{"_id":"60b8fcb88ebc3e29b873a7fc","slug":"arrested-for-cheating-in-the-name-of-oxygen-cylinder-ashram-news-noi5852937179","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऑक्सीजन सिलिंडर के नाम पर ठगी करने वाले चार पकड़े","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऑक्सीजन सिलिंडर के नाम पर ठगी करने वाले चार पकड़े
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नई दिल्ली। दक्षिण जिला पुलिस ने ऑक्सीजन सिलिंडर के नाम पर ठगी करने वाले नालंदा, बिहार गिरोह का पर्दाफाश कर नाबालिग समेत चार आरोपियों को पकड़ा है। इनके पास से 15 मोबाइल, फर्जी आईडी से लिए गए 13 सिमकार्ड, तीन एटीएम कार्ड, चार फर्जी आधार कार्ड, दो फर्जी पेन कार्ड, पांच बैंक पासबुक और एक पोस्ट ऑफिस की बचत खाते की पासबुक बरामद की गई है।
दक्षिण जिला डीसीपी अतुल कुमार ठाकुर के अनुसार, ग्रेटर कैलाश-एक में रहने वाली हरलीन कौर ने ग्रेटर कैलाश-एक थानाध्यक्ष रितेश कुमार को शिकायत दी थी कि उसके दादा कोरोना पॉजिटिव हो गए थे। दादा को ऑक्सीजन सिलिंडर की जरूरत थी। उसे सोशल मीडिया पर एक नंबर मिला। उसने फोन किया तो पंकज नाम के शख्स ने फोन उठाया। आरोपी ने एक ऑक्सीजन सिलिंडर देने के लिए एडवांस में 7500 रुपये मांगे। आरोपी ने बैंक खाता नंबर भी दिया। हरलीन ने दो ऑक्सीजन सिलिंडर लेने के लिए 15 हजार रुपये जमा करा दिए। जब काफी समय तक सिलिंडर घर नहीं पहुंचे तो पीड़िता ने पंकज को फोन किया। पंकज का फोन बंद था। मामला दर्जकर एसीपी मनू हिमांशु की देखरेख में ग्रेटर कैलाश थानाध्यक्ष रितेश कुमार व चितरंजन पार्क थानाध्यक्ष वेदप्रकाश व एसआई संजीव कुमार की टीम ने जांच शुरू की।
पुलिस टीम ने एकाउंट नंबर की डिटेल खंगाली तो वह नालंदा, बिहार का था। टीम ने नालंदा, बिहार में स्थानीय पुलिस की सहायता से दबिश देकर नाबालिग समेत चार आरोपियों को पकड़ लिया। आरोपियों की पहचान शेखपुरा, बिहार निवासी बालेंद्र चौधरी, नालंदा निवासी गोपाल और कामेश्वर प्रसाद के रूप में हुई। ये सभी बालिग हैं। आरोपी ऑक्सीजन सिलिंडर के नाम पर संगठित गिरोह चलाकर लोगों के साथ ठगी कर रहे थे। नाबालिग एटीएम कार्ड का इंतजाम करता था। वह गरीब लोगों से उनका बैंक खाता व एटीएम कार्ड ले लेता और गोपाल को एक लाख रुपये में दे देता था। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी से जालसाजी के तीन केसों को सुलझाने का दावा किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
दक्षिण जिला डीसीपी अतुल कुमार ठाकुर के अनुसार, ग्रेटर कैलाश-एक में रहने वाली हरलीन कौर ने ग्रेटर कैलाश-एक थानाध्यक्ष रितेश कुमार को शिकायत दी थी कि उसके दादा कोरोना पॉजिटिव हो गए थे। दादा को ऑक्सीजन सिलिंडर की जरूरत थी। उसे सोशल मीडिया पर एक नंबर मिला। उसने फोन किया तो पंकज नाम के शख्स ने फोन उठाया। आरोपी ने एक ऑक्सीजन सिलिंडर देने के लिए एडवांस में 7500 रुपये मांगे। आरोपी ने बैंक खाता नंबर भी दिया। हरलीन ने दो ऑक्सीजन सिलिंडर लेने के लिए 15 हजार रुपये जमा करा दिए। जब काफी समय तक सिलिंडर घर नहीं पहुंचे तो पीड़िता ने पंकज को फोन किया। पंकज का फोन बंद था। मामला दर्जकर एसीपी मनू हिमांशु की देखरेख में ग्रेटर कैलाश थानाध्यक्ष रितेश कुमार व चितरंजन पार्क थानाध्यक्ष वेदप्रकाश व एसआई संजीव कुमार की टीम ने जांच शुरू की।
विज्ञापन
पुलिस टीम ने एकाउंट नंबर की डिटेल खंगाली तो वह नालंदा, बिहार का था। टीम ने नालंदा, बिहार में स्थानीय पुलिस की सहायता से दबिश देकर नाबालिग समेत चार आरोपियों को पकड़ लिया। आरोपियों की पहचान शेखपुरा, बिहार निवासी बालेंद्र चौधरी, नालंदा निवासी गोपाल और कामेश्वर प्रसाद के रूप में हुई। ये सभी बालिग हैं। आरोपी ऑक्सीजन सिलिंडर के नाम पर संगठित गिरोह चलाकर लोगों के साथ ठगी कर रहे थे। नाबालिग एटीएम कार्ड का इंतजाम करता था। वह गरीब लोगों से उनका बैंक खाता व एटीएम कार्ड ले लेता और गोपाल को एक लाख रुपये में दे देता था। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी से जालसाजी के तीन केसों को सुलझाने का दावा किया है।
विज्ञापन