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बटला हाउस एनकाउंटर: गूगल पर एल-18 या बटला हाउस लिखते ही खुलकर सामने आता है पूरा घटनाक्रम

Mon, 15 Mar 2021 11:11 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Mon, 15 Mar 2021 11:11 PM IST
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batla house encounter L-18 becomes famous all over world after Batla House encounter
बाटला हाउस एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली की एक अदालत ने वर्ष 2008 में हुए चर्चित बाटला हाउस एनकाउंटर मामले में दोषी ठहराए गए आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन के आतंकी आरिज खान उर्फ जुनैद को फांसी की सजा सुनाई है। 
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अदालत ने इसे दिल्ली पुलिस के निरीक्षक मोहन चंद शर्मा की हत्या व अन्य पुलिसकर्मियों पर की गई फायरिंग को जघन्य से जघन्यतम अपराध की श्रेणी में माना है। इतना ही नहीं अदालत ने जुनैक पर 11 लाख रुपये का जुर्माना भी किया है। इसमें से 10 लाख रुपये मृतक के परिवार को देने का निर्देश दिए गए हैं। 
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बटला हाउस एनकाउंटर के बाद देश ही नहीं, पूरी दुनिया में जामिया नगर के इस छोटे से इलाके का नाम फैल गया। एनकाउंटर के बाद इस पर जमकर विवाद हुआ। कई छात्र संगठनों, यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और कई संगठनों ने इसे गलत बताते हुए विरोध जताया। इतना विवाद होने के बाद लगभग पूरी दुनिया ने ही बटला हाउस को जान लिया। 
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घटना के बाद बॉलीवुड में बटला हाउस के नाम से एक फिल्म तक बना ली गई। फिल्म में बॉलीवुड अभिनेता जॉन अब्राहम ने तत्कालीन एसीपी संजीव कुमार यादव (मौजूदा डीसीपी स्पेशल सेल) का किरदार निभाया था। निखिल आडवाणी के निर्देशन में बनी यह फिल्म 15 अगस्त 2019 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म की खूब प्रशंसा हुई थी।

बटला हाउस की खलील-उल्लाह मस्जिद के पास मौजूद एल-18 ने तो अपनी अलग ही पहचान बना ली थी। गूगल पर यदि आप एल-18 टाइप करते हैं तो आज भी एल-18 बटला हाउस ही खुलता है। एल-18 उस मकान का नंबर है, जिसमें 19 सितंबर 2008 को स्पेशल सेल ने इंडियन मुजाहिदीन के आतंकियां से मुठभेड़ की थी। 

एल-18 इतना मशहूर हुआ कि कई प्रतियोगी परीक्षाओं में भी इससे संबंधित सवाल पूछे जाने लगे थे। हालांकि वहां आसपास रहने वाले लोग इसे अच्छा नहीं मानते हैं। उनका कहना है कि पूरे इलाके पर यह एक बदनुमा दाग है जो शायद जिंदगी भर लगा रहेगा। बटला हाउस को लोगों ने जाना तो, लेकिन यदि किसी अच्छे काम के लिए जाना जाता तो अच्छा होता। बटला हाउस का नाम सुनकर आज भी लोगों के चेहरे पर शिकन पड़ जाती है।
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