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Delhi News: ब्लैक लिस्ट यात्री का दूसरे नाम से पासपोर्ट बनाकर विदेश भेजा, एजेंट गिरफ्तार
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ब्लैक लिस्ट यात्री का दूसरे नाम से पासपोर्ट बनाकर विदेश भेजा, एजेंट गिरफ्तार
-आईजीआई एयरपोर्ट पुलिस ने गोंडा यूपी से आरोपी को किया गिरफ्तार, अधिक समय तक सऊदी अरब में रहने की वजह से यात्री के पासपोर्ट को किया गया था ब्लैक लिस्ट
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आईजीआई एयरपोर्ट थाना पुलिस ने ब्लैक लिस्ट यात्री का फर्जी कागजात के जरिए दूसरे नाम से पासपोर्ट बनाकर उसे सऊदी अरब भेजने वाले एजेंट को गिरफ्तार किया है। यात्री से दो लाख रुपये लेकर एजेंट ने फर्जी पासपोर्ट तैयार किया। हालांकि फर्जीवाड़ा का खुलासा होने पर यात्री को सऊदी अरब से भारत के लिए निर्वासित कर दिया गया। गिरफ्तार एजेंट की पहचान रेहरवा बहराइच यूपी निवासी मसीउल्लाह (28) के रूप में हुई है। एयरपोर्ट की अतिरिक्त पुलिस आयुक्त उषा रंगनानी ने बताया कि 28 अप्रैल को मुहर्रम अली नाम का यात्री दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पहुंचा। दस्तावेजों की जांच करने पर पता चला कि उसे सऊदी अरब से निर्वासित किया गया है। इमिग्रेशन अधिकारियों को पता चला कि वह पहले भी 2017 में सऊदी अरब की यात्रा कर चुका है। लेकिन वीजा से अधिक अवधि तक रहने की वजह से वहां के अधिकारियों ने उसके पासपोर्ट को ब्लैक लिस्ट कर दिया था। उसका पासपोर्ट मोहर्रम अली के नाम से था। जांच में पता चला कि वह गलत दस्तावेज के जरिए मुहर्रम अली नाम से दूसरा पासपोर्ट बनवाया था। जिसके जरिए वह 24 अप्रैल को वर्क वीजा पर लखनऊ हवाई अड्डे से सऊदी अरब रवाना हुआ था। पुलिस ने उसके खिलाफ फर्जीवाड़ा का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में उसने अपना असली पहचान गोंडा यूपी निवासी मोहर्रम अली बताया। उसने बताया कि 2017 में वह अपने नाम से जारी पासपोर्ट लेकर सऊदी अरब गया था। वहां उसके चाचा रहते हैं। अपने वीजा की अवधि से अधिक समय तक वहां रहने की वजह से अधिकारियों ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। उसके पासपोर्ट को ब्लैक लिस्ट में डालकर उसे भारत वापस भेज दिया। प्रतिबंध के बावजूद वह वहां दोबारा जाना चाहता था। इसलिए उसने अपने एक दोस्त के जरिए एजेेंंट मसीउल्ला से संपर्क किया। जिसने दो लाख रुपये में उसे फर्जी पहचान वाला पासपोर्ट मुहैया करने का आश्वासन दिया। एजेंट ने मुहर्रम अली नाम से फर्जी पासपोर्ट मुहैया करवाया। लेकिन इस पासपोर्ट के जरिए सऊदी पहुंचने पर अधिकारियों ने बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए उसके पिछले यात्रा की जानकारी हासिल कर ली और उसे वापस भारत भेज दिया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर एजेंट की तलाश शुरू की। पुलिस ने 3 मई को आरोपी एजेंट को गोंडा से गिरफ्तार कर लिया।
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-आईजीआई एयरपोर्ट पुलिस ने गोंडा यूपी से आरोपी को किया गिरफ्तार, अधिक समय तक सऊदी अरब में रहने की वजह से यात्री के पासपोर्ट को किया गया था ब्लैक लिस्ट
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आईजीआई एयरपोर्ट थाना पुलिस ने ब्लैक लिस्ट यात्री का फर्जी कागजात के जरिए दूसरे नाम से पासपोर्ट बनाकर उसे सऊदी अरब भेजने वाले एजेंट को गिरफ्तार किया है। यात्री से दो लाख रुपये लेकर एजेंट ने फर्जी पासपोर्ट तैयार किया। हालांकि फर्जीवाड़ा का खुलासा होने पर यात्री को सऊदी अरब से भारत के लिए निर्वासित कर दिया गया। गिरफ्तार एजेंट की पहचान रेहरवा बहराइच यूपी निवासी मसीउल्लाह (28) के रूप में हुई है। एयरपोर्ट की अतिरिक्त पुलिस आयुक्त उषा रंगनानी ने बताया कि 28 अप्रैल को मुहर्रम अली नाम का यात्री दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पहुंचा। दस्तावेजों की जांच करने पर पता चला कि उसे सऊदी अरब से निर्वासित किया गया है। इमिग्रेशन अधिकारियों को पता चला कि वह पहले भी 2017 में सऊदी अरब की यात्रा कर चुका है। लेकिन वीजा से अधिक अवधि तक रहने की वजह से वहां के अधिकारियों ने उसके पासपोर्ट को ब्लैक लिस्ट कर दिया था। उसका पासपोर्ट मोहर्रम अली के नाम से था। जांच में पता चला कि वह गलत दस्तावेज के जरिए मुहर्रम अली नाम से दूसरा पासपोर्ट बनवाया था। जिसके जरिए वह 24 अप्रैल को वर्क वीजा पर लखनऊ हवाई अड्डे से सऊदी अरब रवाना हुआ था। पुलिस ने उसके खिलाफ फर्जीवाड़ा का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में उसने अपना असली पहचान गोंडा यूपी निवासी मोहर्रम अली बताया। उसने बताया कि 2017 में वह अपने नाम से जारी पासपोर्ट लेकर सऊदी अरब गया था। वहां उसके चाचा रहते हैं। अपने वीजा की अवधि से अधिक समय तक वहां रहने की वजह से अधिकारियों ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। उसके पासपोर्ट को ब्लैक लिस्ट में डालकर उसे भारत वापस भेज दिया। प्रतिबंध के बावजूद वह वहां दोबारा जाना चाहता था। इसलिए उसने अपने एक दोस्त के जरिए एजेेंंट मसीउल्ला से संपर्क किया। जिसने दो लाख रुपये में उसे फर्जी पहचान वाला पासपोर्ट मुहैया करने का आश्वासन दिया। एजेंट ने मुहर्रम अली नाम से फर्जी पासपोर्ट मुहैया करवाया। लेकिन इस पासपोर्ट के जरिए सऊदी पहुंचने पर अधिकारियों ने बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए उसके पिछले यात्रा की जानकारी हासिल कर ली और उसे वापस भारत भेज दिया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर एजेंट की तलाश शुरू की। पुलिस ने 3 मई को आरोपी एजेंट को गोंडा से गिरफ्तार कर लिया।
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