दिल्ली : ई-वाहनों की खरीदारी के लिए ऋण पर मिलेगी पांच फीसदी की छूट
दिल्ली सरकार ने सीईएसएल के साथ किया समझौता। ई-रिक्शा, ई-कार्ट, ऑटो और हल्के मालवाहक वाहनों की खरीद पर मिलेगी राहत।
विस्तार
दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद के लिए ऋण पर ब्याज में पांच फीसदी सबवेंशन (राहत) प्रदान करने के लिए कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड (सीईएसएल) के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया। इसके तहत चुनिंदा ई-वाहनों की खरीद के लिए मिलने वाले लोन पर सरकार की ओर से वित्तीय राहत प्रदान की जाएगी।
दिल्ली सरकार की तरफ से परिवहन उपायुक्त विनोद कुमार यादव और सीईएसएल की ओर से पोलाश दास ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस मौके पर दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत, दिल्ली डायलॉग एंड डेवलपमेंट कमीशन के उपाध्यक्ष जस्मीन शाह, प्रमुख सचिव सह परिवहन आयुक्त आशीष कुंद्रा और विशेष आयुक्त एस.बी. दीपक कुमार मौजूद रहे।
इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के बाद दिल्ली सरकार ईवी की खरीद के लिए इजी फाइनेंसिंग के साथ ही ब्याज सबवेंशन प्रदान करने वाली पहली राज्य सरकार बन गई है। इससे दिल्ली में लिथियम-आयन बैटरी से संचालित होने वाले ई-रिक्शा, ई-कार्ट, इलेक्ट्रिक ऑटो, इलेक्ट्रिक लाइट गुड्स व्हीकल्स को बढ़ावा मिलेगा।
दिल्ली सरकार की ओर से इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद के लिए ऋण पर पांच फीसदी ब्याज सबवेंशन ईवी नीति के तहत 30,000 रुपये के खरीद प्रोत्साहन और 7,500 रुपये तक के स्क्रैप प्रोत्साहन के अतिरिक्त है। इस योजना के तहत इलेक्ट्रिक ऑटो और इलेक्ट्रिक लाइट कमर्शियल वाहन खरीददार 25,000 रुपये तक का अतिरिक्त लाभ उठा सकेंगे। दिल्ली सरकार अगस्त 2020 में अपनी महत्वाकांक्षी ईवी नीति के शुरू होने के बाद लगातार ई-वाहनाें को प्रोत्साहित करने के लिए प्रयासरत है।
पिछले साल की आखिरी तिमाही में आठ फीसदी ई-वाहनों की खरीद
अक्तूबर-दिसंबर 2021 के दौरान इलेक्ट्रिक वाहनों का दिल्ली में कुल वाहन बिक्री में आठ फीसदी से अधिक का योगदान रहा। अगस्त 2020 में दिल्ली ईवी नीति की घोषणा के बाद से 31,000 से अधिक ई-वाहनों की बिक्री हो चुकी है। आकर्षक लोन विकल्प अभी भी एक चुनौती है और माना जा रहा है कि परिवहन विभाग और सीईएसएल की भागीदारी से ई वाहनों की खरीद को और बढ़ावा मिलेगा।
चार्जिंग स्टेशनों-बैटरी स्वैपिंग के लिए समझौता
दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने क्लस्टर बस डिपो में चार्जिंग स्टेशनों और बैटरी स्वैपिंग की स्थापना के लिए कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड (सीईएसएल) के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत की मौजूदगी में परिवहन विभाग के उपायुक्त विनोद कुमार यादव और ऊर्जा दक्षता सेवा लिमिटेड (ईईएसएल) के उप महाप्रबंधक एन. मोहन ने इस पर हस्ताक्षर किए।
समझौते के तहत कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड (सीईएसएल) अपनी लागत और खर्च पर क्लस्टर बस डिपो के स्थान पर चार्जिंग इकाइयों, बुनियादी ढांचे की खरीद, स्थापना, संचालन और रखरखाव करेगी। जगह के उपयोग के लिए शुल्क का भुगतान सीईएसएल की ओर से दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) को प्रति माह एक रुपये प्रति किलोवाट की दर से किया जाएगा। अगर तीन ईसीएस (समतुल्य कार स्पेस) से अधिक स्थान की जरूरत है, तो प्रति ईसीएस प्रति माह 2000 रुपये अतिरिक्त शुल्क देना होगा। शुरुआती अनुबंध 10 वर्ष की होगा। एमओयू के तहत सीईएसएल तत्काल काम शुरू करेगा और चार महीनों में सभी स्टेशनों की स्थापना का काम पूरा हो जाएगा।
14 जगहों पर लगेंगे 84 चार्जिंग पॉइंट : रानी खेड़ा-एक, रानी खेड़ा-दो, रानी खेड़ा-तीन, राजघाट, दिलशाद गार्डन, सीमापुरी, बवाना सेक्टर-1, बवाना सेक्टर-5, कंझावला, कैर, ढिचाऊ कलां में डीटीसी क्लस्टर बस डिपो के परिसर में सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों और बैटरी स्वैपिंग स्टेशनों की स्थापना के लिए परिवहन विभाग और ईईएसएल द्वारा संयुक्त रूप से द्वारका सेक्टर-22, रेवला खानपुर और छतरपुर में जगह चिह्नित की गई हैं। 14 स्थानों में प्रत्येक में 6 चार्जिंग प्वाइंट होंगे। इनमें तीन प्वाइंट दो पहिया और तीन पहिया वाहनों के लिए होंगे।