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पाकिस्तान हथियारों का इस्तेमाल करता है काला जठेड़ी-लारेंस बिश्नोई गिरोह
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नई दिल्ली। लारेंस बिश्नोई-काला जठेड़ी गिरोह का पाकिस्तानी कनेक्शन सामने आया है। पाकिस्तानी हथियारों की गुणवत्ता अच्छी होने के कारण गिरोह के बदमाश इन हथियारों का इस्तेमाल करते हैं। पाकिस्तानी बॉर्डर से इन हथियारों को भारत में फेंका जाता है। यह खुलासा दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में आए उत्तर-भारत के टॉप मोस्ट गैंगस्टर वीरेंद्र प्रताप उर्फ काला राणा उर्फ टाइगर ने किया है।
स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलिजेंस (सीआई) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस गिरोह के बदमाश स्टार व जिगाना जैसी पाकिस्तानी पिस्टल का इस्तेमाल करते हैं। काला राणा ने पूछताछ में बताया कि स्टार करीब डेढ़ लाख रुपये और जिगाना करीब चार लाख रुपये में आती है। बॉर्डर पर ये पिस्टल पाकिस्तान से भारत में फेंकी जाती हैं और फिर ड्रग्स तस्करों के माध्यम से काला जठेड़ी-लारेंस बिश्नोई गिरोह तक पहुंचती हैं। गिरोह के लिए पाकिस्तानी हथियारों का इस्तेमाल जग्गू भगवानपुरिया व नरेश सेठी करते हैं। ऐसे में पुलिस जग्गू भगवानपुरिया व नरेश सेठी को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर सकती है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, स्पेशल सेल की सीआई ने काला राणा को दिल्ली में रंगदारी मांगने के मामले में गिरफ्तार किया है। काला राणा ने करीब दो वर्ष पहले थाइलैंड से उत्तरी दिल्ली के एक केबल व्यवसायी से 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। काला राणा ने खुद व्यवसायी को रंगदारी के लिए फोन किया था और कहा था कि वह काला जठेड़ी-लारेंस बिश्नोई गिरोह का बदमाश काला राणा उर्फ टाइगर बोल रहा है। उत्तरी जिला पुलिस ने इस बाबत मामला दर्ज किया था। बाद में ये मामला सीआई को ट्रांसफर हो गया था। स्पेशल सेल की सीआई ब्रांच मामले की जांच कर रही थी।
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बिचौलिये की भूमिका निभाता था काला राणा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, काला जठेड़ी-लारेंस बिश्नोई गिरोह में काला राणा बिचौलिये की भूमिका निभाता था। वह गिरोह के आका के आदेश को शूटरों तक पहुंचाता था। शूटरों से वारदात को अंजाम वही दिलवाता था। शूटरों के भी किसी संदेश को आकाओं तक काला राणा ही पहुंचाता था। बताया जा रहा है कि गिरोह में करीब 200 शूटर हैं। काला राणा हर शूटर से व्हाट्सएप कॉल करके बात करता था।
चार लाख में चंडीगढ़ से बनवाया था फर्जी पासपोर्ट
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, काला राणा ने थाइलैंड जाने के लिए हरनाम के नाम से चार लाख रुपये में चंडीगढ़ से फर्जी पासपोर्ट बनवाया था। आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया है कि वह थाइलैंड में ज्यादातर क्लबों में रहता था। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि वह थाइलैंड में किस देश के नंबर का इस्तेमाल कर रहा था।
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स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलिजेंस (सीआई) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस गिरोह के बदमाश स्टार व जिगाना जैसी पाकिस्तानी पिस्टल का इस्तेमाल करते हैं। काला राणा ने पूछताछ में बताया कि स्टार करीब डेढ़ लाख रुपये और जिगाना करीब चार लाख रुपये में आती है। बॉर्डर पर ये पिस्टल पाकिस्तान से भारत में फेंकी जाती हैं और फिर ड्रग्स तस्करों के माध्यम से काला जठेड़ी-लारेंस बिश्नोई गिरोह तक पहुंचती हैं। गिरोह के लिए पाकिस्तानी हथियारों का इस्तेमाल जग्गू भगवानपुरिया व नरेश सेठी करते हैं। ऐसे में पुलिस जग्गू भगवानपुरिया व नरेश सेठी को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर सकती है।
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पुलिस अधिकारियों के अनुसार, स्पेशल सेल की सीआई ने काला राणा को दिल्ली में रंगदारी मांगने के मामले में गिरफ्तार किया है। काला राणा ने करीब दो वर्ष पहले थाइलैंड से उत्तरी दिल्ली के एक केबल व्यवसायी से 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। काला राणा ने खुद व्यवसायी को रंगदारी के लिए फोन किया था और कहा था कि वह काला जठेड़ी-लारेंस बिश्नोई गिरोह का बदमाश काला राणा उर्फ टाइगर बोल रहा है। उत्तरी जिला पुलिस ने इस बाबत मामला दर्ज किया था। बाद में ये मामला सीआई को ट्रांसफर हो गया था। स्पेशल सेल की सीआई ब्रांच मामले की जांच कर रही थी।
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बिचौलिये की भूमिका निभाता था काला राणा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, काला जठेड़ी-लारेंस बिश्नोई गिरोह में काला राणा बिचौलिये की भूमिका निभाता था। वह गिरोह के आका के आदेश को शूटरों तक पहुंचाता था। शूटरों से वारदात को अंजाम वही दिलवाता था। शूटरों के भी किसी संदेश को आकाओं तक काला राणा ही पहुंचाता था। बताया जा रहा है कि गिरोह में करीब 200 शूटर हैं। काला राणा हर शूटर से व्हाट्सएप कॉल करके बात करता था।
चार लाख में चंडीगढ़ से बनवाया था फर्जी पासपोर्ट
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, काला राणा ने थाइलैंड जाने के लिए हरनाम के नाम से चार लाख रुपये में चंडीगढ़ से फर्जी पासपोर्ट बनवाया था। आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया है कि वह थाइलैंड में ज्यादातर क्लबों में रहता था। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि वह थाइलैंड में किस देश के नंबर का इस्तेमाल कर रहा था।