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दस माह बाद कॉलेज में खुली छात्रों की एंट्री
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नई दिल्ली। कोरोना महामारी के कारण मार्च 2020 से बंद दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों में सोमवार को छात्रों की एंट्री खुल गई। सोमवार को चेहरे पर मुस्कान लिए छात्र कॉलेज पहुंचे। हालांकि छात्रों की संख्या काफी कम रही। जबकि कॉलेजों ने कोविड-19 सुरक्षा उपायों को लेकर काफी तैयारी की थी। कॉलेजों को उम्मीद है कि अगले सप्ताह से छात्रों की संख्या बढ़ेगी।
डीयू मेें सोमवार से अंतिम वर्ष के छात्रों को प्रयोगशालाओं व लाइब्रेरी में प्रवेश की अनुमति दी गई थी। छात्रों के साथ ही शिक्षकों में काफी उत्साह था। कॉलेज में दिशा-निर्देश का पालन करवाते हुए ही छात्रों को प्रवेश दिया गया। राजधानी कॉलेज ने रविवार को ही तैयारी कर ली थी। सुबह 9 बजे के बाद छात्रों के आने का सिलसिला शुरू हुआ। छात्र खुद भी मास्क लगाकर, ग्लब्स पहनकर पहुंचे थे।
एंट्री से पहले ना केवल उनके शरीर का तापमान मापा गया बल्कि टच फ्री सैनिटाइजर मशीन से उन्होंने अपने हाथों को सैनिटाइज भी किया गया। सामाजिक दूरी का पालन करवाते हुए उन्हें लैब व लाइब्रेरी में प्रवेश दिया गया। वहीं भी उन्हें सामाजिक दूरी का पालन करवाकर बिठाया गया।
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कॉलेज प्रिंसिपल डॉ राजेश गिरी ने बताया कि हमने छात्रों के सुरक्षा उपायों को लेकर ज्यादा तैयारी की थी लेकिन छात्र कम ही आए। वह कहते हैं कि ऐसा संभव है कि किसान आंदोलन के कारण बॉर्डर पर हो रही समस्या के कारण छात्र नहीं आए हों।
रामजस कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ मनोज खन्ना ने बताया कि कोविड-19 के मद्देनजर कॉलेज ने काफी तैयारी की थी लेकिन छात्र ना के बराबर पहुंचे। एक स्ट्रीम में एक विषय की बात करें तो एक-दो-एक दो छात्र ही आए। आगे छात्रों की संख्या बढ़ेगी या नहीं, यह कहना अभी मुश्किल है। छात्रों की संख्या को लेकर यदि प्रशासन की ओर से फीडबैक मांगा जाता है तो दिया जाएगा।
रामानुजन कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ एसपी अग्रवाल ने कहा कि उनके यहां 100 से 150 के आसपास छात्र कॉलेज पहुंचे। लाइब्रेरी में सीमित संख्या में बच्चों को प्रवेश दिया गया और सामाजिक दूरी का पालन करवाया गया। जो छात्र कॉलेज पहुंचे उनमें काफी उत्साह दिखा, कॉलेज में वह दोस्तों के साथ मिलकर सेल्फी लेते नजर आए।
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डीयू मेें सोमवार से अंतिम वर्ष के छात्रों को प्रयोगशालाओं व लाइब्रेरी में प्रवेश की अनुमति दी गई थी। छात्रों के साथ ही शिक्षकों में काफी उत्साह था। कॉलेज में दिशा-निर्देश का पालन करवाते हुए ही छात्रों को प्रवेश दिया गया। राजधानी कॉलेज ने रविवार को ही तैयारी कर ली थी। सुबह 9 बजे के बाद छात्रों के आने का सिलसिला शुरू हुआ। छात्र खुद भी मास्क लगाकर, ग्लब्स पहनकर पहुंचे थे।
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एंट्री से पहले ना केवल उनके शरीर का तापमान मापा गया बल्कि टच फ्री सैनिटाइजर मशीन से उन्होंने अपने हाथों को सैनिटाइज भी किया गया। सामाजिक दूरी का पालन करवाते हुए उन्हें लैब व लाइब्रेरी में प्रवेश दिया गया। वहीं भी उन्हें सामाजिक दूरी का पालन करवाकर बिठाया गया।
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कॉलेज प्रिंसिपल डॉ राजेश गिरी ने बताया कि हमने छात्रों के सुरक्षा उपायों को लेकर ज्यादा तैयारी की थी लेकिन छात्र कम ही आए। वह कहते हैं कि ऐसा संभव है कि किसान आंदोलन के कारण बॉर्डर पर हो रही समस्या के कारण छात्र नहीं आए हों।
रामजस कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ मनोज खन्ना ने बताया कि कोविड-19 के मद्देनजर कॉलेज ने काफी तैयारी की थी लेकिन छात्र ना के बराबर पहुंचे। एक स्ट्रीम में एक विषय की बात करें तो एक-दो-एक दो छात्र ही आए। आगे छात्रों की संख्या बढ़ेगी या नहीं, यह कहना अभी मुश्किल है। छात्रों की संख्या को लेकर यदि प्रशासन की ओर से फीडबैक मांगा जाता है तो दिया जाएगा।
रामानुजन कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ एसपी अग्रवाल ने कहा कि उनके यहां 100 से 150 के आसपास छात्र कॉलेज पहुंचे। लाइब्रेरी में सीमित संख्या में बच्चों को प्रवेश दिया गया और सामाजिक दूरी का पालन करवाया गया। जो छात्र कॉलेज पहुंचे उनमें काफी उत्साह दिखा, कॉलेज में वह दोस्तों के साथ मिलकर सेल्फी लेते नजर आए।