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ज्यादा बिकते थे ठेलेवाले के छोले-भटूरे, दो भाइयों ने किया कत्ल
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नई दिल्ली। नजफगढ़ में दिल्ली गेट पर रामबिलास की छोले-भटूरे की दुकान खूब चल रही थी। पास में छोले-भटूरे की ही दुकान लगाने वाले मूल रूप से यूपी के संभल निवासी दो सगे भाइयों किशनपाल (25) व विजयपाल (22) को यह बात खटकती थी। उन्हें लगता था कि रामबिलास के कारण ग्राहक उनके पास नहीं आते। दोनों ने मिलकर रामबिलास की गोली मारकर हत्या कर दी। द्वारका की एएटीएस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।
द्वारका जिला डीसीपी संतोष कुमार मीणा के अनुसार इस वारदात की सूचना 17 मार्च को मिली थी। नजफगढ़ के मकसूदाबाद निवासी रामबिलास को डीडीयू अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जांच में पता लगा कि रामबिलास नजफगढ़ में दिल्ली गेट पर छोले-भटूरे की दुकान लगाता था। एएटीएस प्रभारी रामकिशन की देखरेख में एसआई कमलेश कुमार व विकास यादव की टीम ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में देखा कि हमलावर बुलेट मोटरसाइकिल पर आए थे। इसके बाद नजफगढ़ के ही रोशन विहार में रहने वाले किशनपाल और विजयपाल को गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से तमंचा मिल गया।
पुलिस की पूछताछ में इन्होंने बताया कि पास में दुकान लगाने वाले रामबिलास से उनका विवाद चल रहा था। रामबिलास की दुकान ज्यादा चलती थी। इसकी रंजिश में वे अपने मामा के साथ रामबिलास को पहले भी मारने गए थे। रामबिलास के साथ एक जानकार होने के कारण ये लौट आए। वापस आते हुए इन्होंने एक फल विक्रेता से दस हजार रुपये लूट लिए थे। 17 फरवरी को जब रामबिलास अपनी रेहड़ी घर में घुसा रहा था, तभी उसे गोली मार दी।
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पुलिस ने दोनों भाइयों की निशानदेही पर इन्हें तमंचा और कारतूस देने वाले अवैध हथियार तस्कर मनीराम उर्फ अजीराम को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से चार कारतूस बरामद किए गए।
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द्वारका जिला डीसीपी संतोष कुमार मीणा के अनुसार इस वारदात की सूचना 17 मार्च को मिली थी। नजफगढ़ के मकसूदाबाद निवासी रामबिलास को डीडीयू अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जांच में पता लगा कि रामबिलास नजफगढ़ में दिल्ली गेट पर छोले-भटूरे की दुकान लगाता था। एएटीएस प्रभारी रामकिशन की देखरेख में एसआई कमलेश कुमार व विकास यादव की टीम ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में देखा कि हमलावर बुलेट मोटरसाइकिल पर आए थे। इसके बाद नजफगढ़ के ही रोशन विहार में रहने वाले किशनपाल और विजयपाल को गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से तमंचा मिल गया।
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पुलिस की पूछताछ में इन्होंने बताया कि पास में दुकान लगाने वाले रामबिलास से उनका विवाद चल रहा था। रामबिलास की दुकान ज्यादा चलती थी। इसकी रंजिश में वे अपने मामा के साथ रामबिलास को पहले भी मारने गए थे। रामबिलास के साथ एक जानकार होने के कारण ये लौट आए। वापस आते हुए इन्होंने एक फल विक्रेता से दस हजार रुपये लूट लिए थे। 17 फरवरी को जब रामबिलास अपनी रेहड़ी घर में घुसा रहा था, तभी उसे गोली मार दी।
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पुलिस ने दोनों भाइयों की निशानदेही पर इन्हें तमंचा और कारतूस देने वाले अवैध हथियार तस्कर मनीराम उर्फ अजीराम को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से चार कारतूस बरामद किए गए।