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फर्जी कागजात पर कर्ज देने के आरोप में बैंक का पूर्व एजीएम गिरफ्तार

Mon, 22 Feb 2021 01:41 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 22 Feb 2021 01:41 AM IST
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Bank's former AGM arrested for giving loans on fake documents
गिरफ्तार पूर्व एजीएम। - फोटो : Ashram
नई दिल्ली। आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने फर्जी कागजात के जरिये लोन मुहैया करने के आरोप में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व एजीएम के कन्नदासन (60) को गिरफ्तार किया है। जांच में आरोपी पर फर्जीवाड़े के कई मामलों में शामिल होने की बात सामने आई है। फर्जीवाड़े के तीन अन्य मामलों में सीबीआई भी आरोपी के खिलाफ जांच कर रही है। शनिवार को चेन्नई से पकड़े गए आरोपी से पुलिस पूछताछ कर रही है।
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आर्थिक अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त डॉ. ओपी मिश्रा ने बताया कि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के मुख्य प्रबंधक वीके चौहान ने वर्ष 2019 में फर्जीवाड़े की शिकायत की थी। शिकायत के मुताबिक वर्ष 2012 में दीपक मल्होत्रा और उसकी मां इंदु बाला ने राधिका इंटरनेशनल की ओर से सेंट्रल बैंक की आनंद पर्वत शाखा में 2.25 करोड़ रुपये के कर्ज का आवेदन किया था। कर्ज के लिए करोलबाग की एक प्रॉपर्टी गिरवी रखी गई थी। बाद में दीपक मल्होत्रा ने पत्नी रुचि मल्होत्रा और मां इंदु बाला के साथ इसी ब्रांच ने मोर्टगेज स्कीम के तहत 58 लाख का कर्ज लिया। किस्त नहीं चुकाने पर बैंक ने दीपक मल्होत्रा और इंदु बाला के खाते की जांच की। जिसमें पता चला कि बैंक के पास जमा की गई बैलेंस शीट फर्जी है। साथ ही वह कोई व्यावसायिक गतिविधि भी नहीं कर रहे हैं। गिरवी रखी गई प्रॉपर्टी भी इंदु बाला के नाम नहीं थी। इस तरह से बैंक को 2.83 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।
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जांच में पता चला कि गिरवी रखी प्रॉपर्टी पर बैंक से लोन लेने से पहले ही दीपक की मां इंदु बाला कई लोगों को बेच चुकी थी। जांच में यह बात भी सामने आई कि कर्ज लेने के लिए जमा किए गए बैलेंस शीट, अकाउंट स्टेटमेंट और वैट रिपोर्ट भी फर्जी थे। साथ ही पता चला ऐसे कागजात कर्नाटक बैंक में भी गिरवी रखे गए हैं। इस पर ईओडब्ल्यू ने फर्जीवाड़े का एक मामला दर्ज कर लिया।
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जांच में यह बात सामने आई कि तत्कालीन मुख्य बैंक प्रबंधक ने उचित प्रक्रिया को अपनाए बिना लोन को मंजूरी दे दी। उसने बैंक द्वारा दिए शक्ति का दुरुपयोग किया। लोन को तत्कालीन मैनेजर के कन्नदासन ने स्वीकृत किया था। छानबीन के बाद 20 फरवरी को ईओडब्ल्यू की टीम ने चेन्नई निवासी के कन्नदासन को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। उसके खिलाफ सीबीआई ने भी फर्जीवाड़े का तीन मामला दर्ज किया था।
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