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Delhi News: फ्लैट दिलाने का झांसा देकर करोड़ों की ठगी
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सोनीपत में है मैक्स हाइट्स ड्रीम होम्स परियोजना, कंपनी की महिला कर्मचारी गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आर्थिक अपराध शाखा ने सोनीपत, हरियाणा स्थित मैक्स हाइट्स ड्रीम होम्स में फ्लैट दिलाने के नाम पर पांच करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में महिला कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला की पहचान रश्मि राठी के रूप में हुई है। महिला ने फर्जी कागजात के जरिए लोगों से पैसे लेकर उन्हें फ्लैट आवंटित कर दिए।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि 2022 में रोहिणी सेक्टर चार में रहने वाली एक महिला ने आर्थिक अपराध शाखा में धोखाधड़ी की शिकायत की। जिसमें उन्होंने बताया कि जनवरी 2021 में कुंडली सेक्टर 61 सोनीपत, हरियाणा स्थित मैक्स हाइट्स ड्रीम होम्स में एक फ्लैट खरीदे। भुगतान करने पर मैक्स हाइट्स के निदेशकों ने फ्लैट का कब्जा और उनके नाम पर फ्लैट की रजिस्ट्री कर दी। फिर वह इसी सोसायटी में एक और फ्लैट खरीदना चाहती थी, जिसका सौदा 17 लाख रुपये में हुआ। उसने कंपनी की कर्मचारी रश्मि राठी को 12 लाख नकद और पांच लाख आरटीजीएस से भुगतान कर दिए। लेकिन कंपनी के निदेशकों ने भुगतान मिलने से इनकार कर दिया। बाद में पता चला कि रश्मि राठी ने कई अन्य लोगों से इसी तरह से धोखा देकर पांच करोड़ की ठगी कर चुकी है। शिकायत पर शाखा ने सिंतबर 2022 में मामला दर्ज कर लिया। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि परियोजना मैक्स हाइट्स प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से विकसित की गई थी। कंपनी ने फ्लैटों के एवज में आवंटन पत्र जारी किया। कंपनी ने रश्मि को फ्लैट बेचने के लिए अधिकृत नहीं किया था, लेकिन रश्मि ने जाली दस्तावेज तैयार कर फ्लैट बेचे और खरीदारों से 5 करोड़ रुपये ले लिए। शाखा ने रश्मि को नोटिस भेजकर जांच में शामिल होने के लिए कहा। लेकिन नोटिस मिलने के बाद फरार हो गई। निरीक्षक मेहराब आलम के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी जांच शुरू की और रश्मि को 1 जनवरी को गांव पोदारी, बुलंदशहर, यूपी से गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी ने ठगी के लिए किया पद का दुरुपयोग
पूछताछ के बाद पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी रश्मि राठी (40) मूलत: पोदारी बुलंदशहर, यूपी की रहने वाली है। स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह 2004 में दिल्ली आ गई। वह महिपालपुर स्थित एक आयात निर्यात की कंपनी में अकाउंटेंट का काम करने लगी। 2005 में वह बदरपुर में इंडिया बुल्स हाउसिंग फाइनेंस कंपनी में काम करने लगी। 2006 में बदरपुर में एक कार कंपनी में अकाउंटेंट और ऑफिस एडमिन के रूप में काम किया। उसने 2007 से 2010 तक सागरपुर की एक कंपनी में अकाउंटेंट के रूप में काम किया। 2011 में वह दिल्ली सेफ डिपॉजिट लिमिटेड नामक कंपनी में काम करने के बाद 2012 में नारंग कंस्ट्रक्शन एंड फाइनेंसर्स प्राइवेट लिमिटेड में काम किया। वह पिछले 12 साल से मैक्स हाइट्स प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड की कर्मचारी थी। आरोपी परियोजना के विवरण से पूरी तरह वाकिफ थी। वह कंपनी के नियमित काम की देखरेख कर रही थी और बकाया भुगतान और अन्य बकाया राशि की वसूली के लिए फ्लैटों के मालिकों के संपर्क में थी। उसने कार्यालय समन्वयक के रूप में अपने पद का दुरुपयोग किया और इलाके के डीलरों के साथ मिलकर खरीदार को धोखा दिया।
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सोनीपत में है मैक्स हाइट्स ड्रीम होम्स परियोजना, कंपनी की महिला कर्मचारी गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आर्थिक अपराध शाखा ने सोनीपत, हरियाणा स्थित मैक्स हाइट्स ड्रीम होम्स में फ्लैट दिलाने के नाम पर पांच करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में महिला कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला की पहचान रश्मि राठी के रूप में हुई है। महिला ने फर्जी कागजात के जरिए लोगों से पैसे लेकर उन्हें फ्लैट आवंटित कर दिए।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि 2022 में रोहिणी सेक्टर चार में रहने वाली एक महिला ने आर्थिक अपराध शाखा में धोखाधड़ी की शिकायत की। जिसमें उन्होंने बताया कि जनवरी 2021 में कुंडली सेक्टर 61 सोनीपत, हरियाणा स्थित मैक्स हाइट्स ड्रीम होम्स में एक फ्लैट खरीदे। भुगतान करने पर मैक्स हाइट्स के निदेशकों ने फ्लैट का कब्जा और उनके नाम पर फ्लैट की रजिस्ट्री कर दी। फिर वह इसी सोसायटी में एक और फ्लैट खरीदना चाहती थी, जिसका सौदा 17 लाख रुपये में हुआ। उसने कंपनी की कर्मचारी रश्मि राठी को 12 लाख नकद और पांच लाख आरटीजीएस से भुगतान कर दिए। लेकिन कंपनी के निदेशकों ने भुगतान मिलने से इनकार कर दिया। बाद में पता चला कि रश्मि राठी ने कई अन्य लोगों से इसी तरह से धोखा देकर पांच करोड़ की ठगी कर चुकी है। शिकायत पर शाखा ने सिंतबर 2022 में मामला दर्ज कर लिया। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि परियोजना मैक्स हाइट्स प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से विकसित की गई थी। कंपनी ने फ्लैटों के एवज में आवंटन पत्र जारी किया। कंपनी ने रश्मि को फ्लैट बेचने के लिए अधिकृत नहीं किया था, लेकिन रश्मि ने जाली दस्तावेज तैयार कर फ्लैट बेचे और खरीदारों से 5 करोड़ रुपये ले लिए। शाखा ने रश्मि को नोटिस भेजकर जांच में शामिल होने के लिए कहा। लेकिन नोटिस मिलने के बाद फरार हो गई। निरीक्षक मेहराब आलम के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी जांच शुरू की और रश्मि को 1 जनवरी को गांव पोदारी, बुलंदशहर, यूपी से गिरफ्तार कर लिया।
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आरोपी ने ठगी के लिए किया पद का दुरुपयोग
पूछताछ के बाद पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी रश्मि राठी (40) मूलत: पोदारी बुलंदशहर, यूपी की रहने वाली है। स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह 2004 में दिल्ली आ गई। वह महिपालपुर स्थित एक आयात निर्यात की कंपनी में अकाउंटेंट का काम करने लगी। 2005 में वह बदरपुर में इंडिया बुल्स हाउसिंग फाइनेंस कंपनी में काम करने लगी। 2006 में बदरपुर में एक कार कंपनी में अकाउंटेंट और ऑफिस एडमिन के रूप में काम किया। उसने 2007 से 2010 तक सागरपुर की एक कंपनी में अकाउंटेंट के रूप में काम किया। 2011 में वह दिल्ली सेफ डिपॉजिट लिमिटेड नामक कंपनी में काम करने के बाद 2012 में नारंग कंस्ट्रक्शन एंड फाइनेंसर्स प्राइवेट लिमिटेड में काम किया। वह पिछले 12 साल से मैक्स हाइट्स प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड की कर्मचारी थी। आरोपी परियोजना के विवरण से पूरी तरह वाकिफ थी। वह कंपनी के नियमित काम की देखरेख कर रही थी और बकाया भुगतान और अन्य बकाया राशि की वसूली के लिए फ्लैटों के मालिकों के संपर्क में थी। उसने कार्यालय समन्वयक के रूप में अपने पद का दुरुपयोग किया और इलाके के डीलरों के साथ मिलकर खरीदार को धोखा दिया।
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