{"_id":"630fed208dad57757951bb3d","slug":"70-lakh-rupees-cheated-from-woman-in-the-name-of-booking-flat","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fraud: फ्लैट बुक कराने के नाम पर महिला से 70 लाख रुपये ठगे, पुलिस ने दो बिल्डरों को किया गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fraud: फ्लैट बुक कराने के नाम पर महिला से 70 लाख रुपये ठगे, पुलिस ने दो बिल्डरों को किया गिरफ्तार
Thu, 01 Sep 2022 04:52 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 01 Sep 2022 04:52 AM IST
सार
पीड़िता ने बताया कि निजी बिल्डर दरियो सिंह, इसके बेटे सुनील दहिया और संजय दहिया ने गुरुग्राम सेक्टर-74 में साइबर पार्क प्रोजेक्ट में फ्लैट बुक करने का झांसा दिया था।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : istock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गुरुग्राम सेक्टर-74 के साइबर पार्क प्रोजेक्ट में फ्लैट बुक कराने के बाद हर माह बढ़िया रिटर्न देने का झांसा देकर ठगी करने वाले दो बिल्डर भाइयों को दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सेक्टर-56, गुरुग्राम निवासी सुनील दहिया और इसका छोटा भाई संजय दहिया के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक दोनों के खिलाफ पहले से 13 और मामले दर्ज हैं। एक महिला से 70 लाख रुपये ठगने के आरोप में आर्थिक अपराध शाखा ने इन्हें गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन
आर्थिक अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त जितेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि शारदा चौधरी नामक महिला ने ठगी की शिकायत दी थी। पीड़िता ने बताया कि निजी बिल्डर दरियो सिंह, इसके बेटे सुनील दहिया और संजय दहिया ने गुरुग्राम सेक्टर-74 में साइबर पार्क प्रोजेक्ट में फ्लैट बुक करने का झांसा दिया था।
विज्ञापन
पांच साल में कब्जा देने और फ्लैट बुक करने वाले हर व्यक्ति को 120 रुपये स्क्वायर फुट के हिसाब से हर माह रिटर्न देने की बात कही थी। शारदा ने 2012 में दो यूनिट बुक करने के बाद 70 लाख रुपये दे दिए। उसे न तो फ्लैट मिले और न ही हर माह मिलने वाला रिटर्न। रिटर्न के नाम पर जो चेक दिए गए वे भी बाउंस हो गए।
विज्ञापन
आर्थिक अपराध शाखा की जांच में पता चला कि आरोपियों ने विग्नेश्वरा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से कंपनी बनाई हुई थी। इन्होंने एक ही पते पर 15 और कंपनियों को रजिस्टर्ड किया हुआ था।
जिस प्रोजेक्ट के नाम पर निवेश करवाया, वहां कोई निर्माण नहीं
साइबर पार्क के जिस प्रोजेक्ट के नाम पर निवेश करवाया गया था, वहां कोई निर्माण नहीं था। सोमवार को एसीपी नगीन कौशिक और इंस्पेक्टर पंकज कुमार व अन्यों की टीम ने आरोपियों को सेक्टर-56 स्थित जलवायु टॉवर से आरोपियों गिरफ्तार कर लिया। ठगी में शामिल इनके पिता की मौत हो चुकी है।