{"_id":"622bba44943fda2aff067c44","slug":"ban-on-arbitrary-holidays-in-aiims","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली : मंडाविया की टोक के बाद एम्स में मनमानी छुट्टियों पर रोक, 'गायब' कर्मचारियों पर होगी कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली : मंडाविया की टोक के बाद एम्स में मनमानी छुट्टियों पर रोक, 'गायब' कर्मचारियों पर होगी कार्रवाई
Sat, 12 Mar 2022 03:13 AM IST
दुष्यंत शर्मा
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 12 Mar 2022 03:13 AM IST
सार
तीन दिन से ज्यादा अवकाश पर रहे तो कर्मचारियों का जारी नहीं होगा वेतन। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने विभागाध्यक्षों की बैठक में उठाया था सवाल।
विज्ञापन
एम्स दिल्ली
- फोटो : फाइल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने अलग-अलग कारण बताकर ड्यूटी से नदारद रहने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का फैसला लिया है। इसके तहत तीन दिन से अधिक पूर्व सूचित अवकाश पर रहने वाले कर्मचारियों का तत्काल वेतन रोक दिया जाएगा। साथ ही, उनके खिलाफ नोटिस जारी होगा, जिसका सात दिन के भीतर जवाब देना जरूरी है। यह नियम लागू होने के साथ वर्तमान में अनुपस्थित कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।
विज्ञापन
मनमानी छुट्टियों पर एम्स प्रबंधन की यह रोक तब लगी है जब हाल ही में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों की अनुपस्थिति को लेकर टोका था। इसके बाद सभी विभागाध्यक्षों के साथ हुई बैठक में भी उन्होंने इस बारे में चर्चा की थी। ठीक इसी का जिक्र सफदरजंग अस्पताल के निरीक्षण के दौरान भी स्वास्थ्य मंत्री ने किया और वहां भी नियमों का पालन करने के निर्देश दिए थे।
विज्ञापन
दरअसल, सरकारी विभागों की तरह एम्स में भी कर्मचारियों के अवकाश को लेकर एक सिस्टम बना हुआ है। जब भी किसी कर्मचारी को लंबी अवधि के लिए अवकाश पर जाना होता है तो वह पहले संबंधित विभागाध्यक्ष या फिर यूनिट प्रमुख को पूर्व में सूचित कर अनुमति लेता है। हालांकि, आकस्मिक कारण आने पर भी कर्मचारी अवकाश ले सकता है, लेकिन वह तीन दिन से अधिक नहीं हो सकता, परंतु वास्तविकता कुछ और है।
विज्ञापन
कई बार कर्मचारी अपने अनुसार कारण बताकर एक-एक सप्ताह तक ड्यूटी से नदारद रहते हैं। कोविड महामारी के दौरान ऐसे कर्मचारियों की संख्या और भी बढ़ी। इसका असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने लगा। अन्य कर्मचारियों को क्षमता से अधिक कार्य भी करना पड़ रहा था। इसी अव्यवस्था को लेकर स्वास्थ्य मंत्री ने नाराजगी जताई थी।
सभी विभागों से मांगी सूची, होगी कार्रवाई
एम्स के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बीते सात मार्च को जारी निर्देशों के तहत सभी विभागों से पहले से सूचना न देकर अनुपस्थित कर्मचारियों की सूची मांगी है। एम्स प्रबंधन ने इन सभी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का फैसला लिया है। उन्होंने बताया कि अगले एक से दो दिन में अनुपस्थित कर्मचारियों की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद मनमानी छुट्टियों को लेकर नोटिस जारी होगा और उनका वेतन तत्काल रोक दिया जाएगा।