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आठवीं पास साइबर ठग ने शिक्षक के खाते से उड़ाए 10.50 लाख
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नई दिल्ली। उत्तर-पूर्वी जिले में आठवीं पास साइबर ठग ने एक गेस्ट टीचर के खाते से 10.50 लाख रुपये उड़ा लिए। आरोपी ने पीड़ित के तीन क्रेडिट कार्ड से सोने की खरीदारी कर ली। जांच के बाद साइबर पुलिस ने आरोपी को रविवार को उत्तर नगर से गिरफ्तार कर लिया। उसकी पहचान संदीप उर्फ रिशु (22) के रूप में हुई है। आरोपी के पास से तीन मोबाइल, एक गाड़ी, 34,500 रुपये व अन्य सामान बरामद किया है। आरोपी छह अन्य मामलों में भी शामिल रहा है। कुकर्म के एक मामले में आरोपी एक साल जेल में भी रहा है। पुलिस तीन दिन की रिमांड पर लेकर आरोपी से पूछताछ कर रही है।
उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त संजय कुमार सेन ने बताया कि 23 अक्तूबर को नॉर्थ घोंडा के सुभाष मोहल्ला निवासी रहीसुद्दीन ने साइबर ठगी की शिकायत दी थी। पीड़ित ने बताया कि उसके इंडसइंड बैंक, आरबीएल और एसबीआई बैंक के तीन क्रेडिट कार्ड से खरीदारी कर 10.50 लाख का नुकसान पहुंचाया गया है। भजनपुरा थाने में मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई।
साइबर पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी विकास कुमार, एसआई नरेश कुमार व अन्य ने जांच शुरू की। पुलिस को पता चला कि 6.50 लाख के जेवरात दिल्ली के सुभाष नगर के एक शोरूम से खरीदे गए। ऑनलाइन पेमेंट करने के बाद आरोपी जेवरात शोरूम से खुद ही ले गया। इसके बाद दूसरी बार पीड़ित को उसके रुपये वापस करने के नाम पर उसके दूसरे क्रेडिट कार्ड की जानकारी लेकर मुंबई के एक शोरूम से चार लाख के सोने के सिक्के खरीदे गए। पुलिस दिल्ली स्थित शोरूम पर पहुंची तो पता चला कि आरोपी फर्जी आधार कार्ड देकर निकला है। पुलिस ने शोरूम की सीसीटीवी फुटेज जुटाई। पुलिस ने काफी प्रयासों के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
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कई कॉल सेंटरों में कर चुका है काम
आठवीं पास आरोपी संदीप कई कॉल सेंटरों में काम कर चुका है। उसके पास हजारों लोगों के क्रेडिट कार्ड का डाटा मौजूद था। खासकर इंडसइंड बैंक के ग्राहकों का। आरोपी सबसे पहले किसी भी अज्ञात नंबर पर कॉल करता था। ट्रू-कॉलर की मदद से उस नंबर से जुड़ी जीमेल आईडी आसानी से पता चल जाती थी। आरोपी उसी मोबाइल नंबर को पासवर्ड के रूप में डालता था। इसके बाद 10 में किसी एक के जीमेल का पासवर्ड उसका मोबाइल नंबर ही होता था। जीमेल हैक करने के बाद आरोपी पीड़ित के क्रेडिट कार्ड की जानकारी जुटाकर उसका पासवर्ड जीमेल पर मंगाकर आसानी से ठगी कर लेता था। इंडसइंड बैंक के तो आरोपी सीवीवी नंबर बदलकर ठगी को अंजाम देता था।
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उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त संजय कुमार सेन ने बताया कि 23 अक्तूबर को नॉर्थ घोंडा के सुभाष मोहल्ला निवासी रहीसुद्दीन ने साइबर ठगी की शिकायत दी थी। पीड़ित ने बताया कि उसके इंडसइंड बैंक, आरबीएल और एसबीआई बैंक के तीन क्रेडिट कार्ड से खरीदारी कर 10.50 लाख का नुकसान पहुंचाया गया है। भजनपुरा थाने में मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई।
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साइबर पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी विकास कुमार, एसआई नरेश कुमार व अन्य ने जांच शुरू की। पुलिस को पता चला कि 6.50 लाख के जेवरात दिल्ली के सुभाष नगर के एक शोरूम से खरीदे गए। ऑनलाइन पेमेंट करने के बाद आरोपी जेवरात शोरूम से खुद ही ले गया। इसके बाद दूसरी बार पीड़ित को उसके रुपये वापस करने के नाम पर उसके दूसरे क्रेडिट कार्ड की जानकारी लेकर मुंबई के एक शोरूम से चार लाख के सोने के सिक्के खरीदे गए। पुलिस दिल्ली स्थित शोरूम पर पहुंची तो पता चला कि आरोपी फर्जी आधार कार्ड देकर निकला है। पुलिस ने शोरूम की सीसीटीवी फुटेज जुटाई। पुलिस ने काफी प्रयासों के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
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कई कॉल सेंटरों में कर चुका है काम
आठवीं पास आरोपी संदीप कई कॉल सेंटरों में काम कर चुका है। उसके पास हजारों लोगों के क्रेडिट कार्ड का डाटा मौजूद था। खासकर इंडसइंड बैंक के ग्राहकों का। आरोपी सबसे पहले किसी भी अज्ञात नंबर पर कॉल करता था। ट्रू-कॉलर की मदद से उस नंबर से जुड़ी जीमेल आईडी आसानी से पता चल जाती थी। आरोपी उसी मोबाइल नंबर को पासवर्ड के रूप में डालता था। इसके बाद 10 में किसी एक के जीमेल का पासवर्ड उसका मोबाइल नंबर ही होता था। जीमेल हैक करने के बाद आरोपी पीड़ित के क्रेडिट कार्ड की जानकारी जुटाकर उसका पासवर्ड जीमेल पर मंगाकर आसानी से ठगी कर लेता था। इंडसइंड बैंक के तो आरोपी सीवीवी नंबर बदलकर ठगी को अंजाम देता था।