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व्यावसायिक ई-वाहनों के लिए बनेंगे चार्जिंग स्टेशन
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नई दिल्ली (किशन कुमार)। राजधानी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। इस कड़ी में जहां दिल्ली सरकार ने हाल ही में नई ई-पॉलिसी में 100 जगहों पर चार्जिंग प्वाइंट बनाने का प्रावधान किया है, वहीं दक्षिणी निगम ने 200 जगहों पर चार्जिंग स्टेशन बनाने के लिए कमर कस ली है। खास बात ये है कि इन चार्जिंग स्टेशन को न सिर्फ निजी वाहनों के लिए तैयार किया जाएगा, बल्कि व्यावसायिक ई-वाहन भी इन स्टेशनों पर चार्ज हो सकेंगे।
दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने ई-वाहन नीति के तहत निजी से लेकर व्यावसायिक वाहनों की चार्जिंग के लिए प्रस्ताव तैयार किया है। इसके लिए 200 निगम क्षेत्रों को चिह्नित किया गया है। इन जगहों पर छोटे व बड़े चार्जिंग स्टेशन बनाए जाने हैं। नीति को अमलीजामा पहनाने के लिए एक सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी के साथ करार किया गया है। इसके लिए निगम जमीन उपलब्ध कराएगा और कंपनी संरचना स्थापित करेगी। इसका लक्ष्य आगामी छह माह रख गया है।
आने वाले समय में ई-बसों की संख्या बढ़ेगी
दिल्ली को प्रदूषण मुक्त करने के लिए दिल्ली में ई-बसों को बढ़ावा दिया जा रहा है। लाभकारी परियोजना के उपायुक्त प्रेम शंकर झा ने बताया कि निगम का फोकस भी ई-बसों पर है। यही वजह है कि चिह्नित जगहों पर बड़े चार्जिंग स्टेशन बनाने की कवायद चल रही है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में दिल्ली में ई-बसों की संख्या बढ़ेगी। निजी क्षेत्र से भी काफी संख्या में बसों के शामिल होेने की संभावना है। इसको देखते हुए पहले ही कमर कसी जा रही है, जिससे संख्या अधिक होने पर व्यावसायिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन का संकट खड़ा न हो।
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एक रुपये प्रति यूनिट से मिलेगा राजस्व
आधारिक संरचना लगाने के बाद इसका संचालन निर्माता कंपनी ही करेगी। हालांकि, इसका कुछ हिस्सा निगम के खाते में पहुंचेगा। लाभकारी परियोजना के उपायुक्त प्रेम शंकर झा ने बताया कि निगम प्रति यूनिट के हिसाब से एक रुपये का चार्ज वसूल करेगी। निगम का उद्देश्य दिल्ली को प्रदूषण मुक्त करना है, इसलिए चार्ज को अधिक न रखते हुए एक रुपये प्रति यूनिट रखा गया है। नीति के मुताबिक, निगम को प्रतिवर्ष पांच से 10 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है। हालांकि, बाद में चार्जिंग स्टेशन की संख्या बढ़ने पर इसमें इजाफा हो सकता है।
30 जगहों पर कार, 15 जगहों पर दोपहिया वाहनों के लिए स्टेशन
निगम अधिकारी ने बताया कि ई-वाहनों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर जगह चिह्नित की गई है। नीति के तहत 30 जगहों पर कार व 15 जगहों पर दोपहिया वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। इस कड़ी में 18 जगहों पर चार्जिंग स्टेशन बनाए जा चुके हैं। अधिकारी ने बताया कि निगम का लक्ष्य प्रत्येक दो किलोमीटर पर चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध कराना है।
तीन कारों से अधिक जगह लेने पर देने होंगे दो हजार रुपये
निगम की ओर से ई-वाहनों के लिए तीन कारों की जगह उपलब्ध कराए जाएगी। यदि इसके अतिरिक्त जगह की आवश्यकता होती है तो इसके लिए निगम प्रति कार के हिसाब से दो हजार रुपये वसूल करेगा। यह राशि निगम के खाते में जाएगी और इसका खर्च ई-वाहन नीति पर होगा। हालांकि, इसका पूरा वहन संचालन कंपनी को करना होगा।
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दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने ई-वाहन नीति के तहत निजी से लेकर व्यावसायिक वाहनों की चार्जिंग के लिए प्रस्ताव तैयार किया है। इसके लिए 200 निगम क्षेत्रों को चिह्नित किया गया है। इन जगहों पर छोटे व बड़े चार्जिंग स्टेशन बनाए जाने हैं। नीति को अमलीजामा पहनाने के लिए एक सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी के साथ करार किया गया है। इसके लिए निगम जमीन उपलब्ध कराएगा और कंपनी संरचना स्थापित करेगी। इसका लक्ष्य आगामी छह माह रख गया है।
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आने वाले समय में ई-बसों की संख्या बढ़ेगी
दिल्ली को प्रदूषण मुक्त करने के लिए दिल्ली में ई-बसों को बढ़ावा दिया जा रहा है। लाभकारी परियोजना के उपायुक्त प्रेम शंकर झा ने बताया कि निगम का फोकस भी ई-बसों पर है। यही वजह है कि चिह्नित जगहों पर बड़े चार्जिंग स्टेशन बनाने की कवायद चल रही है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में दिल्ली में ई-बसों की संख्या बढ़ेगी। निजी क्षेत्र से भी काफी संख्या में बसों के शामिल होेने की संभावना है। इसको देखते हुए पहले ही कमर कसी जा रही है, जिससे संख्या अधिक होने पर व्यावसायिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन का संकट खड़ा न हो।
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एक रुपये प्रति यूनिट से मिलेगा राजस्व
आधारिक संरचना लगाने के बाद इसका संचालन निर्माता कंपनी ही करेगी। हालांकि, इसका कुछ हिस्सा निगम के खाते में पहुंचेगा। लाभकारी परियोजना के उपायुक्त प्रेम शंकर झा ने बताया कि निगम प्रति यूनिट के हिसाब से एक रुपये का चार्ज वसूल करेगी। निगम का उद्देश्य दिल्ली को प्रदूषण मुक्त करना है, इसलिए चार्ज को अधिक न रखते हुए एक रुपये प्रति यूनिट रखा गया है। नीति के मुताबिक, निगम को प्रतिवर्ष पांच से 10 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है। हालांकि, बाद में चार्जिंग स्टेशन की संख्या बढ़ने पर इसमें इजाफा हो सकता है।
30 जगहों पर कार, 15 जगहों पर दोपहिया वाहनों के लिए स्टेशन
निगम अधिकारी ने बताया कि ई-वाहनों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर जगह चिह्नित की गई है। नीति के तहत 30 जगहों पर कार व 15 जगहों पर दोपहिया वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। इस कड़ी में 18 जगहों पर चार्जिंग स्टेशन बनाए जा चुके हैं। अधिकारी ने बताया कि निगम का लक्ष्य प्रत्येक दो किलोमीटर पर चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध कराना है।
तीन कारों से अधिक जगह लेने पर देने होंगे दो हजार रुपये
निगम की ओर से ई-वाहनों के लिए तीन कारों की जगह उपलब्ध कराए जाएगी। यदि इसके अतिरिक्त जगह की आवश्यकता होती है तो इसके लिए निगम प्रति कार के हिसाब से दो हजार रुपये वसूल करेगा। यह राशि निगम के खाते में जाएगी और इसका खर्च ई-वाहन नीति पर होगा। हालांकि, इसका पूरा वहन संचालन कंपनी को करना होगा।