{"_id":"5c1fc9c1bdec2256fd70f4e2","slug":"71545587137-delhi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हर इंसान के अंदर एक प्रतिभा होती है:राजेंद्र पाल गौतम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हर इंसान के अंदर एक प्रतिभा होती है:राजेंद्र पाल गौतम
विज्ञापन
हर इंसान के अंदर होती है प्रतिभा: राजेंद्र पाल गौतम
- द्वारका में आयोजित कार्यक्रम में बोले दिल्ली सरकार के समाज कल्याण मंत्री
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। हर इंसान के अंदर एक प्रतिभा होती है जो लैंगिक भेदभाव की मोहताज नहीं होती। ट्रांसजेंडर अपनी जिंदगी गुमनामी में गुजार देते हैं। समाज उनका उपहास करता है, लेकिन इसमें इनका कोई दोष नहीं होता। प्रकृति किसी के साथ भी ऐसा कर सकती है। जब संविधान ने इन्हे बराबरी का दर्जा दिया है तो हम इन्हे समाज की मुख्यधारा से अलग करने वाले कौन हैं। इन्हें भी बराबरी का दर्जा मिले, जिसके वे हकदार हैं। यह बातें दिल्ली सरकार के समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र गौतम ने द्वारका में आयोजित कार्यक्रम में कहीं।
गौतम ने कहा कि पहली बार किसी सरकार ने ट्रांसजेंडर समुदाय को एक मंच दिया है। तकि वह यहां अपने हुनर को पहचान दे सकें। रेड फेस्टिवल के नाम से इस कार्यक्रम की शुरुआत द क्वार्ट्ज प्रोजेक्ट के तहत की जा रही है।
ट्रांसजेंडर एक्टिविस्ट अर्पित ने कहा कि इतिहास में पहली बार इस तरह की पहल किसी सरकार ने की है। यह बड़ी हिम्मत का काम है। अक्सर समाज हमें सिरे से नकार देता है। ट्रांसजेंडर एक्टिविस्ट और मॉडल रुद्राणी छेत्री ने कहा हमें इतने बड़े मंच पर सम्मानित करना अपने आप में बताता है कि किस तरह नजरिया बदल रहा है। नाज जोशी ने कहा कि हाल ही में ट्रांसजेंडर कमेटी का गठन के बाद अब ट्रांसजेंडर वेलफेयर बोर्ड का गठन भी किया जा रहा है। अस्मिता थियेटर ग्रुप के नुक्कड़ नाटक पहचान ने समलैंगिक और किन्नर समुदाय से जुड़ी समस्याओं को दर्शाया। क्लासिकल और सेमी क्लासिकल नृत्य में खूबसूरत प्रतिभाएं भी पेश की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
- द्वारका में आयोजित कार्यक्रम में बोले दिल्ली सरकार के समाज कल्याण मंत्री
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। हर इंसान के अंदर एक प्रतिभा होती है जो लैंगिक भेदभाव की मोहताज नहीं होती। ट्रांसजेंडर अपनी जिंदगी गुमनामी में गुजार देते हैं। समाज उनका उपहास करता है, लेकिन इसमें इनका कोई दोष नहीं होता। प्रकृति किसी के साथ भी ऐसा कर सकती है। जब संविधान ने इन्हे बराबरी का दर्जा दिया है तो हम इन्हे समाज की मुख्यधारा से अलग करने वाले कौन हैं। इन्हें भी बराबरी का दर्जा मिले, जिसके वे हकदार हैं। यह बातें दिल्ली सरकार के समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र गौतम ने द्वारका में आयोजित कार्यक्रम में कहीं।
गौतम ने कहा कि पहली बार किसी सरकार ने ट्रांसजेंडर समुदाय को एक मंच दिया है। तकि वह यहां अपने हुनर को पहचान दे सकें। रेड फेस्टिवल के नाम से इस कार्यक्रम की शुरुआत द क्वार्ट्ज प्रोजेक्ट के तहत की जा रही है।
विज्ञापन
ट्रांसजेंडर एक्टिविस्ट अर्पित ने कहा कि इतिहास में पहली बार इस तरह की पहल किसी सरकार ने की है। यह बड़ी हिम्मत का काम है। अक्सर समाज हमें सिरे से नकार देता है। ट्रांसजेंडर एक्टिविस्ट और मॉडल रुद्राणी छेत्री ने कहा हमें इतने बड़े मंच पर सम्मानित करना अपने आप में बताता है कि किस तरह नजरिया बदल रहा है। नाज जोशी ने कहा कि हाल ही में ट्रांसजेंडर कमेटी का गठन के बाद अब ट्रांसजेंडर वेलफेयर बोर्ड का गठन भी किया जा रहा है। अस्मिता थियेटर ग्रुप के नुक्कड़ नाटक पहचान ने समलैंगिक और किन्नर समुदाय से जुड़ी समस्याओं को दर्शाया। क्लासिकल और सेमी क्लासिकल नृत्य में खूबसूरत प्रतिभाएं भी पेश की गई।
विज्ञापन