवं भाजपा पार्षद जोगीराम जैन की ओर से पेश किए गए बजट में नगर निगम के आगामी चुनाव की झलक साफ दिखाई दी। बजट में उन्होंने भाजपा शासन की उपलब्धियों का बखान करने के साथ ही दिल्ली सरकार पर नगर निगम का हर मामले में शोषण करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री दूसरे राज्यों में जनता के उत्थान की घोषणा कर रहे हैं, लेकिन उन्हें दिल्ली में नगर निगम कर्मियों की परेशानी दिखाई नहीं दे रही है। उनके कारण निगम कर्मियों का वेतन समय पर उपलब्ध नहीं हो रहा।
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नगर निगम की देनदारी बढ़ी
भाजपा पार्षद जोगीराम जैन नेे बताया कि उत्तरी दिल्ली नगर निगम की देनदारी पहले से बढ़कर 8803 करोड़ रुपये पहुंच गई है, जो अभी बढ़ती जा रही है। ऐसी स्थिति में वित्तीय संकट से उबरने के लिए यदि निगम की संपत्तियों को देखभाल, अतिक्रमण से बचाने के लिए किराए या लीज पर देने की पहल की गई, लेकिन उन पर भ्रष्टाचार के झूठे आरोप लगाए जा रहे है।