{"_id":"697648c259755e44af029c35","slug":"aiims-has-issued-a-warning-regarding-fake-recruitment-advertisements-ashram-news-c-340-1-del1011-121698-2026-01-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi News: एम्स ने फर्जी भर्ती विज्ञापनों को लेकर जारी की चेतावनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi News: एम्स ने फर्जी भर्ती विज्ञापनों को लेकर जारी की चेतावनी
विज्ञापन
संविदा भर्ती के प्रसारित विज्ञापनों को फर्जी दिया करार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एम्स ने फर्जी भर्ती विज्ञापनों को लेकर लोगों को आगाह किया है। इस संबंध में संविदा भर्ती के विज्ञापनों को फर्जी करार दिया है। एम्स के अनुसार, उसके नाम से फर्जी और अनधिकृत भर्ती विज्ञापन एवं आवेदन पत्र प्रसारित किए जा रहे हैं।
इसमें तीन वर्षों के लिए संविदा भर्ती और संदर्भ संख्या 2329 जैसे भ्रामक विवरण दिए जा रहे हैं जो पूरी तरह असत्य हैं। एम्स ने स्पष्ट किया है कि संस्थान द्वारा संदर्भ संख्या 2329 के तहत कोई भी भर्ती विज्ञापन या आवेदन पत्र जारी नहीं किया गया है। एम्स सीधे हस्तलिखित या ऑफलाइन आवेदन के माध्यम से संविदा पदों पर भर्ती नहीं करता। एम्स में संविदा कर्मियों की भर्ती केवल सरकारी ई-मार्केटप्लेस पोर्टल के माध्यम से चयनित अधिकृत आउटसोर्सिंग एजेंसियों द्वारा ही की जाती है।
एम्स मीडिया सेल की प्रमुख डॉ. रीमा दादा ने कहा कि प्रसारित विज्ञापन पूरी तरह से फर्जी और असत्य है। एम्स किसी भी व्यक्ति, एजेंट या निजी एजेंसी को भर्ती के नाम पर आवेदन पत्र, शुल्क, डिमांड ड्राफ्ट या व्यक्तिगत दस्तावेज एकत्र करने के लिए अधिकृत नहीं करता है। अगर किसी से एम्स के नाम पर शुल्क या नियुक्ति का आश्वासन मांगा जाता है तो वह पूरी तरह धोखाधड़ी है। इस संबंध में एम्स ने एक संस्था की पहचान की है। यह संस्था एम्स दिल्ली के नाम पर फर्जी आउटसोर्सिंग एजेंसी बनकर व्हाट्सएप समूहों में आवेदन पत्र और टेंडर दस्तावेज प्रसारित कर रही है।
विज्ञापन
एम्स करेगा सख्त कार्रवाई
एम्स की लोगों से अपील है कि वह ऐसी किसी भी गतिविधि से दूर रहें और सतर्क रहें। उन्होंने बताया कि फर्जी विज्ञापनों के झांसे में आकर होने वाले किसी भी नुकसान के लिए संस्थान जिम्मेदार नहीं होगा। एम्स के नाम और लोगो का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एम्स ने फर्जी भर्ती विज्ञापनों को लेकर लोगों को आगाह किया है। इस संबंध में संविदा भर्ती के विज्ञापनों को फर्जी करार दिया है। एम्स के अनुसार, उसके नाम से फर्जी और अनधिकृत भर्ती विज्ञापन एवं आवेदन पत्र प्रसारित किए जा रहे हैं।
इसमें तीन वर्षों के लिए संविदा भर्ती और संदर्भ संख्या 2329 जैसे भ्रामक विवरण दिए जा रहे हैं जो पूरी तरह असत्य हैं। एम्स ने स्पष्ट किया है कि संस्थान द्वारा संदर्भ संख्या 2329 के तहत कोई भी भर्ती विज्ञापन या आवेदन पत्र जारी नहीं किया गया है। एम्स सीधे हस्तलिखित या ऑफलाइन आवेदन के माध्यम से संविदा पदों पर भर्ती नहीं करता। एम्स में संविदा कर्मियों की भर्ती केवल सरकारी ई-मार्केटप्लेस पोर्टल के माध्यम से चयनित अधिकृत आउटसोर्सिंग एजेंसियों द्वारा ही की जाती है।
विज्ञापन
एम्स मीडिया सेल की प्रमुख डॉ. रीमा दादा ने कहा कि प्रसारित विज्ञापन पूरी तरह से फर्जी और असत्य है। एम्स किसी भी व्यक्ति, एजेंट या निजी एजेंसी को भर्ती के नाम पर आवेदन पत्र, शुल्क, डिमांड ड्राफ्ट या व्यक्तिगत दस्तावेज एकत्र करने के लिए अधिकृत नहीं करता है। अगर किसी से एम्स के नाम पर शुल्क या नियुक्ति का आश्वासन मांगा जाता है तो वह पूरी तरह धोखाधड़ी है। इस संबंध में एम्स ने एक संस्था की पहचान की है। यह संस्था एम्स दिल्ली के नाम पर फर्जी आउटसोर्सिंग एजेंसी बनकर व्हाट्सएप समूहों में आवेदन पत्र और टेंडर दस्तावेज प्रसारित कर रही है।
विज्ञापन
एम्स करेगा सख्त कार्रवाई
एम्स की लोगों से अपील है कि वह ऐसी किसी भी गतिविधि से दूर रहें और सतर्क रहें। उन्होंने बताया कि फर्जी विज्ञापनों के झांसे में आकर होने वाले किसी भी नुकसान के लिए संस्थान जिम्मेदार नहीं होगा। एम्स के नाम और लोगो का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।