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190 लो फ्लोर एसी बसों को कैबिनेट ने दी मंजूरी
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नई दिल्ली। सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन, जीपीएस, रीयल टाइम पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम और दिव्यांगों के लिए अनुकूल 190 लो फ्लोर सीएनजी एसी बसें क्लस्टर योजना के तहत शामिल की जाएंगी। सभी बसें बीएस-6 मानकों के अनुरूप होंगी। इन बसों का संचालन घुम्मनहेड़ा डिपो से किया जाएगा। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को अपनी क्लस्टर योजना के तहत 190 लो-फ्लोर एसी सीएनजी बसों को शामिल करने की मंजूरी दे दी है।
क्लस्टर स्कीम के तहत 350 नई बसें शामिल होने के बाद दिल्ली में 7140 बसों का बेड़ा हो जाएगा। यह पिछले वर्षों में दौरान दिल्ली में सर्वाधिक बसों का बेड़ा होगा। इसी साल मार्च में बसों के लिए टेंडर जारी किया गया। केवल एक ही बोली दाता होने की वजह से क्लस्टर में 160 और 190 बसों को शामिल करने का निर्णय लिया गया। दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी-मोडल ट्रांजिट सिस्टम लिमिटेड (डीआईएमटीएस) की ओर से पांच मार्च को इसके लिए टेंडर जारी किया गया था। वर्तमान में दिल्ली सरकार की क्लस्टर योजना के तहत कुल 3,033 नॉन-एसी और एसी बसों का परिचालन किया जा रहा है। साल की शुरुआत में दिल्ली कैबिनेट ने 160 बसों को ठेका देने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी थी। 190 बसों के बाद यह संख्या बढ़कर 3,383 तक पहुंच जाएंगी। दिल्ली में बसों के बेड़े में 7,140 बसें हो जाएंगी। 300 इलेक्ट्रिक बसें भी अगले साल तक डीटीसी के बेड़े में शामिल कर ली जाएंगी। 190 बसों को प्रचलित किराया संरचना पर 10 वर्षों के लिए वायबिलिटी गैप फंडिंग पर 1,259 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी।
3500 ई बसें जुड़ेंगी डीटीसी-क्लस्टर में
दिल्ली सरकार के इंडक्शन प्लान के मुताबिक डीटीसी और क्लस्टर के बेड़े में 3,500 नई इलेक्ट्रिक बसें भी जोड़ी जा रही हैं। इसके तहत 2300 से अधिक बसों के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। अगले चरणों में शेष इलेक्ट्रिक बसें भी बेड़े में शामिल की जाएंगी।
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क्लस्टर स्कीम के तहत 350 नई बसें शामिल होने के बाद दिल्ली में 7140 बसों का बेड़ा हो जाएगा। यह पिछले वर्षों में दौरान दिल्ली में सर्वाधिक बसों का बेड़ा होगा। इसी साल मार्च में बसों के लिए टेंडर जारी किया गया। केवल एक ही बोली दाता होने की वजह से क्लस्टर में 160 और 190 बसों को शामिल करने का निर्णय लिया गया। दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी-मोडल ट्रांजिट सिस्टम लिमिटेड (डीआईएमटीएस) की ओर से पांच मार्च को इसके लिए टेंडर जारी किया गया था। वर्तमान में दिल्ली सरकार की क्लस्टर योजना के तहत कुल 3,033 नॉन-एसी और एसी बसों का परिचालन किया जा रहा है। साल की शुरुआत में दिल्ली कैबिनेट ने 160 बसों को ठेका देने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी थी। 190 बसों के बाद यह संख्या बढ़कर 3,383 तक पहुंच जाएंगी। दिल्ली में बसों के बेड़े में 7,140 बसें हो जाएंगी। 300 इलेक्ट्रिक बसें भी अगले साल तक डीटीसी के बेड़े में शामिल कर ली जाएंगी। 190 बसों को प्रचलित किराया संरचना पर 10 वर्षों के लिए वायबिलिटी गैप फंडिंग पर 1,259 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी।
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3500 ई बसें जुड़ेंगी डीटीसी-क्लस्टर में
दिल्ली सरकार के इंडक्शन प्लान के मुताबिक डीटीसी और क्लस्टर के बेड़े में 3,500 नई इलेक्ट्रिक बसें भी जोड़ी जा रही हैं। इसके तहत 2300 से अधिक बसों के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। अगले चरणों में शेष इलेक्ट्रिक बसें भी बेड़े में शामिल की जाएंगी।
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