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दिल्ली: साल के अंत तक मेट्रो की पिंक लाइन भी हो जाएगी ड्राइवरलेस, कंट्रोल सेंटर से परिचालन पर रखी जाएगी नजर
Tue, 14 Sep 2021 09:49 PM IST
सुशील कुमार कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: सुशील कुमार कुमार
Updated Tue, 14 Sep 2021 09:49 PM IST
सार
कोरोना काल में पिंक लाइन के शेष हिस्से (त्रिलोकपुरी-मयूर विहार, पॉकेट-1) पर मेट्रो सेवाएं शुरू होने में देरी से इस लाइन पर सिग्नलिंग, इंटरलिंग सहित दूसरे तकनीकी बदलावों में थोड़ा और वक्त लग सकता है।
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delhi metro
- फोटो : कुमार संजय
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विस्तार
पिंक लाइन पर ड्राइवरलेस मेट्रो में सफर के लिए अभी कुछ और दिनों का इंतजार करना पड़ सकता है। मजेंटा लाइन के बाद दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने पिंक लाइन को भी चालक रहित बनाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।
कोरोना काल में पिंक लाइन के शेष हिस्से (त्रिलोकपुरी-मयूर विहार, पॉकेट-1) पर मेट्रो सेवाएं शुरू होने में देरी से इस लाइन पर सिग्नलिंग, इंटरलिंग सहित दूसरे तकनीकी बदलावों में थोड़ा और वक्त लग सकता है। कम्यूनिकेशन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल (सीबीटीसी) तकनीक पर आधारित सेवा की शुरुआत से पहले सुरक्षा के लिहाज से सभी पहलुओं की जांच के लिए ट्रायल होगा। संभावना जताई जा रही है कि साल के अंत तक दिल्ली मेट्रो की सबसे लंबी (58.6 किलोमीटर) की पिंक लाइन भी ड्राइवरलेस हो जाएगी। यह दिल्ली मेट्रो की दूसरी ड्राइवरलेस लाइन होगी।
ड्राइवरलेस मेट्रो में सफर का मौका मिलेगा
मजेंटा लाइन पर पिछले साल मेट्रो सेवाएं ड्राइवरलेस कर दी गई थीं। इसकी सफलता के बाद पिंक लाइन को भी चालक रहित बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। पिंक लाइन के शेष हिस्से पर त्रिलोकपुरी (संजय लेक)-मयूर विहार (पॉकेट-1) के बीच मेट्रो सेवाएं शुरू होने से रुकावटें दूर हो गईं। इसके बाद तकनीकी बदलाव का सिलसिला शुरू कर दिया गया। सुरक्षा के लिहाज से सभी पहलुओं की बारीकी से जांच के लिए ट्रायल होगा। पिंक लाइन पर मजलिस पार्क-शिव विहार के बीच 38 स्टेशन हैं। साल के अंत तक डीएमआरसी का लक्ष्य पिंक लाइन को ड्राइवरलेस करने की है।
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चालक नहीं, कंट्रोल सेंटर की निगरानी में दौड़ेगी ड्राइवरलेस मेट्रो
दिल्ली मेट्रो के इस कॉरिडोर पर पहले से ही अनअटेंड ट्रेन ऑपरेशंस (यूटीओ) मेट्रो ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। सीबीटीसी तकनीक से दूसरे संचार माध्यमों के जरिये मेट्रो का परिचालन होगा। मेट्रो में चूंकि चालक नहीं होंगे, इसलिए डीएमआरसी के ऑपरेशन एंड कंट्रोल सेंटर (ओसीसी) की देखरेख में मेट्रो का परिचालन होगा। इस केंद्र से मेट्रो की टाइमिंग, रफ्तार, सुरक्षा, बिजली, सुरक्षा भूमिगत सुरंगों में एयर कंडीशनिंग और वेंटिलेशन सहित सभी पहलुओं पर नजर रखी जाएगी।
कम वक्त में कर सकेंगे सुरक्षित सफर
पिंक लाइन के ड्राइवरलेस होने से यात्रियों को कम वक्त में मेट्रो में सुरक्षित सफर का मौका मिल सकेगा। इस प्रणाली के जरिये मानवीय हस्तक्षेप के बगैर मेट्रो में सफर का मौका मिल सकेगा। इस लाइन पर सफर करने वाले यात्रियों को सराय काले खां बस अड्डा, आनंद विहार रेलवे स्टेशन सहित कई मार्केट के सफर का भी मौका मिलेगा।
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कोरोना काल में पिंक लाइन के शेष हिस्से (त्रिलोकपुरी-मयूर विहार, पॉकेट-1) पर मेट्रो सेवाएं शुरू होने में देरी से इस लाइन पर सिग्नलिंग, इंटरलिंग सहित दूसरे तकनीकी बदलावों में थोड़ा और वक्त लग सकता है। कम्यूनिकेशन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल (सीबीटीसी) तकनीक पर आधारित सेवा की शुरुआत से पहले सुरक्षा के लिहाज से सभी पहलुओं की जांच के लिए ट्रायल होगा। संभावना जताई जा रही है कि साल के अंत तक दिल्ली मेट्रो की सबसे लंबी (58.6 किलोमीटर) की पिंक लाइन भी ड्राइवरलेस हो जाएगी। यह दिल्ली मेट्रो की दूसरी ड्राइवरलेस लाइन होगी।
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ड्राइवरलेस मेट्रो में सफर का मौका मिलेगा
मजेंटा लाइन पर पिछले साल मेट्रो सेवाएं ड्राइवरलेस कर दी गई थीं। इसकी सफलता के बाद पिंक लाइन को भी चालक रहित बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। पिंक लाइन के शेष हिस्से पर त्रिलोकपुरी (संजय लेक)-मयूर विहार (पॉकेट-1) के बीच मेट्रो सेवाएं शुरू होने से रुकावटें दूर हो गईं। इसके बाद तकनीकी बदलाव का सिलसिला शुरू कर दिया गया। सुरक्षा के लिहाज से सभी पहलुओं की बारीकी से जांच के लिए ट्रायल होगा। पिंक लाइन पर मजलिस पार्क-शिव विहार के बीच 38 स्टेशन हैं। साल के अंत तक डीएमआरसी का लक्ष्य पिंक लाइन को ड्राइवरलेस करने की है।
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चालक नहीं, कंट्रोल सेंटर की निगरानी में दौड़ेगी ड्राइवरलेस मेट्रो
दिल्ली मेट्रो के इस कॉरिडोर पर पहले से ही अनअटेंड ट्रेन ऑपरेशंस (यूटीओ) मेट्रो ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। सीबीटीसी तकनीक से दूसरे संचार माध्यमों के जरिये मेट्रो का परिचालन होगा। मेट्रो में चूंकि चालक नहीं होंगे, इसलिए डीएमआरसी के ऑपरेशन एंड कंट्रोल सेंटर (ओसीसी) की देखरेख में मेट्रो का परिचालन होगा। इस केंद्र से मेट्रो की टाइमिंग, रफ्तार, सुरक्षा, बिजली, सुरक्षा भूमिगत सुरंगों में एयर कंडीशनिंग और वेंटिलेशन सहित सभी पहलुओं पर नजर रखी जाएगी।
कम वक्त में कर सकेंगे सुरक्षित सफर
पिंक लाइन के ड्राइवरलेस होने से यात्रियों को कम वक्त में मेट्रो में सुरक्षित सफर का मौका मिल सकेगा। इस प्रणाली के जरिये मानवीय हस्तक्षेप के बगैर मेट्रो में सफर का मौका मिल सकेगा। इस लाइन पर सफर करने वाले यात्रियों को सराय काले खां बस अड्डा, आनंद विहार रेलवे स्टेशन सहित कई मार्केट के सफर का भी मौका मिलेगा।