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टीकाकरण में आरडब्ल्यूए को शामिल करने पर गंभीरता से विचार करे केंद्र : हाईकोर्ट
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नई दिल्ली। उच्च न्यायालय ने केंद्र से निजी अस्पतालों के साथ मिलकर कोविड-19 टीकाकरण अभियान में आरडब्ल्यूए को भी शामिल करने पर गंभीरता से विचार करने को कहा है, ताकि लोगों को उनके निकट के सेंटर पर टीके लग जाएं। न्यायमूर्ति विपिन सांघी व न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने कहा कि यदि सरकार को इस सुझाव में दम लगता है तो बिना किसी देरी के इस बारे में रुख स्पष्ट किया जा सकता है।
अदालत ने कहा यदि संबंधित अथारिटी रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) को अनुमति देने के इच्छुक नहीं हैं तो स्थिति रिपोर्ट में कारण स्पष्ट करें। अदालत ने कहा हमारी राय में इस पहलू पर गंभीरता से विचार होना चाहिए। अदालत ने चार जून के अपने आदेश में केंद्र से इस संबंध में सात जुलाई तक एक स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है।
न्याय मित्र और वरिष्ठ अधिवक्ता राज शेखर राव ने आरडब्ल्यूए को अपने इलाके के लोगों के टीकाकरण की अनुमति देने के लिए यह मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा कि यदि टीकाकरण में आरडब्ल्यू को शामिल किया जाता है तो आम लोगों को सुविधा होगी और उन्हें भीड़भाड़ में शामिल होने से बचाया जा सकता है।
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इसके अलावा अस्पतालों में टीकाकरण से होने वाली भीड़ भी कम होगी। अन्य बीमार व उनके परिजनों के अलावा अस्पताल प्रशासन पर भी बोझ कम होगा और वे मरीजों पर ज्यादा ध्यान दे पाएंगे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आदेश के मुताबिक निजी अस्पताल को उन्हीं के द्वारा संचालित कोविड-19 टीकाकरण केंद्र पर टीके देने की अनुमति दी गई है।
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अदालत ने कहा यदि संबंधित अथारिटी रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) को अनुमति देने के इच्छुक नहीं हैं तो स्थिति रिपोर्ट में कारण स्पष्ट करें। अदालत ने कहा हमारी राय में इस पहलू पर गंभीरता से विचार होना चाहिए। अदालत ने चार जून के अपने आदेश में केंद्र से इस संबंध में सात जुलाई तक एक स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है।
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न्याय मित्र और वरिष्ठ अधिवक्ता राज शेखर राव ने आरडब्ल्यूए को अपने इलाके के लोगों के टीकाकरण की अनुमति देने के लिए यह मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा कि यदि टीकाकरण में आरडब्ल्यू को शामिल किया जाता है तो आम लोगों को सुविधा होगी और उन्हें भीड़भाड़ में शामिल होने से बचाया जा सकता है।
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इसके अलावा अस्पतालों में टीकाकरण से होने वाली भीड़ भी कम होगी। अन्य बीमार व उनके परिजनों के अलावा अस्पताल प्रशासन पर भी बोझ कम होगा और वे मरीजों पर ज्यादा ध्यान दे पाएंगे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आदेश के मुताबिक निजी अस्पताल को उन्हीं के द्वारा संचालित कोविड-19 टीकाकरण केंद्र पर टीके देने की अनुमति दी गई है।