ऑक्सीजन के बाद पानी की किल्लत: यमुना में घटते जलस्तर से दिल्ली के अस्पतालों में बढ़ सकती हैं मुश्किलें, चड्ढा ने सीएम खट्टर से की अपील
दिल्ली को कोरोना महामारी के साथ अब गहरे जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली के तीनों वाटर ट्रीटमेंट प्लांटों के अंदर अब उतना जल नहीं है जितने से निर्बाध तरीके से संपूर्ण दिल्ली में वाटर सप्लाई जारी रह सके।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिल्ली को कोरोना महामारी के साथ अब गहरे जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली के तीनों वाटर ट्रीटमेंट प्लांटों के अंदर अब उतना जल नहीं है जितने से निर्बाध तरीके से संपूर्ण दिल्ली में वाटर सप्लाई जारी रह सके। दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से आग्रह किया है कि वह जितना जल्दी हो सके यमुना में पर्याप्त पानी छुड़वाएं नहीं तो दिल्ली के अंदर घरों में तो दूर अस्पतालों में भी वाटर सप्लाई मिलना मुश्किल हो जाएगा। हरियाणा ने यमुना में दिल्ली के लिए जल्द पर्याप्त पानी ने छोड़ा तो राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पेय जल आपूर्ति पूरी तरह बंद हो जाएगी।
राघव चड्ढा ने शनिवार को कहा कि यमुना नदी में पानी का स्तर घटने से दिल्ली के कई हिस्सों में पीने के पानी की कमी गई है। आने वाले दिनों में शहर के अस्पतालों पर भी इसका असर पड़ सकता है। उन्होंने सीएम मनोहर लाल खट्टर से कोरोना महामारी की इस संकट की घड़ी में दिल्ली वासियों की मदद करने की अपील की है।
चड्ढा ने कहा कि वजीराबाद तालाब का जल स्तर 674.5 फुट सामान्य की बजाय 667.20 फुट पर आ गया है। यमुना में घटे जल स्तर के कारण तीनों वाटर ट्रीटमेंट प्लांट वजीराबाद, ओांला और चंद्रावल के अंदर जल उत्पादन कम हो गया है। जिसके कारण पूरी दिल्ली में कई आवासीय क्षेत्रों के अंदर पानी की आपूर्ति घट गई है। इसका असर आने वाले दिनों में दिल्ली के अस्पतालों पर भी पड़ सकता है।