Cyber Crime: कॉल सेंटर चलाकर 500 से ज्यादा लोगों से करोड़ों की ठगी, एसबीआई क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के नाम पर करते थे वारदात
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार सागनिक बनर्जी ने साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर कुलदीप शेखावत को शिकायत दी थी कि उसके नए जारी किए गए एसबीआई क्रेडिट कार्ड को सक्रिय करने के नाम पर उससे 44,878 रुपये ठग लिए गए। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की।
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कॉल सेंटर चलाकर लोगों से ठगी की जा रही है। आरोपियों के बैंक खाते से पता लगा है कि आरोपी 500 से ज्यादा लोगों से ठगी कर चुके हैं। दक्षिण-पूर्व जिले की साइबर थाना पुलिस ने ठगी करने वाले इस गिरोह का पर्दाफाश कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
आरोपी क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने या फिर सक्रिय (चालू) करने के नाम पर ठगी करते थे। आरोपी सिर्फ एसबीआई बैंक की क्रेडिट कार्ड के नाम पर ही जालसाजी करते थे। ऐसे में पुलिस एसबीआई बैंक के अधिकारी व कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर रही है कि आरोपियों को एसबीआई बैंक के जारी होने वाले क्रेडिट कार्डों की जानकारी जालसाजों को कैसे मिल जाती थी।
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार सागनिक बनर्जी ने साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर कुलदीप शेखावत को शिकायत दी थी कि उसके नए जारी किए गए एसबीआई क्रेडिट कार्ड को सक्रिय करने के नाम पर उससे 44,878 रुपये ठग लिए गए। सागनिक बनर्जी का नया क्रेडिट कार्ड आया था। 11 जनवरी, 22 को मामला दर्जकर इंस्पेक्टर कुलदीप शेखावत की देखरेख में एसआई मनोज भास्कर व हवलदार सतेंद्र की टीम ने जांच शुरू की।
पुलिस टीम ने उस बैंक खाते की डिटेल खंगाली जिसमें पैसे ट्रांसफर किए गए थे। मोबाइल नंबर की सीडीआर भी खंगाली गई। नवादा, उत्तम नगर में स्थित उस एटीएम बूथ की सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई, जहां से आरोपियों ने ठगी की रकम निकाली थी। एसआई मनोज भास्कर की टीम ने टेक्नीकल सर्विलांस के बाद दो आरोपी विकास पुरी निवासी इशांत महेय (32) और उत्तम नगर निवासी सुनील गुप्ता (41) को उत्तम नगर से 25 मई को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि कपूर नाम का व्यक्ति उत्तम नगर में कॉल सेंटर चला रहा था। ये दोनों बैंक खातों का इंतजाम कर कपूर को दे देते थे। कपूर इनमें ठगी की रकम को पीड़ित से ट्रांसफर करवाता था। इसके बाद ये एटीएम से पैसे को निकालकर आरोपी कपूर को दे देते थे। इसके एवज में इनको ठगी की रकम का 20 फीसदी कमीशन मिलता था।
आरोपियों से पूछताछ के बाद इनके करीब 12 बैंक खातों को पता लगा है। इन बैंक खातों में करीब एक करोड़ रुपये का लेन-देन हो रखा है। इनके पास से नौ मोबाइल फोन व सात एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं। आरोपियों ने बैंक खाते फर्जी आईडी पर खुलवा रखे थे।
एसबीआई बैंक के ग्राहकों को बनाते थे निशाना
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी जुलाई, 2021 से ठगी कर रहे हैं। ये सिर्फ एसबीआई बैंक से क्रेडिट कार्ड लेने वालों के साथ ही ठगी करते थे। ऐसे में पुलिस जांच कर रही है कि आरोपियों के पास एसबीआई बैंकों के ग्राहकों का डाटा कहां से आता था। इस बात को लेकर बड़े स्तर पर जांच की जा रही है।