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राजधानी में रिकॉर्ड 10774 संक्रमित मिले, 48 की मौत

Mon, 12 Apr 2021 01:41 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 12 Apr 2021 01:41 AM IST
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A record 10774 infected were found in the capital, 48 died
नई दिल्ली। कोरोना की चौथी लहर का सामना कर रही दिल्ली में रविवार को संक्रमण के केस ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बीते 24 घंटे में संक्रमण के 10,774 नए केस मिले, जो अब तक का सर्वाधिक है। इससे पहले 11 नवंबर, 2020 को 8593 लोग संक्रमित पाए गए थे। जाहिर है कि दिल्ली कोरोना महामारी के तीसरे पीक के काफी नजदीक पहुंच चुकी है।
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स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, पिछले एक दिन में 48 लोगों की कोरोना से मौत हो गई, जबकि, 5158 मरीज स्वस्थ हुए। दिल्ली में पहली बार एक दिन में एक लाख 14 हजार से भी ज्यादा नमूनों की जांच की गई। इनमें 76 हजार आरटी-पीसीआर तकनीक से हुई। दिल्ली में अब कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 7,25,197 हो चुकी है। इनमें से 6,79,573 स्वस्थ हो चुके हैं। अब तक इस महामारी से 11,283 लोगों की मौत हो चुकी है। सक्रिय मामले भी 34341 हो चुके हैं। इनमें से 17,093 मरीज आइसोलेशन में हैं। अस्पतालों में 6216 रोगियों का इलाज चल रहा है और 258 मरीज कोविड केंद्रों में भर्ती हैं। कंटेनमेंट जोन की संख्या बढ़कर 5705 हो गई है।
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केस बढ़े, संक्रमण दर कम
कोरोना के मामले भले ही तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन संक्रमण दर अभी भी 10 फीसदी से कम है। पिछले साल जब 11 नवंबर को दिल्ली में सबसे ज्यादा केस आए थे, उस दौरान संक्रमण दर 13.40 फीसदी थी। तब एक दिन में 64,121 नमूनों की जांच हुई थी। वर्तमान स्थिति तुलना करें तो पिछले एक दिन में 9.43 फीसदी संक्रमण दर थी। आरटी पीसीआर जांच में भी कई गुना बढ़ोतरी हुई है।
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संक्रमण में बदलाव और लापरवाही बड़ी वजह
संक्रमण के आकड़े बढ़ने पर सफदरजंग अस्पताल के कम्युनिटी मेडिसन विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर जुगल किशोर बताते हैं कि कोरोना के तेजी से फैलने की एक बड़ी वजह है वायरस का म्यूटेंट करना। संक्रमण में जो बदलाव हुए हैं। वह उसे तेजी से फैलने में सक्षम बना रहा है। दूसरी वजह लोगों का सावधानी न बरतना है। वैक्सीन आने के बाद लोगों ने टीका लगवाया हो या नहीं, लेकिन सबने यह मान लिया है कि मास्क पहनना और दो गज की दूरी रखना जरूरी नहीं है।
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कोरोना लहरों के पीक
पहली लहर : 23 जून को, सबसे ज्यादा 3947 मरीज मिले और 68 लोगों की मौत हुई थी।
दूसरी लहर : 16 सितंबर को एक दिन में सबसे ज्यादा 4473 मरीज मिले और 33 लोगों की मौत हुई थी।
तीसरी लहर का पीक : 11 नवंबर को, 8953 संक्रमित मरीज मिले थे और 79 लोगों की मौत हुई थी।
चौथी लहर- 31 मार्च से चल रही है। 11 अप्रैल को 10,774 मामले आए हैं, 48 लोगों की मौत हुई है।
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चारों लहर में जांच, मौत के आंकड़ों में अंतर
लहर- जांच- मौत
23 जून- 16952- 68
16 सितंबर-62593 -33
11 नवंबर- 64121- 85
11 अप्रैल-114288 - 48
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अभी तक के रिकॉर्ड
एक दिन में सबसे ज्यादा मरीज- 11 अप्रैल को 10774
एक दिन में सबसे ज्यादा मरीज ठीक हुए - 20 नवंबर को 8775
एक दिन में सबसे ज्यादा मौतें- 18 नवंबर को 131
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कोरोना टाइम लाइन
-2 मार्च : पहला मामला
-13 मार्च : पहली मौत
-16 मार्च : पहले मरीज ने कोरोना से जंग जीती
-15 अप्रैल : पहली बार कोरोना मरीज को प्लाजमा दिया गया
-02 जुलाई : देश का सबसे पहला प्लाज्मा बैंक दिल्ली में बना
-13 जनवरी : दिल्ली पहुंची वैक्सीन की पहली खेप
16 जनवरी : कोरोना का पहला टीका
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नोट- आंकड़े स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक हैं।
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